आदरणीय नेताजी श्री मुलायम सिंह यादव जी के आह्वान पर 2008 में हम समाजवादियों ने "डेरा डालो घेरा डालो"आंदोलन के जरिए तत्कालीन मायावती सरकार की खामियों को लेकर सड़कों पर जमकर संघर्ष किए थे,मैनें इसी आंदोलन में समाजवादी पार्टी के लिए अपना लहू भी दे दिया..
जय लोहिया
जय समाजवाद
श्री @Wangchuk66 जी को अपना अनशन खत्म करना चाहिए, ऐसे लोग जो निर्दयी और बर्बर हैं उनके सामने गांधीवादी तरीका काम नहीं करेगा
गांधी के हत्यारों के सामने गांधीवादी तरीके से विरोध करना गलत है
सोनम वांगचुक जी का जीवित रहना और प्रकृति, पर्यावरण, विज्ञान, लोकतंत्र के हित के लिए कार्य करते रहना अति आवश्यक है
जनता सब देख रही है और जनता सब समझ चुकी है, भाजपा एक्सपोज हो चुकी है अतः सोनम वांगचुक जी अपना अनशन खत्म करें ऐसी अपील है
बहुत बुरी लग गई, जब बात ख़ुद पर आई
पर जब औरों पर कही, तो न हुई कार्रवाई
काश उनके साथ भी ऐसा ही होता जो विपक्ष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हैं और सरासर झूठे आरोप लगाते हैं।
पक्षपात अन्याय का ही एक रूप है।
बड़ी साफ गोई से कहना चाहता हूं,अगर बीजेपी मंदिर धार्मिक भावना से जा रही है तो हम भी धार्मिक भावना से ही जा रहे हैं।
और अगर राजनीतिक भावना है तो हमारी भावना भी राजनीतिक समझ ले बीजेपी।
मेरे सवाल का जवाब बीजेपी के लोग दे की उनका भगवान और मंदिर से क्या रिश्ता है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी का यह इंटरव्यू नहीं देखा तो कुछ नहीं देखा. यह छोटा सा इंटरव्यू आपको सब कुछ समझा देगा.
जब पत्रकार अपनी पत्रकारिता धर्म को निभाता है तो सवालों पर ग़ुस्सा होना लाज़मी है @vishalpandeyk
राम के नाम पर राजनीति करने वालों की असली परीक्षा तब होती है, जब राम मंदिर से जुड़ा कोई गंभीर मामला सामने आता है। ऐसे समय में सबसे पहले सामने आकर सच बताना, निष्पक्ष जाँच कराना और दोषियों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करना सत्ता की जिम्मेदारी होती है।
श्रद्धा केवल मंचों से दिए गए भाषणों से नहीं, बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही से साबित होती है।
दोषियों पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई। आस्था का इस्तेमाल सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि उसकी गरिमा की रक्षा के लिए होना चाहिए। राम के नाम पर वोट माँगने वाले, राम के नाम पर उठे सवालों का सामना करने का साहस भी दिखाएँ।
"जो लखनऊ में भाजपा के विधायक है वो क्षेत्र बदलने की तैयारी में हैं, हम लोग क्षेत्र नहीं बदलने देंगे, विधायक बदल देंगे।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
PDA नुक्कड़ सभा से गांव-गांव, कस्बे-कस्बे, जिलों जिलों में जुड़िये और समाजवादी पार्टी को 2027 में विजयी बनाइये।
अपना अधिकार पाना है तो अपने समाज को जगाना है और PDA सरकार बनाना होगा।
आज लोहिया अस्पताल पहुँचकर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आदरणीय राजेंद्र चौधरी जी से भेंट कर उनका कुशलक्षेम जाना एवं डॉक्टरों से उनके स्वास्थ्य की स्थिति की जानकारी ली।
आख़िरकार सुरंगजीवियों को बाहर आना ही पड़ा क्योंकि अब अपयश का पानी सुरंग में गले तक भर गया है। फिर भी 140 करोड़ देशवासी और दुनियाभर के चंदा-दान देनेवाले सनातनी पूछ रहे हैं कि हर काम में आगे रहनेवाले, इस घोर-गंभीर मसले पर ख़ुद सामने क्यों नहीं आए, अपने से पीछेवाले को आगे क्यों कर दिया, क्या इसमें भी ये सोचकर साज़िश की गई है कि ‘महापाप’ के दोष और जनाक्रोश से ख़ुद को बचा लो और दूसरे को फँसाकर उससे सफ़ाई दिलवा दो। जो षड्यंत्रजीवी रहे हैं अब तो वो आपस में भी एक-दूसरे की मुख़बिरी कर रहे हैं। बँटवारे की लड़ाई सारे राज़ खोल देगी।
जो शातिर सेंध लगाकर, बोरी भरकर सुरंग के रास्ते बहुत दूर निकल गये हैं, वो ‘असली पापी’ याद रखें जहाँ भूमिगत मार्ग ख़त्म होगा, उस अगले छोर पर ‘सत्य’ उनके पापों की सज़ा देने के लिए प्रतीक्षा कर रहा है।
इन्हें न अयोध्या क्षमा करेगा, न देश, न वो परम प्रभु, जिसके ख़ज़ाने को इन्होंने बेरहमी, बेदर्दी और बेशर्मी से लूटा है।
जब प्रेस कॉन्फ्रेंस के बीच अखिलेश एक पत्रकार से चंदा मांगने लगे, बोले- भगवान के नाम पर कुछ तो दे दो.
दरअसल, पत्रकार ने कहा- BJP वाले कहते हैं कि आप राम भक्त नहीं हैं.
अखिलेश ने कहा- मैं मंदिर बनवा रहा हूं और अबसे जो भी भगवान को लेकर सवाल करेगा, उसने मंदिर के लिए चंदा लूंगा.
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष , उत्तर प्रदेश के यशस्वी पूर्व मुख्य मंत्री और संसद में समाजवादी संसदीय दल के नेता श्री अखिलेश यादव के ५३ वें जन्मदिवस पर उन्हें अनंत शुभ कामनाएँ । वे २७ में अत्याचारी शासन का अंत करें ये जन जन की अभिलाषा है ।