प्रश्नपत्र में 90 सवालों में 30-30 सवाल गणित, रसायन शास्त्र और भौतिकी से रहेंगे और उनमें से 75 सवालों (25-25 सवाल गणित, रसायन शास्त्र और भौतिकी) से देने होंगे।
ये पिछले साल जैसे ही रहेंगे। छात्रों के जेईई और नीट परीक्षा में सीमित प्रश्नों का उत्तर देने का विकल्प दिया जायेगा। शिक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को यह जानकारी दी
JEE Main , NEET 2021 : इंजीनियरिंग कोर्सेज में प्रवेश के लिए होने वाली जेईई मेन परीक्षा और मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली नीट परीक्षा के सिलेबस में वर्ष 2021 में कोई बदलाव नहीं होगा��
इसके बाद पोखरियाल (Ramesh Pokhriyal) ने मामले पर पुनर्विचार करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) से व्यक्तिगत अपील की है. एक अधिकारी ने अपने नाम को गुप्त रखने के शर्त पर बताया, "स्वास्थ्य मंत्री ने अब (उनके समकक्ष) आश्वासन दिया है कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करेंगे.
हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अरुणा वी वानीकर ने कहा कि अंतिम निर्णय का इंतजार है. उन्होंने आगे कहा, " भारत सरकार से इस पर अंतिम शब्द सुनना बाकी है."
इंजीनियरिंग कोर्सेज में प्रवेश के लिए होने वाली जेईई मेन परीक्षा और मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली नीट परीक्षा के सिलेबस में वर्ष 2021 में कोई बदलाव नहीं होगा। ये पिछले साल जैसे ही रहेंगे। छात्रों के जेईई और नीट परीक्षा में सीमित प्रश्नों का उत्तर देने का विकल्प दिया
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि नीट (यूजी) 2021 परीक्षा के पैटर्न की अभी घोषणा की जानी है। देश के कुछ बोर्डो द्वारा पाठ्यक्रम कम करने को ध्यान में रखते हुए नीट (यूजी) 2021 प्रश्नपत्र में भी जेईई मेंस की तर्ज पर विकल्प दिये दायेंगे।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि नीट (यूजी) 2021 परीक्षा के पैटर्न की अभी घ��षणा की जानी है। देश के कुछ बोर्डो द्वारा पाठ्यक्रम कम करने को ध्यान में रखते हुए नीट (यूजी) 2021 प्रश्नपत्र में भी जेईई मेंस की तर्ज पर विकल्प दिये दायेंगे।
इंजीनियरिंग कोर्सेज में प्रवेश के लिए होने वाली जेईई मेन परीक्षा और मेडिकल कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली नीट परीक्षा के सिलेबस में वर्ष 2021 में कोई बदलाव नहीं होगा। ये पिछले साल जैसे ही रहेंगे। छात्रों के जेईई और नीट परीक्षा में सीमित प्रश्नों का उत��तर देने का विकल्प दिया
हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए अंडर ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अरुणा वी वानीकर ने कहा कि अंतिम निर्णय का इंतजार है. उन्होंने आगे कहा, " भारत सरकार से इस पर अंतिम शब्द सुनना बाकी है."
इसके बाद पोखरियाल (Ramesh Pokhriyal) ने मामले पर पुनर्विचार करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री (Health Minister) से व्यक्तिगत अपील की है. एक अधिकारी ने अपने नाम को गुप्त रखने के शर्त पर बताया, "स्वास्थ्य मंत्री ने अब (उनके समकक्ष) आश्वासन दिया है कि वह इस निर्णय पर पुनर्विचार करेंगे.
हिन्दुस्तान टाइम्स के रिपोर्ट के अनुसार ऑफिशिएयल ने इसकी पुष्टि की है कि शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल (Ramesh Pokhriyal) ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के परामर्श के बाद स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन (Dr. Harsh Vardhan) से इस बारे में बात की है.
#neet2021