पांच वक्त का नमाजी मौलाना
दो लड़कियों के सामने मेट्रो स्टेशन की लिफ्ट में
खुलेआम अपना कटा पिटा लेवड़ा निकालकर
मू T ने लगा...और टोकने पर बोल रहा कर लो जो करना है
हिन्दुओं... 🖐️ लड़कियां बड़ी थीं तो बच गयीं
बच्चियां होती तो इसकी हैवानियत का शिकार बनती..
सोते रहो हिन्दुओं✍️
@DrMohanYadav51@MPPoliceDeptt@MPPoliceOnline कब ऐसे हरामजादों के मन मे भय पैदा होगा ये इतना बेख़ौफ़ हो कर इतना घटिया काम कैसे कर लेते है। पुलिस प्रशासन कानून का कोई डर खौफ है ही नहीं है इनके मन में😡
यूपी के ग़ाज़ियाबाद के कवि नगर में बब्बल चौधरी नें 14 साल की बच्ची के साथ अश्लीलता किया है,
बच्ची का प्राइवेट पार्ट छुआ,
बताइये यूपी में बेटियाँ कहाँ सुरक्षित हैं??
गाल बजानें वाले कहाँ हैं ??
एक्टर विजय अपनी जीत के बाद अपने हाथ में जीसस की तस्वीर लेकर जुलूस निकाल रहा है
सारे सेकुलर चुप है अब ना तो लोकतंत्र खतरे में है और ना ही संविधान।
हिंदूओ के देश मे एक ईसाई जीसस के नाम पर चुनाव जीत गया लेकिन चुनाव में राम का नाम लेना साम्प्रदायिक माना जाता है ।
विजय का यह जुलूस हिंन्दुओ के मुंह पर तमाचा है
जो अपने भगवान को सार्वजनिक रूप से पूजने में और उनका नाम लेने में शर्म महसूस करते है
मुख्यमंत्री बिष्ट जी के राम राज्य पुलिस थाने के सामने अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाती हुई एक मां..🥺
योगी की आपके कहते हो कि हर चौराहे पर यमराज खड़े है बहन बेटियों की सुरक्षा के लिए लेकिन मैं यहां दो घंटे से खड़ी हूं थाने में लेकिन यहां पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
मेरी बेटी दुकान सामान लेने गई थी जहां पर बब्बल चौधरी ने इसके साथ अभद्रता करी जब हमने विरोध किया तो हमको धमकाया और जान से मारने की धमकी देने लगा..
14 वर्षीय लड़की दुकान पर सामान लेने गई थी, वहा पर बबल चौधरी ने बैड टच करते हुए दुष्कर्म करने की कोशिश की
अगले चौराहे पर यमराज मिलने की हक़ीक़त देख लो, सच तो ये है की मुक़दमा भी दर्ज नहीं होता
गाजियाबाद 📍
हर घर में रावण बैठा इतने राम कहाँ से लाऊँ 🤬
Reepost And Tag Ghaziabad Police🚨
@ghaziabadpolice@Uppolice
Cc:@myogioffice जी
14 साल की बच्ची दुकान पर समान लेने गई थी
जहाँ बब्बल चौधरी ने बच्ची के साथ अभद्रता की
लड़की ने वहाँ से भागकर प्रशांत चौधरी को बताया तो उसने उल्टा बच्ची को ही धमका दिया ये आरोप हैं कवि नगर गाजियाबाद थाने में खड़ी इस माँ के पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही है आरोप कितने सही हैं ये तो जाँच उपरांत ही पता चलेगा
कृपया संज्ञान लें महोदय और निष्पक्ष गहनता से जांच करायें ताकि पीड़ित को इंसाफ़ मिले और दोषियों पर सख्त कार्यवाही हो सके 🙏
लखनऊ पुलिस लाइन के कांस्टेबल सुनील शुक्ला चिल्ला-चिल्ला कर बता रहें हैं कि उनके विभाग को 'काले अंग्रेज' चला रहे हैं। हर सिपाही से ड्यूटी के नाम पर ₹2000 की वसूली हो रही है।
यानी एक सेक्शन से ₹8 लाख महीना वसूला जा रहा है!
वैसे सरकार बताए कि वसूली का यह पैसा किस 'साहब' की तिजोरी में जा रहा है?
मुख्यमंत्री जी, आपके नाक के नीचे लखनऊ कमिश्नरेट में वसूली का मेगा शो चल रहा है और आप चुप हैं?
क्या इन भ्रष्ट अधिकारियों पर आपका बुलडोजर चलेगा या सिपाही को ही चुप करा दिया जाएगा?
हेलो @myogiadityanath ,
कहां हैं आपके यमराज?
नारी सुरक्षा का लंबा लंबा भाषण देने से कुछ नहीं होता है, उनकी सुरक्षा भी करनी पड़ती है,
इनकाउंटर कब होगा आरोपियों का?
योगी सरकार के पुलिसकर्मियों को शर्म आनी चाहिए
थाने में पीड़िता अपनी लड़की की रिपोर्ट दर्ज होने की गुहार लगा रही है लेकिन उसकी कार्रवाई नहीं हुई
पीड़िता ने यह भी बताया कि योगी जी कहते थे आगे चौराहे पर यमराज मिलेगा, आपके यमराज कहां है 2 घंटे से थाने पर फरियाद लगा रही है
बब्बन चौधरी नाम का दरिंदा...बेटी को छेड़ता है..प्राइवेट पार्ट्स को छूता है..शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देता है...!
यूपी पुलिस से शिकायत करने के बावजूद कार्यवाही शून्य... मुख्यमंत्री @myogiadityanath
जी ये डरी सहमी पीड़ित मां बेटी न्याय की गुहार लगा रही हैं.!
यमराज भेजकर मनचले बब्बन चौधरी को उठवाएं..!
यह अंकित टोप्पो नामक युवक है, जो रील बनाने के लिए चलती ट्रेन की सीट फाड़ता हुआ नजर आ रहा है।
अंकित, वीडियो में चलती ट्रेन के जनरल कोच में बैठा हुआ, जानबूझकर सीट के नीले कवर और उसके अंदर के कुशन को फाड़ता है, फिर ट्रेन की खिड़की से बाहर फेंक देता है,
यह हरकत केवल सोशल मीडिया पर 'रील' बनाने और लाइक्स पाने के लिए की गई, रील बनाने के इस शौक में युवक ने यह नहीं सोचा कि वह रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहा है,
लोगों में इस बात को लेकर काफी गुस्सा है कि महज कुछ 'लाइक्स' और 'व्यूज' के लिए युवा इस हद तक गिर रहे हैं कि वे अपराध करने से भी नहीं हिचक रहे,
इसे 'फ्रीक रील कल्चर' का एक खतरनाक उदाहरण माना जा रहा है,
यह वीडियो देश में 'Civic Sense' की कमी पर एक नई बहस छेड़ चुका है,
चलती ट्रेन की सीट फाड़ना 'स्वैग' नहीं, मूर्खता है, जिस ट्रेन में लाखों लोग सफर करते हैं, उसकी संपत्ति को नुकसान पहुँचाना हर नागरिक का अपमान है।