@reach2msingh प्रकृति के न्याय धर्म में सबूत नहीं मांगे जाते, अधर्मियों का काल प्रकृति स्वयं बनेगी, अब मनुष्य दानव रूप में आ गया है इसलिए प्रकृति की शक्ति संतुलित कर देगी!
लगा लोशक्ति, प्राकृति तान्डव आने वाला है!
@IYC@IYCLegalCell कानून का पालन करना ऊपर वालो का काम है न कि सलाह देना और अगर कानून नियम का पालन नहीं कर सकते तो वर्दी उतारकर बीजेपी ज्वाइन कर ले!
लेकिन वर्दी में कानून से चलना होगा अन्यथा ऐसे लोगों पर भी fir हो!
@RealpushprajX ईश्वर युद्ध मैदान में कोई शक्ति उतार सकते हैं, पलभर में तस्वीर बदल सकते हैं!
धर्म के रक्षक स्वयं निर्णय लेंगे असुरों के आंदोलन का!
पापियों का दर्दनाक समय नजदीक है!
@Challenge2Norms@mahipalmakrana_ हो गया शंखनाद, दिल्ली इंतजार कर रही है अपने राजा के आने का!
थक गई दिल्ली बोझिलो का भार ढोकर अब तो आओ सरकार सिंहासन इंतजार कर रहा है!
@akashde92692834@pkmishra0 हाँ एक तुम ही तो ज्ञानी हो और बाकी समाज बेवकूफ है! टीवी व्हाट्सएप्प से ज्ञान लेने वाले विदेशी भारतीयों को बताएगा कि उसको ज्ञान है कि नहीं!
प्रेत हो तुम लोग जो केवल भूत की बात करते हैं वैसे प्रेतराज वर्ण और जाति का क्या अर्थ है?
दोनों में क्या अंतर है तब जाने कि कुछ हो l
@akashde92692834@pkmishra0 कितने बड़े ज्ञानी हो ये ब्रह्माण्ड जान गया!
सठो के साथ बात नहीं करना चाहिए क्योंकि तुमलोग अपनी करनी से स्वयं जाओगे!
न देश का ज्ञान और न ही काल का, चले हैं किसी भी देश को बदनाम करने!
यह भारत भूमि है मिट्टी में ही ऋषियों की तपस्या है तुम विदेशी लोग क्या जानोगे?
@akashde92692834@pkmishra0 भारत देश में वर्ण व्यवस्था थी न कि जातिव्यस्था!
जातिव्यस्था विदेशियों ने डाला न कि यहां के समाज ने!
क्योंकि भारत भूमि की व्यवस्था में ही राजा हरिश्चंद डोम के यहां नौकरी किये और अपने धर्म का निर्वाह किया!
इस देश में धर्म था है और रहेगा!
@akashde92692834@pkmishra0 कानून क्यों बना?
1–नौकरी की मांग युवा कर रहे थे?
2–हक की आवाज किसान उठा रहे थे?
3–अग्निवीर से जवान नाखुश थे?
4–महिला सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त हो गई?
5–भाषणों के अंबार में कोई काम नहीं था!
सत्ता चलनी चाहिए!
परिणाम–आवाज उठा रहे समाज को अलग कर दो!