मैं मोदी Sir से सहमत हूँ गाली-गलौज नहीं करनी चाहिए।
लेकिन ये ज्ञान प्राप्त करने में आपको बहुत समय लग गया प्रभु, आपके लोगों ने तो किसी की माँ, बहन, बेटी किसी को नहीं बख्शा सबको भद्दी भद्दी गालियाँ दी।
प्रभु मुझे तो आपने अपने लोगों से लाखों गालियाँ दिलवाईं ख़ूब अपमानित करवाया।
अब ज्ञान।
वाह प्रभु वाह।
प्यारे IT Cell के मशरुमों
आप लोगों से निवेदन है कि मेरी किसी पोस्ट पर कमेंट करते समय मेरा नहीं तो अपने नेता की गरिमा का ख़्याल करें। ऐसी भाषा के इस्तेमाल से बचें जो आपके मानसिक दिवालियापन और ग़लत संगति में हुई परवरिश को परिलक्षित करता हो। ये मैं अपने लिए नहीं कह रहा। मुझे तो जी भर कर मां बहन की गाली दीजिए। मैं कुछ नहीं बोलूंगा। पर मेरी टाइमलाइन पर कम से कम 50 देशों के लोगों की भी निगाह रहती है। इनमें डिप्लोमैट्स भी आते हैं। वे मेरी पोस्ट के साथ साथ वे कई बार आपके गंदी भाषा वाले कमेंट को भी ट्रांसलेशन बटन दबा कर पढ़ते हैं। फिर छी छी करते हैं। इसलिए कह रहा हूँ। आपकी, जिसके आईटी सेल के लिए आप काम करते हैं उसकी और आपके नेता की वैश्विक इमेज की ख़ातिर। प्लीज़ बिहेव।
तर्कों और तथ्यों के साथ मेरी ग़लतियां बताइए। मैं ग़लत होउँगा तो मानूंगा आपकी बात। मैं डेमोक्रेटिक आदमी हूँ क्योंकि मेरे पास आपके किसी नेता जैसी शक्ति नहीं है। 😅
शुक्रिया
वाह! क्या संस्कार हैं!
प्रदर्शनकारियों की भाषा को अभद्र बताने वाला BJP IT सेल नाबालिग लड़कियों की निजी जानकारी लीक करके उन्हें रेप की धमकियां देने से बाज़ नहीं आ रही है।
इबादत
सादिक
अब्दुल्ला
साहेब
फैजल
आजम
शब्बीर
इमरान
मुश्ताक और राजिक .
इनका नाम ही इनकी पहचान है और इनकी पहचान ही आज के दौर में इनकी सबसे बड़ी मुसीबत है . इस सबको एमपी पुलिस ने दंगा , आगजनी , मारपीट , घर में जबरन घुसने और विस्फोटक रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था , मध्यप्रदेश पुलिस के मुताबिक ये सारे दंगाई थे लेकिन मध्यप्रदेश की ही अदालत ने इन्हें हिंसा और दंगा के आरोपों से बरी कर दिया है . अदालत ने अपने फैसले में ये भी पूछा है कि पुलिस ने आखिर इन 11 लोगों को किस आधार पर दंगे का आरोपी बनाया ? आज इंडियन एक्सप्रेस ने विस्तार से पूरी रिपोर्ट छापी है .
कोर्ट का ये फैसला एमपी सरकार के मुंह पर तो तमाचा है ही इस बात का भी सबूत है कि कैसे इस देश में मुसलमानों को दंगाई घोषित करके सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर
Gen Z को Generation gutter बताने वाली @KanganaTeam ...और पत्रकारों पर अभद्र बयान देने वाली कंगना के दोनों बयान सुनें... पहला... इंशाअल्लाह दारु पियेंगे वो भी सार्वजनिक तौर पर! दूसरा ड्रग्स सेवन स्वीकार करना....और ये सब आपने छात्र जीवन के बाद किया. आप प्रेरणा बनेंगी? और दूसरों को गाली देंगी? क्या इनको defend करने वाले अंधभक्त इसपर टिप्पणी करेंगे?
सावरकर के परपोते सत्यकी सावरकर ने कोर्ट में बताया 👇
सावरकर ने एक किताब लिखी थी, जिसका नाम - 'सावरकरांचे विज्ञाननिष्ठ निबंध' (सावरकर के विज्ञान-आधारित निबंध) है. इस किताब में धार्मिक मान्यताओं और भगवान के अस्तित्व की आलोचना की गई है.
सावरकर ने इस किताब में लिखा है- "इंसान को ब्रह्मांड के भगवान के साथ व्यक्तिगत संबंध बनाने की बचकानी इच्छा पूरी तरह छोड़ देनी चाहिए. यही सही रास्ता है, क्योंकि यही सच है।
यह विश्वास कि 'भगवान मेरा भला करेंगे, और अगर वे ऐसा करते हैं, तो मैं आभार जताने के लिए सत्यनारायण पूजा करूंगा,' पूरी तरह बेवकूफी है.
क्योंकि अगर यह सच होता तो वह कौन है जो हमें पहले उन मुसीबतों में डालता है जिनसे बाद में हम कहते हैं कि भगवान ने हमें बचाया है?
वह वही सत्यनारायण, वही भगवान है!
अगर कोई आदमी पहले आपका गला काट दे और फिर घाव पर मरहम लगाए, तो क्या आपको सिर्फ इसलिए उसकी पूजा करनी चाहिए क्योंकि उसने मरहम लगाया?
क्या आपको पहले यह नहीं पूछना चाहिए कि उसने आपका गला क्यों काटा और इसके लिए उसे डांटना नहीं चाहिए?"
सत्यकी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने लंदन में एक भाषण देकर सावरकर को बदनाम किया.
राहुल गांधी के वकील मिलिंद पवार द्वारा की गई क्रॉस एग्जामिनेशन में सत्यकी ने माना कि ये किताब और इसमें लिखी हुई बात सावरकर ने लिखी है.