नारी शिक्षा की पर्याय एवं महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले जी की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि!
उन्होंने सामाजिक कुरीतियों, भेदभाव और रूढ़ियों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए शिक्षा, समानता और महिला अधिकारों की ज्योति प्रज्वलित की।
उनका अदम्य साहस, प्रगतिशील दृष्टिकोण और समाज के प्रति समर्पण आज भी हमें एक जागरूक समाज के निर्माण की प्रेरणा देता है।
मैं किसी समाज की प्रगति को उस समाज में महिलाओं की प्रगति से ही मापता हूँ।
• डॉ. भीमराव अंबेडकर
नारी शक्ति ही समाज की मूल शक्ति है।
हर महिला को सम्मान, बराबरी के अवसर और अपने सपनों को सच करने की आज़ादी मिले!
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलकामनाएं।
"ऐसा चाहूं राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न
छोट-बड़ो सब सम बसे, रविदास रहे प्रसन्न"
अपनी रचनाओं से समाज में प्रेम, सौहार्द, भाईचारा और समाज में ज्ञान का अखंड दीप प्रज्जवलित करने वाले परम ज्ञानी,पराक्रमी "संत शिरोमणि गुरु रविदास जी" की जयंती पर उनके चरणों में कोटि-कोटि नमन।🙏🙏
बाबा साहेब अम्बेडकर हीरा हैं हीरा...
उनका बनाया आर्टिकल 13 है जो ईमानदार रहने की प्रेरणा देता है!
बाबा साहेब केवल दलित पिछड़ों के ही मसीहा नहीं , पूरे देश के मसीहा हैं!
... जय भीम!
महान शिक्षिका एवं समाज सुधारक श्रीमती
सावित्रीबाई फुले जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।
उनका संघर्ष, साहस और विचार आज भी हर बेटी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
नारी सशक्तिकरण की इस ज्योति को हम सभी को आगे बढ़ाना है
"शिक्षक वो नहीं, जो छात्र के दिमाग में तथ्यों को जबरन डाले, बल्कि वास्तविक शिक्षक वो है जो उसे आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करे"
- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
#TeachersDay
भारत रत्न, भारतीय संविधान के जनक, डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को 29 अगस्त, 1947 को संविधान सभा द्वारा गठित प्रारूप समिति का अध्यक्ष चुना गया था। इस समिति ने नव-स्वतंत्र भारत के लिए एक व्यापक कानूनी ढाँचा बनाने का कार्य किया।
#presidentofdraftingcommitee#Bhimrao_Ramji_Ambedkar
भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर जी को 29 अगस्त, 1947 को संविधान सभा द्वारा गठित प्रारूप समिति का अध्यक्ष चुना गया था। इस समिति ने नव-स्वतंत्र भारत के लिए एक व्यापक कानूनी ढाँचा बनाने का कार्य किया।उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण अक्सर "भारतीय संविधान के जनक" के रूप में जाना जाता है।