अंदरखाने से बात निकल कर आ रही है कि बजटीय विसंगति के कारण शिक्षक बहाली को रोक कर रखा गया है। फ़रवरी में बजट में आवंटन के पश्चात् अगले वित्तीय वर्ष में अप्रैल के बाद नियुक्ति संभव है। पता नहीं इसमें कितनी सच्चाई है पर 5 दिसंबर 2020 को उच्च न्यायालय से हरी झंडी मिलने के बाद भी.....
नीतीश जी के राज्य में पिटाई का रिवाज कुछ ज्यादा ही है,कभी पत्रकार,कभी बेरोजगार।योग्य होते हुए भी जो अभ्यर्थी अपना हक मांगने आए हैं उनके साथ सरकार क्या कर रही है,खुद देखिए:-
@NitishKumar@AshokChoudhaary
नियोजित सीएम @NitishKumar खुद नियमित वेतनमान व सुविधाएं लेकर टीईटी को नियोजित बना एक तिहाई वेतन देते हैं।
अब तो दो साल से लम्बित बहाली के लिए काउंसिल की मांग करने पर भी अभ्यर्थी को पुलिस से पीटवा रहे हैं।
जनता ने नकार दिया फिर भी चिपके हैं उसके बल जिसके भोजन की थाली खींच ली थी।
#cencel_94k_to_stop_farziwada
कब तक अपनी योग्यता को लेकर हम यहां वहां फिरते रहेंगे हम योग्य लोगों को बेरोजगारी झेलना पड़ रहा है जबकि अयोग्यता वाले हमसे रोजगार छीन कर ले जाते हैं फर्जी को रोकने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए @NitishKumar@RanjitIAS@ETVBharatBR
भावी राष्ट्र निर्माताओं पर पटना में सरकार के इशारे पर पुलिस लाठी चार्ज की कड़ी भर्त्सना करते हैं और पुलिसिया कार्रवाई में अनैतिक रूप से गिरफ्तार किए गए नौ युवाओं को तत्काल मुक्त करने की मांग करते हैं।
सरकार युवाओं की जायज मांगों पर शीघ्र अमल करे और
#Release_Counselling_Date
04 सालों में शिक्षक बहाली पूरा न करने के लिए नीतीश जी व इनके शिक्षा मंत्री को वैश्विक मंच पर प्रशस्ति पत्र मिलना चाहिए ।शिक्षा मंत्री तो हर बार नमूना को ही बनाया जाता है जो काम कम बाते अधिक करता है । @AshokChoudhaary@NitishKumar@yadavtejashwi@MisaBharti@TejYadav14
@AkbalDubey माननीय सर्वोच्च न्यायालय से अनुरोध है कि इस अमानवीय और अलोकतांत्रिक लाठीचार्ज पर स्वतः संज्ञान लिया जाए ताकि बिहार राज्य में भावी शिक्षकों के साथ न्याय हो सके।
@barandbench
टीईटी पास शिक्षक भर्ती को लेकर उम्मीदवारों के साथ धरना पर बैठे रालोसपा व GDSF नेताओं की बर्बरतापूर्ण गिरफ्तारी दुर्भाग्यपूर्ण, निंदनीय और लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। लंबित बहाली की प्रक्रिया सरकार अविलंब पूरी करे ।
https://t.co/jfDKzEVP46
नियुक्ति की आस में पटना में धरना-प्रदर्शन कर रहे 94000 शिक्षक अभ्यर्थियों पर नीतीश कुमार द्वारा बर्बरतापूर्ण तरीके से लाठीचार्ज करा रात्रि में उनकी रसोई और पंडाल को उखड़वाना घोर अलोकतंत्रिक और निंदनीय है।
शिक्षक ही एक सभ्य समाज और सभ्य नागरिक का सृजन कर सकते है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बात करना और शिक्षकों की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगाना भावी पीढ़ी के लिए बेईमानी है।सृजनकारी शिक्षकों की ऊर्जा आन्दोलन में नहीं विद्यालय में खर्च हो। शिक्षकों को सम्मान चाहिए पारा 78 लागू करनी होगी।
Article 19 of constitution of India provides us right to stag dharna, demonstrations, procession peacefully against the govt. Why was lathi charge executed by the police on empty-handed teachers' aspirants in Patna?
Shameful deeds
#Release_Counselling_Date
सवा करोड़ लोगों को घर की चाभी मिली, बहुतों को पता भी नहीं चला.! साढ़े नौ करोड़ लोगों को मुद्रा लोन मिला, बहुतों को पता भी नहीं चला.! 20 लाख करोड़ का पैकेज बंट गया, बहुतों को पता भी नहीं चला.!
देखना, एक दिन 130 करोड़ लोगों को वैक्सीन लग जाएगी... और बहुतों को पता भी नहीं चलेगा 😂