"Three energies, one lifelong map. Following the trails of Shiva’s peaks, Vishnu’s abodes, and Shakti’s peethas across the length and breadth of India. Leaving Haridwar today with a prayer on my lips and endless roads ahead. 🙏🕉️ #SanatanYatra#ShivaVishnuShakti#IncredibleIndia"
यह आदमी जिसका नाम शालू पंडित है, फ़ितरतन आपराधिक प्रवृत्ति का है. बताइए, किराया बकाया है तो बातचीत से सुलझाओगे कि गुंडों को लेकर धमक जाओगे और जान से मारने की धमकी दोगे?
शालू पंडित के ख़िलाफ़ कई FIR हैं और हैरत है कि इसकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है. ऊपर से ग़ाज़ियाबाद पुलिस की मेहरबानी देखिए कि इस जैसे आदमी की सुरक्षा में एक जवान लगा दिया है. क्यों भाई? सच बताना पड़ेगा?
नोएडा और ग़ाज़ियाबाद पुलिस को शैलेंद्र शर्मा उर्फ शालू पंडित के ख़िलाफ़ दर्ज मामलों की गंभीरता से जाँच करनी ही चाहिए, वरना यही राय बनेगी कि पुलिस ही शरीफ और कानून का सम्मान करनेवालों के ख़िलाफ़ ऐसे आदमी को छुट्टा छोड़े हुए है.
अगर शासन और प्रशासन ने अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभायी तो मुझे मजबूरन सारे मामलों को सबूत और गवाहों के साथ सामने लाना पड़ेगा.
@CMOfficeUP@noidapolice@ghaziabadpolice@dgpup
सुन रहा हूँ उत्तर प्रदेश के एक नेता जी को न्यूज़ चैनल चलाने का शौक चर्राया है. एक जालसाज़, फ़रेबी और सुपारीबाज़ का धंधा वे आगे बढ़ायेंगे? क्यों अपने लिए मुसीबत पालने जा रहे हो नेता जी? बहुत जल्द उसके कुकर्मों का घड़ा फूटने वाला है. ऐसा ना हो आपके लिए सिर मुँड़ाते ही ओले पड़े वाली बात हो जाए.
@noidapolice@CMOfficeUP@BJP4India@PMOIndia@AshwiniVaishnaw
समाचार4मीडिया की ‘40 अंडर 40’ पहल के तहत युवा पत्रकारों को सम्मानित किया जाएगा। 14 मार्च 2026 को होने वाली जूरी मीटिंग में राणा यशवंत जी भी शामिल होंगे और प्रतिभाशाली पत्रकारों के चयन में अपनी भूमिका निभाएंगे।
@anuragbatrayo । @RenAameen । @RanaYashwant1
प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी,
भारत सरकार
विषय – महिला दिवस पर महिला सहकर्मी पत्रकारों के सम्मान-स्वाभिमान के लिए न्यूज इंडिया 24/7 न्यूज चैनल के प्रबंधन की पात्रता की गहरी पड़ताल के संदर्भ में.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, देश-दुनिया में महिलाओं के सशक्तिकरण, योगदान, उपलब्धि, सुरक्षा, सम्मान और संभावनाओं का सामूहिक मंगलगान है. स्वावलंबन औऱ स्वाभिमान से भरी आधी आबादी के समुचित औऱ सार्थक योगदान को रेखांकित करने का दिवस. उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने का वैश्विक संकल्प भी.
लेकिन आज मैं देश की कुछ योग्य, स्वाभिमानी औऱ कर्मठ महिला पत्रकार सहकर्मियों की पीड़ा आपके सामने रखने आया हूं. यह खुला पत्र अनुशासन औऱ ईमानदारी के ढाई दशक से अधिक के मेरे पत्रकारीय जीवन की सबसे अराजक, पीड़ादायक और भयावह घटना का सार्वजनिक पाठ भी है. तस्वीर साफ करने और मूल बात की ओर आपका ध्यान आकर्षित करने के लिए इसे मैं कुछ प्वांयट्स में रख रहा हूं.
1- न्यूज इंडिया 24/7 न्यूज चैनल के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा उर्फ शालू पंडित के कई बार के अनुरोध और स्वतंत्र रुप से काम करने के भरोसे के बाद मैंने 25 दिसंबर 2025 को बतौर इडिटर इन चीफ चैनल को ज्वॉयन किया. इस चैनल का दफ्तर सेक्टर 63, नोएडा, गौतमबुद्धनगर, यूपी में है. ज्वॉयन करने के बाद मुझे चैनल की अव्यवस्था औऱ शैलेंद्र शर्मा के मनमाने तरीके से चैनल चलाने के रवैये की जानकारी होने लगी. चूंकि मैंने संपादकीय अधिकार औऱ दायित्व के साथ कभी समझौता नहीं किया, इसलिए चैनल को व्यस्थित ढंग से चलाने और खबरों की निष्पक्षता को सुनिश्चित करने के लिए हर अनावश्यक दखल से चैनल को मुक्त रखने का प्रयास करने लगा.
2- इस दौरान कई नियुक्तियां हुईँ. उनमें महिला एंकर, रिपोर्टर औऱ प्रोड्यूसर भी रहीं. लगभग डेढ महीना पूरा होते होते-होते शैलेंद्र शर्मा ने यह कहना शुरु कर दिया कि जितने भी लोग हायर किए गए हैं, वे अपने पेपर जमा नहीं कर रहे हैं. सच्चाई यह थी कि सबों ने एचआर की तरफ से मांगे गए सारे कागजात जमा कर दिए थे. इसके बाद उन्होंने इस बात पर तकरार शुरु कर दी कि ज्यादातर लोगों के दिए कागजात फर्जी हैं. इनमें उन्होंने महिला पत्रकारों को खास तौर से निशाने पर लिया. मैंने सभी साथियों से व्यक्तिगत रुप से मिलकर उनके जरिए दिए गए पेपर्स की वैधता सुनिश्चित की. एचआर इन बैठकों में रहा. दो-तीन अपवाद के मामलों को मैंने वहीं निपटा भी दिया. मगर इस दौरान रात-विरात कई लोगों को टर्मिनेशन या फिर कागजों के पूरा नहीं होने पर सेवा समाप्त किए जाने के कंपनी नियमों के खिलाफ, मेल आते रहे. मेरी महिला साथी इससे ज्यादा आहत और प्रताड़ित महसूस करती रहीं.
3- मैंने संपादक होने के नाते शैलेंद्र शर्मा उर्फ शालू पंडित के इस अराजक औऱ अवैध तरीके पर सवाल उठाया औऱ उनको सलाह दी कि अगर आपको कागजात चेक ही करवाने हैं तो बेहतर है ऑडिट करवा लीजिए. मगर ऐसा नहीं करके उन्होंने एचआर से आधी रात के बाद रात 2.43 बजे एक मैसेज जेनरेट करवाया कि 26 फरवरी को सुबह 11.30 बजे चेयरमैन ने मीटिंग बुलाई है.
4- 26 फरवरी 2026 को शैलेंद्र शर्मा अपने प्राइवेट सुरक्षागार्ड औऱ एक पुलिसगार्ड के साथ न्यूजरुम में आए. पूरे न्यूजरुम स्टाफ को उन्होंने चारों ओर जमा किया. बीच न्यूजरुम टेबल लगवाया औऱ जितने लोग हायर किए गए थे उनमें से अधिकतर की फाइलें टेबल पर रखवाईं. संपादक होने के नाते मैं भी अपने रुम से निकलकर वहां आ चुका था. मैंने अपने 28 साल के करियर में ऐसा डरावना माहौल औऱ ऐसा आक्रामक-अभद्र व्यवहार चैनल के अंदर नहीं देखा. शैलेंद्र शर्मा ने मेरे एक सीनियर कलीग के साथ जिस तू-तड़ाक और दोयम दर्जे की भाषा में बात करनी शुरु की, उसने खड़े सभी सहकर्मियों को आक्रांत कर दिया. किसी भी व्यवस्था में मुद्दे, असहमति या विरोध हो सकते हैं, लेकिन उन पर चर्चा करने और निपटारे के कुछ तरीके होते हैं. वे निरंकुश, अपमानजनक और भयावह नहीं हो सकते.
5- इसके बाद उन्होंने अपने निजी गार्ड से वीडियो बनावाना शुरु किया औऱ यह कहना भी कि ये फाइलें जितने लोगों की हैं, उन्होंने पेपर जमा नहीं किए हैं, इनकी गारंटी कंपनी नहीं लेती है औऱ इनको सैलरी राणा जी देंगे. मैंने वहां भी इसका विरोध किया औऱ कहा कि हायर किए लोग इसी इंडस्ट्री के हैं, उन्होंने अपने सारे पेपर जमा किए हैं औऱ एचआर के साथ मैंने खुद इसको चेक किया है. घटना के तुरंत बाद वह वीडियो शैलेंद्र शर्मा ने सोशल मीडिया पर डलवाया. उनकी मंशा ताकत का भय पैदा करने औऱ निरंकुश तरीके से न्यूज चैनल चलाने का संदेश देने की थी. वह वीडियो मैं यहां संलग्न कर रहा हूं.
6- क्या कोई भी संस्थान यह बता सकता है कि- जिन लोगों को काम करने के लिए बायोमेट्रिक एंट्री दी गई, उनका ड्यूटी शेड्यूल तैयार करवाया गया, उनसे काम लिया गया - डेढ महीने बाद वह संस्थान किस आधार पर उन कर्मचारियों के डॉकयूमेंट को फर्जी बताते हुए उनको रातों रात टर्मिनेट कर सकता है या फिर काम करने से रोक सकता है? उनको वेतन देने से मना कर सकता है? यह व्यवहार अवांछित, मनमाना तो है ही क्या अवैध भी नहीं है?
7- प्रधानमंत्री जी, मैंने आपका इंटरव्यू लिया है. देश औऱ समाज के प्रति मेरी पत्रकारिता के लिए आपकी तरफ से मुझे प्रशस्ति-पत्र भी भेजा गया. पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरे योगदान पर प्रतिष्ठित पुरस्कारों की मुहर है. औऱ मैंने डेढ दशकों से अधिक के संपादकीय दायित्व के साथ सार्थक औऱ सकारकात्मक पत्रकारिता की है. जीवन में अनुशासन, ईमानदारी, पत्रकारीय मर्यादा और सम्मानजनक व्यवहार को मैंने ना सिर्फ बरता है बल्कि सामनेवाले से अपेक्षा भी की है.
8- इस घटना ने ना सिर्फ मुझे मानसिक रुप से आहत किया है बल्कि न्यूज चैनलों के गलत हाथों में जाने के खतरे से भी अवगत कराया है. मीडिया संस्थान देश औऱ समाज के कई तरह के दायित्वबोध के साथ चलते हैं. वे लोकतंत्र का आवश्यक अंग हैं. उनका मालिकाना हक रखनेवालों की पात्रता की गहरी पड़ताल अनिवार्य है. क्षुद्र स्वार्थों की पूर्ति के लिए चैनल को औजार समझनेवाले और संदेहास्पद पृष्ठभूमि के लोगों को लाइसेंस देना, संस्थान में काम करनेवाले पत्रकारों के सम्मान औऱ सुरक्षा तक के लिए घातक है. इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए. ऊपर मैंने जिस मूल चिंता की तरफ आपका ध्यान आकर्षित करने की बात लिखी है, वह यही है.
9- अपने महिला सहकर्मियों के नाम मैं यहां जान बूझकर नहीं लिख रहा हूं. इसमें उनकी भी सहमति है. मैं, महिला औऱ पुरुष सभी साथियों के अधिकार औऱ स्वाभिमान के लिए देश के संविधान और कानून के दायरे में जो भी उचित है, उसकी लड़ाई लड़ रहा हूं औऱ लड़ूंगा. लेकिन मेरा आग्रह यह है कि देश में मीडिया संस्थानों की गरिमा, पत्रकारिता की मर्यादा औऱ पत्रकारों के सम्मानजनक तरीके से काम करने का इकोसिस्टम बनाए रखने के लिए न्यूज चैनल मालिकों की पात्रता और योग्यता अवश्य सुनिश्चित की जाए.
आपका
राणा यशवंत
@narendramodi@PMOIndia@MIB_India@AshwiniVaishnaw@HMOIndia@myogioffice@myogiadityanath@CMOfficeUP
मेरे पत्रकार सहकर्मियों के जवाब ने न्यूज़ इंडिया 24/7 के मैनेजमेंट की दिमाग़ी खस्ताहाली को सामने ला दिया है. जिन कर्मठ,योग्य और ईमानदार पत्रकारों से उनके दस्तावेज़ पर जो व्यक्ति सवाल कर रहा था, उसके संगीन अपराधों की फाइलें आँखें खोलने लगी हैं. बाहर कैसे हो भाई?
नीतीश कुमार का कार्यकाल बिहार में कई लिहाज से महत्वपूर्ण रहेगा.
1- एक ऐसा राजनेता जो बीस साल से अधिक मुख्यमंत्री रहा और भ्रष्टाचार का एक दाग नहीं.
2- महिलाओं के विकास और सशक्तिकरण के लिए सरकार के स्तर पर बेहतरीन काम.
3- शराबबंदी के ज़रिए ग़रीब-कमजोर परिवारों में घरेलू हिंसा और सड़क पर होनेवाली हिंसक घटनाओं पर अंकुश.
4- घर-घर सड़क और बिजली की मज़बूत व्यवस्था.
5- इतने लंबे समय तक CM रहने के बावजूद बिहार में आज भी नीतीश विरोधी माहौल नहीं.
6- और आज भी बिहार में नीतीश का विकल्प दूर-दूर तक नज़र नहीं आता.
@Jduonline@NitishKumar
न्यूज़ इंडिया 24/7 न्यूज़ चैनल के चेयरमैन शालू पंडित का न्यूज़रूम में बर्ताव घोर अपमानजनक था. हायर किए गए तमाम पत्रकारों को सिरे से ख़ारिज करने का तरीका ना सिर्फ़ मनमाना था बल्कि हर लिहाज से ग़लत और अमर्यादित था. एक संपादक के तौर पर बिना आपा खोए मैंने अपना विरोध दर्ज करवाया. इस पूरी घटना की योजनाबद्ध तरीके से रिकॉर्डिंग करवायी गई और वायरल किया गया. यह और भी घटिया हरकत थी. यह वीडियो उस पूरी घटना पर मेरी प्रतिक्रिया है.
@myogioffice@pushkardhami@MIB_India@PMOIndia@myogiadityanath
कभी-कभी आप जीवन में ग़लत फ़ैसला ले लेते हैं. इसमें आपका दोष बस इतना होता है कि आप बार-बार किए जानेवाले निवेदन और दिए जानेवाले भरोसे के चलते वह फैसला कर लेते हैं. न्यूज़ इंडिया के साथ जुड़ने का निर्णय मेरी भयंकर भूल रही, यह मैं स्वीकार करता हूँ.
मैंने जीवन में अनुशासन और प्रतिभा का सम्मान किया और ऐसा करता रहूँगा. जिन लोगों को हायर किया, वे सभी इन्हीं शर्तों को पूरा करते हैं. उनके डॉक्यूमेंट्स को मनमाने तरीके से नहीं मानना और उनके योगदान को रद्द करना- उनके अनुभव, पेशेवर क्षमता और ईमानदारी को ख़ारिज करना है. मेरे होते हुए यह संभव नहीं हो सकता. रीढहीन लोगों को मैंने कभी पसंद नहीं किया. ऐसे में अपने सहयोगियों को उनके हवाले कैसे छोड़ सकता हूँ? जीवन में आपके सामने ऐसी स्थिति किसी युद्ध की तरह होती है. स्वाभिमानी और सक्षम पेशेवर की तरह सच के लिए खड़ा होना फ़र्ज़ बनता है और धर्म भी. मैं वही कर रहा हूँ.
राणा यशवंत जी, हम शर्मिंदा हैं.. पत्रकारिता भी शर्मिंदा है..
आप जैसे वरिष्ठतम पत्रकार की ऐसी बेइज्जती किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं है..
हर पत्रकार का लक्ष्य होता है कि वो जिस भी चैनल या संस्थान में जाए, बेहतरीन खबरें करके उस चैनल का सम्मान बढ़ाए, पत्रकारिता में ऊंचे से ऊंचा स्थान दिलाए.. राणा सर ने भी यही कोशिश की..
न्यूज़ इंडिया 24×7 में संपादक बनने के बाद से राणा सर ने अपनी मजबूत टीम बनाई.. लेकिन उनकी टीम के सामने ही चैनल का मालिक उन्हें बेइज्जत कर रहा है.. उनके रखे गये पत्रकारों से से पल्ला झाड़ रहा है..
सुनिए क्या कह रहा है, "आप लोग संस्थान में जितने दिन से भी आ रहे हो, उसके जिम्मेदार आप खुद हो.. आपको संस्थान सैलरी नहीं देगा.. सारी जिम्मेदारी राणा यशवंत की है.. सैलरी लेनी है तो उनसे लेना.. मेरे से कोई लेना-देना नहीं है.. मैंने किसी की जॉइनिंग नहीं कराई है.. राणा जी ने अपनी पर्सनल जॉइनिंग कराई है.."
वीडियो देखकर मुझे एक साथी की बात याद आ गई..
एक साल पहले ही उन्होंने कहा था, "चतुर, चालाक, भ्रष्ट बिल्डर और दलाल चैनल के मालिक बन बैठे हैं. अब चैनल के उद्देश्य 'कुछ और' ही हो गए हैं..
नया-नया रईस बना बिल्डर हो या दलाली और काली कमाई से बना करोड़पति, सब तेजी से छोटे-मोटे न्यूज चैनल खरीद रहे हैं..
पत्रकारिता के लिए नहीं, अपनी दलाली और धंधा चमकाने के लिए.. ब्यूरोक्रेट्स और नेताओं से नजदीकियां स्थापित करके अवैध काम कराने के लिए.. ब्लैकमेलिंग के लिए.. वसूली के लिए..
और सबसे खास बात.. चैनल की एंकर्स और महिला स्टाफ के शोषण के लिए.. अपनी अय्याशियां और हवस पूरी करने के लिए..
टीवी पत्रकारिता में काम करने के इच्छुक लोगों से मेरा निवेदन है कि ऐसे मालिकों से बचकर रहें जिनका लक्ष्य सिर्फ कमाई और अय्याशी है..
ऐसे चैनल में काम करने से बेहतर है, आप अपना खुद का यूट्यूब चैनल शुरू कर लें..
राणा यशवंत सर, इस वीडियो में आपका जो अपमान हुआ है, वो माफी लायक नहीं है.. आपसे और इस चैनल में काम करने वाले तमाम साथियों से मेरा निवेदन है.. तत्काल संस्थान छोड़ दें.. बाकी पत्रकार साथियों से निवेदन है कि वो इस चैनल में कतई नौकरी न करें..
आत्मसम्मान.. जमीर.. और खुद्दारी.. से बढ़कर कुछ भी नहीं..
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