महत्वपूर्ण जानकारी
————————
यह केवल दो पन्नों का महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। सभी वाहन चालकों से अनुरोध है कि इनकी कॉपी निकालकर अपने गाड़ी में सुरक्षित अवश्य रखें।
इन पन्नों में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि यदि वाहन पर फास्टैग नहीं लगा है या किसी कारणवश फास्टैग से भुगतान सफल नहीं हो पाता, तो चालक से टोल शुल्क का दुगना नगद भुगतान लिया जा सकता है। लेकिन यदि भुगतान यूपीआई के माध्यम से किया जाए, तो नियमानुसार केवल टोल राशि का 1.25 गुना ही देय होगा।
अक्सर देखा गया है कि टोलकर्मी फास्टैग न होने पर यूपीआई से भुगतान स्वीकार नहीं करते, या यूपीआई से भी दुगनी राशि लेकर नगद की रसीद दे देते हैं। यही स्थिति विवाद और झगड़े का मुख्य कारण बनती है।
इसलिए अपने अधिकारों की जानकारी रखें और आवश्यकता पड़ने पर इन दस्तावेज़ों का सहारा लें।
~ साभार: @NCIBHQ
आज की सबसे दुखद और शर्मनाक तस्वीर।
"सिस्टर, मेरी बेटी को सेनेटरी पैड चाहिए।
नीचे से ब्लड गिर रहा है।
पिता रो रहा है।
फ़्लाइट टाइम पर नहीं चल रही है।
और बुनियादी चीज़े एयरलाइन वालों के पास है नहीं।
प्रिय सनातनी साथियों।
मेरी ट्विटर द्वारा कुल कमाई: ₹2,334.85
मेरे द्वारा अतिरिक्त सहयोग: ₹5,100
कुल: ₹7,434.85 बेटियों की सहायता के लिए समर्पित।
कमाई का एक हिसा पिज़्ज़ा, बर्गर, कॉफ़ी छोड़ कर अगर इन बेटियों के कन्यादान में सहयोग करेंगे तो कहीं पुण्य ही कमाएंगे। में ये नहीं कह रहा की अपनी आजीविका इनके नाम कर दो मगर ११₹, २१₹ ५१₹ अगर आप नहीं निकाल पाते हैं बेटियों की शादी के लिए तो कौनसा सनातन धर्म आप अपना रहे हैं??
आप बात करते हैं की दलित भी सनातनी हैं तो सहयोग क्यों नहीं कर पा रहे??
जब एक बेटी दहेज के लिए आत्महत्या करती हैं तो पूरा देश मोमबत्ती लेके खड़ा हो जाता हैं तो क्या उस मोमबत्ती का खर्च एक बेटी की विदाई में सहयोग नहीं कर सकता??
दुर्गा का स्कैनर संलग्न है—आप सीधे बेटी के खाते में सहायता भेज सकते हैं।
आपकी छोटी सी मदद भी उनके जीवन में बड़ा सहारा बनेगी।
ये मेरी कोई निजी महत्वकांशा नहीं हैं। ये एक बेटी के बूढ़े बाप की और उन बेटियों को दुआ पाने का अवसर हैं। हमारे प्रयास से अभी तक गाँव और ऑनलाइन होकर करीब १ लाख + रुपयों का अरेंजमेंट हो चुका हैं। और आशा हैं की पूरा सहयोग हम करवा पायें।
जय श्री राम। 🙏
A Mumbai policeman accompanied a lone woman on a late night train, not to bother her but to keep her safe.
The coach was almost empty, so he stayed nearby to make her feel secure.
Small moments like this show real public service 🔥
ले छिली पेंसिल से उत्पन्न @azizkavish पढ़ इसको।
फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल में शामिल डॉ. शाहीन शाहिद ने कबूल किया है कि वह अपने साथी आतंकी डॉक्टरों के साथ मिलकर देश भर में हमलों की साजिश रच रही थी।
शाहीन ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह पिछले दो सालों से विस्फोटक जमा कर रही थी। धमाके वाले दिन, i20 कार लाल किला पहुंचने से पहले दिल्ली के कई इलाकों से गुजरी थी। कार दोपहर 2:30 बजे कनॉट प्लेस पहुंची थी और कुछ देर बाद वहां से निकल गई।
दिल्ली-NCR और पुलवामा में लगातार छापेमारी से अलफलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर आतंकी डॉ. उमर नबी दबाव में आ गया था। वह फरीदाबाद से जल्दबाजी में अधूरा तैयार IED लेकर कार से निकला, जिससे धमाका हुआ। इसलिए धमाके का असर सीमित रहा और क्रेटर या छर्रे नहीं मिले।
ISIS Major Bio-Terror Plot Foiled: Hyderabad Doctor Held in Gujarat for Planning Deadly Ricin Attacks
Following his arrest, the ATS traced Azad Suleman Sheikh (20), a tailor from Shamli, and Mohammad Suhail Mohammad Saleem Khan (23), a student from Lakhimpur Kheri. Both men were allegedly helping supply weapons and ammunition to Saiyed. The two were detained in Banaskantha district, and investigations revealed that the weapons originated from Hanumangarh in Rajasthan.
During the search, police found two Glock pistols, a Beretta, 30 live cartridges, and 4 kg of castor-bean mash, a substance used to produce ricin, one of the world’s most dangerous toxins.
The doctor, who allegedly completed his MBBS degree in China, is believed to have been preparing ricin in large quantities for possible use in a mass poisoning attack.
Ricin is a highly toxic poison derived from castor beans after the oil has been extracted. The substance has no known antidote if ingested, inhaled or injected. Castor oil, which is used for skincare and in various commercial products, does not contain the toxin.
Link to article in comments ⬇️