सभी अतिथि शिक्षक अपनी पिछले 18 वर्षों से हो रहे शोषण की व्यथा विपक्ष के नेता श्री उमंग सिंघार तक दिए गए व्हाट्सअप न���्बर 8269889419 पर पहुंचाये जिससे वह अपने पॉडकास्ट #जनपक्ष के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर अतिथि शिक्षको की गूंज हो सके और मुख्यमंत्री तक आवाज़ बुलंद तरीके से पहुंच सके
MP में BJP सरकार का नया विश्व रिकॉर्ड: 2018 शिक्षक भर्ती को अधर में लटकाओ, वादे बड़े करो और भूल जाओ'!
चयनित युवा इंतज़ार में,सरकार झूंटी योजनाओं के प्रचार में!😜
#मध्यप्रदेश@schooledump
मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती 2023 (7400 पद) की प्रक्रिया 2025 में पूरी हुई, वो भी सॉल्वर गैंग के खेल के साथ। 500–800 अभ्यर्थियों ने पकड़े जाने के डर से ज्वाइनिंग ही नहीं की। अब सरकार ने 7500 पदों पर नई भर्ती का ऐलान किया है और दावा किया है कि तीन साल में 22,500 पद भरेंगे। सवाल है—अगर वास्तव में रोजगार देना ही मकसद है तो आज ही 22,500 पदों का नोटिफिकेशन क्यों नहीं?
प्रदेश में 40,000 से ज़्यादा पद रिक्त पड़े हैं, लेकिन सरकार युवाओं को टुकड़ों में उलझा रही है। विधानसभा चुनाव में "वन टाइम एग्ज़ाम फीस" का वादा किया गया था, लेकिन हर परीक्षा में 350–500 रुपए वसूले गए। यही पैसा सरकार छात्रों को स्कूटी–लैपटॉप बांटने में खर्च कर रही है।
एमपीईएसबी (पूर्व व्यापम) में भी गड़बड़ी कम नहीं। एड्यूक्विटी कं��नी को फर्जी अंक देकर टेंडर दिलवाया गया, जबकि उनके पास ज़रूरी सर्टिफिकेशन तक नहीं था। 2022 में टीईटी परीक्षा के दौरान पेपर लीक तक हुआ, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब परीक्षार्थियों को 500–600 किमी दूर सेंटर दिए जाते हैं। ये युवाओं के भविष्य के साथ खुला मज़ाक है।
हमारी मांगें स्पष्ट हैं:
पुलिस भर्ती का नया नोटिफिकेशन 7500 नहीं बल्कि 22,500 पदों का निकाला जाए।
वन टाइम एग्ज़ाम फीस का वादा पूरा हो, हर परी���्षा में लूट बंद हो।
भर्ती प्रक्रिया TCS जैसी निष्पक्ष कंपनी को सौंपी जाए।
रोजगार पंजीयन की अनिवार्यता फिर से लागू हो, ताकि एमपी के युवाओं के हक़ पर बाहरी उम्मीदवार डाका न डालें।
युवाओं को जागना होगा—सरकार बार-बार वादों से छल कर रही है। अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो बेरोज़गार युवा सड़कों पर उतरेंगे।
@CMMadhyaPradesh @JansamparkMP