In Kota, we exposed the extortion machine feeding on students’ dreams.
In Dehradun, we exposed the rigged system behind paper leaks that destroy countless lives.
In Prayagraj, we will expose the reality of the job crisis.
The students of our country have stood up against this oppressive regime, they will no longer accept empty promises and hate-filled propaganda.
We will ensure their voice is heard across the country.
Join us in Prayagraj on 8th August, 5pm for #ChhatronKiGoonj
https://t.co/g6mbw7X5XC
As the Education Minister of India, the BJP puts a man who is a defender of rapists. That is the filthiest type of man. There can be no filthier man than somebody who says that rapists need protection. That is the Education Minister of India today.
It's a strange reaction from the PM. There are so many people in his Cabinet; he could have chosen any one of them. But he chooses a person who protects rapists.
: LoP Shri @RahulGandhi
धर्मेंद्र प्रधान भ्रष्टाचार और भारत की बर्बाद education system के प्रतीक हैं और हमेशा रहेंगे।
उसी system ने 26 बच्चों की जान ली, और लाखों युवाओं को सड़कों पर उतरने को मजबूर किया।
इस्तीफ़ा भी नैतिकता से नहीं - युवाओं के आक्रोश से डरकर देना पड़ा।
और आज उसी व्यक्ति को संसद में BJP माला पहना रही है। यह कोई सम्मान नहीं - लाखों बच्चों के भविष्य की बर्बादी का जश्न है।
देश का हर छात्र ये देख रहा है। और इसमें शामिल हर चेहरा याद रखेगा।
छात्रों को सड़क से हटाया जा सकता है, लेकिन उनके सवालों को नहीं।
सच यही है कि वो लाठियां बच्चों की पीठ से ज्यादा- मोदी सरकार की साख पर पड़ी है।
देश के नौजवान न्याय मांग रहे हैं- भीख नहीं। वे सरकार गिराने नहीं, अपना भरोसा बचाने के लिए आए थे।
: लोकसभा में कांग्रेस महासचिव एवं सांसद श्रीमती @priyankagandhi जी
5 साल रोज़ाना 10 घंटे की तैयारी और औसतन ₹9 लाख - हर छात्र की मेहनत और उसके परिवार का त्याग।
10 साल में 152 पेपर लीक, सीट-नौकरी का रेट कार्ड, 0 सज़ा, 7.5 करोड़ युवाओं का बर्बाद भविष्य - System की हालत।
इस भ्रष्ट Education System को जड़ से बदलना होगा - बनानी होगी 21वीं सदी की परीक्षा व्यवस्था, स्वतंत्र और जवाबदेह संस्था जहां छात्रों को मिले पूरी सुरक्षा।
#ChhatronKiGoonj
कोटा, आप कमाल थे।
यकीन मानिए, कल हमने मिलकर इतिहास की शुरुआत की।
हज़ारों छात्र मैदान में थे, लाखों लोगों ने ऑनलाइन देखा - और देश को पहली बार खुलकर पता चला कि शिक्षा के नाम पर कितनी बड़ी वसूली चल रही है।
लेकिन यह तो सिर्फ़ शुरुआत है। कोटा में जो लौ जली है, उसे अब पूरे देश में बदलाव की मशाल बनाना है। और इस सफ़र में आपकी जगह तय है।
अपने सुझाव भेजिए। Petition पर अभी Sign कीजिए।
#ChhatronKiGoonj
'Telegram Ban’ - मोदी सरकार का पेपर लीक रोकने का नया नुस्खा।
यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लटका दो।
लाखों छात्र सालों से Telegram पर पढ़ते हैं - नोट्स, टेस्ट सीरीज़, डिस्कशन, तैयारी। वो सुविधा छीन लेना पेपर लीक का समाधान कैसे हुआ?
और यह फूलप्रूफ भी नहीं है - यह देश का हर छात्र जानता है, और पेपर लीक माफ़िया भी। फिर अगला ban किसपर लगाएंगे? WhatsApp?
परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी होगी। जेबें कैंची से काटी जाएँगी। प्रश्नपत्र वायुसेना से भेजे जाएँगे। दिखावे की कोई कमी नहीं होगी।
पर बीमारी की जड़ पर एक वार भी नहीं - क्योंकि पेपर लीक माफ़िया इसी सरकार की देख-रेख में फल-फूल रहा है, और युवाओं को खून के आँसू रुला रहा है।
मोदी जी - दिखावा छोड़िए। माफ़िया पर वार कीजिए, छात्र पर नहीं।
‘छात्रों की गूंज’ सुन लीजिए - वरना देश का युवा अपना हक़ लेना जानता है।
#ChhatronKiGoonj
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
हिमंता सरमा देश के सबसे भ्रष्ट और सबसे सांप्रदायिक मुख्यमंत्री हैं।
हिमंता सरमा ने असम की जनता को धोखा दिया है और गुमराह किया है - इसका सबूत जनता के सामने है।
असम की जनता उनके भ्रष्टाचार को कभी माफ नहीं करेगी - सज़ा तय है।
मोदी जी ने कहा था - LPG Gas Crisis को COVID की तरह हैंडल करेंगे।
और सच में वही किया।
बिल्कुल COVID के जैसे ही - नीति शून्य, घोषणा बड़ी, और बोझ गरीबों पर।
₹500-800 की दिहाड़ी कमाने वाले प्रवासी मज़दूरों के लिए रसोई गैस पहुंच से बाहर हो गई है। रात को घर लौटते मज़दूर के पास चूल्हे जलाने तक के पैसे नहीं। नतीजा - शहर छोड़ो, गाँव भागो।
जो मज़दूर textile mills और factories की रीढ़ हैं - आज वही टूट रहे हैं।
Textile sector पहले से ICU में है। Manufacturing दम तोड़ रही है। और यह संकट आया कहाँ से? कूटनीति की मेज़ पर हुई उस चूक से जिसे सरकार आज तक स्वीकार नहीं करती।
जब अहंकार नीति बन जाए - अर्थव्यवस्था चरमराती है, मज़दूर पलायन करते हैं, उद्योग बर्बाद होते हैं और देश दशकों पीछे धकेल दिया जाता है।
सवाल एक ही है - हर संकट में सबसे पहले गरीब क्यों मरता है? चुप मत रहो। यह सिर्फ़ गरीब का नहीं, हम सबका सवाल है।
“शुरुआत हो चुकी है,
अब हर आवाज़ इंक़लाब बनेगी।” 🔥✊
आज भारतीय युवा कांग्रेस जंतर-मंतर से भारत-विरोधी US Trade Deal के खिलाफ हल्ला बोल करने जा रही है।
मांग साफ है, भारत-विरोधी US Trade Deal रद्द करो। ✊🇮🇳
#IYCHallaBol#ScrapAntiIndiaDeal