13 अप्रैल को नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों का उभरा यह व्यापक आक्रोश कोई आकस्मिक घटना नहीं है, बल्कि वर्षों से चले आ रहे शोषण, कम वेतन, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और लगातार दबाई गई आवाज़ों का विस्फोट है।
लेकिन 13 अप्रैल के बाद जो सामने आया, वह और भी भयावह शर्मनाक व चिंताजनक है- सड़कों पर पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा खुलेआम महिलाओं और बच्चियों को बेरहमी पीटना और उन पर लाठियां बरसाना “कानून व्यवस्था” नहीं, बल्कि भाजपा के डबल इंजन सरकार का निर्मम चेहरा है।
भाजपा एक तरफ सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम पर “नारी सम्मान” का दावा करती है और दूसरी तरफ महिलाओं और बच्चियों को सड़कों पर कुचला जाता है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ,क्या यही है नारी वंदन?
@UPGovt@CMOfficeUP
लखनऊ के विकास नगर में हुआ भीषण अग्निकांड सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि व्यवस्था की लापरवाही और गरीबों की ज़िंदगी की सस्ती समझ का दर्दनाक उदाहरण है।
इस आग ने 1200 से अधिक झोपड़ियों को जलाकर राख कर दिया, सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया और इस दर्दनाक घटना में दो मासूम बच्चों और कई मवेशियों की जलकर मौत हो गई, जबकि 6 बच्चे लापता हैं।
हमारा सवाल है मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से-आखिर इतनी बड़ी बस्ती में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं थे?
स्थानीय लोगों के आरोप बेहद गंभीर हैं कि झोपड़ियां खाली कराने के दबाव में आग लगवाई गई। यदि यह सच है, तो यह गरीबों के खिलाफ एक संगठित अन्याय है। वहीं, दमकल गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच सकीं, प्रशासनिक समन्वय की कमी साफ दिखी और पूरा इलाका अफरा-तफरी में डूबा रहा।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि लखनऊ में पहले भी कई बड़े अग्निकांड हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद फायर सेफ्टी के नियम आज भी कागजों तक सीमित हैं।
@UPGovt से हमारी स्पष्ट मांग है कि लापता बच्चों की जल्द सुरक्षित बरामदगी सुनिश्चित की जाए, घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और सभी पीड़ित परिवारों को मुआवजा व स्थायी पुनर्वास दिया जाए।
भीम आर्मी–आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की लखनऊ की टीम घटना के बाद से ही पीड़ितों के साथ मौजूद है।
@CMOfficeUP
बिजौलियां किसान आंदोलन के जनक, महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर विचारक, उत्कृष्ट कवि एवं पत्रकार, 'राजस्थान केसरी' विजय सिंह पथिक जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन एवँ विनम्र आदरांजलि।
भीम आर्मी एवं आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) के हमारे समर्पित कार्यकर्ता और छोटे भाई कपिल आज़ाद जी के स्वास्थ्य का हाल जानने के लिए आज गाजियाबाद स्थित मणिपाल हॉस्पिटल पहुंचा।
उनके हृदय की सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हो चुकी है। चिकित्सकों की देखरेख में उपचार जारी है और अब उनके स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है।
हमें पूर्ण विश्वास है कि हमारा भाई शीघ्र ही पूर्णतः स्वस्थ होकर पुनः हमारे बीच सक्रिय भूमिका में दिखाई देगा।
प्रकृति से प्रार्थना है कि उन्हें शीघ्र स्वस्थ कर हमारे परिवार और संगठन के बीच सुरक्षित लौटाए।
कुछ भूमाफिया जमीन कब्जा कर रहे हैं और पीड़ित को बुरी तरह मारा पीटा पीड़ित ने अपनी जान बचाने के लिए 100 डायल पुलिस बुलाई पर पीड़ित को ही प्रशासन ने थाने में बैठा लिया था प्रशासन दोषियों पर जल्द से जल्द कानूनी कार्यवाही करे भीम आर्मी आंदोलन करेगी @BhimArmyChief@igrangekanpur
कुछ भूमाफिया जमीन कब्जा कर रहे हैं और पीड़ित को बुरी तरह मारा पीटा पीड़ित ने अपनी जान बचाने के लिए 100 डायल पुलिस बुलाई पर पीड़ित को ही प्रशासन ने थाने में बैठा लिया था प्रशासन दोषियों पर जल्द से जल्द कानूनी कार्यवाही करे भीम आर्मी आंदोलन करेगी @BhimArmyChief@igrangekanpur
"हाँ, मैंने कहा—अगर मैं आपसे नहीं माँगूँगा तो किससे माँगूँगा?
मैं तो कहूँगा कि आप हर महीने QR कोड पर सहयोग करें।
मैं अपने सभी साथियों, कर्मचारियों और अधिकारियों से भी कहूँगा कि आंदोलन को आर्थिक रूप से कभी कमजोर मत पड़ने देना।
क्योंकि हमारी शक्ति आप हैं—हम तो बस आपकी ओर देख रहे है, कि आपकी नज़रें कब हमारी तरफ होंगी।
याद रखिए— जब आंदोलन आगे बढ़ेगा,
तो कोई आपके अधिकार नहीं छीन सकता।
और जब आंदोलन राजनीतिक रूप से शक्तिशाली हो जाएगा,
तो कोई आपकी ओर आँख उठाकर भी नहीं देख पाएगा।"
चार दिसंबर 2025 भारत के उड्डयन इतिहास में सरकार की ऐतिहासिक नाकामी का दिन साबित हुआ—जब 550 से ज़्यादा उड़ानें रद्द हुईं और देशभर के एयरपोर्ट अफरातफरी में डूब गए।
65% मार्केट हिस्सेदारी रखने वाली इंडिगो ने नए FDTL नियमों को दोष दिया,जबकि सरकार का कहना है कि ये नियम यात्रियों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं।असल समस्या इंडिगो की understaffing, लालच, और उसकी मोनोपॉली है।
इस अव्यवस्था का सबसे अमानवीय दृश्य दिल्ली एयरपोर्ट पर दिखा— एक पिता अपनी बच्ची के लिए चिल्ला रहा था: “मुझे पैड दे दो, मेरी बच्ची को ब्लड आ रहा है।” लेकिन इंडिगो की महिला कर्मचारी ने साफ़ इनकार कर दिया। यह मानवीय संवेदना का पतन है।
जब एक एयरलाइन के कारण पूरा देश ठप हो जाए, तो असली समस्या एयरलाइन नहीं, बल्कि सरकारी नीतियों से बनी कॉरपोरेट मोनोपॉली होती है, और यही वजह है कि आज “फ्लाइट कैंसिल” का मुद्दा एक बड़े मॉडल की नाकामी बनकर सामने आया है, जिसे सरकार सालों से “efficiency” के नाम पर बेचती रही।
जिस तरह से जातिवादी मानसिकता रखने वाले कुछ पुलिसकर्मियों ने भीम आर्मी के जिला संयोजक सूरज कुमार को गिरफ्तार किया है यह लोकतंत्र की हत्या है प्रशासन जल्द से जल्द सूरज कुमार को रिहा करे नहीं तो भीम आर्मी आंदोलन के लिए बाध्य होगी ,@BhimArmyChief@kannaujpolice@VinayRatanSingh
बाबा साहेब अंबेडकर जी के गुरू, महान विचारक, लेखक, सत्यशोधक समाज के संस्थापक, क्रांतिसूर्य राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले जी ने जीवनपर्यंत जाति-व्यवस्था की दमनकारी जंजीरों को तोड़ने, शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने और माताओं-बहनों को सम्मान व अधिकार दिलाने के लिए जो संघर्ष किया, तथा सामाजिक अन्याय के विरुद्ध अपने विचारों की मशाल से जो नया रास्ता दिखाया—वह आज भी हमारे आंदोलन और सत्य की लड़ाई का प्रकाशस्तंभ है।
ऐसे महान मानवतावादी महापुरुष के परिनिर्वाण दिवस पर उनके बारे में तथाकथित ‘बाबा’ और घोषित पाखंडी आनंद स्वरूप द्वारा की गई अमर्यादित और मानसिक दिवालियापन दर्शाने वाली टिप्पणी न केवल अत्यंत निंदनीय है, बल्कि यह बहुजन समाज की सामूहिक अस्मिता, सम्मान और हमारे ऐतिहासिक संघर्षों का खुला अपमान है।यह बयान उनकी संकुचित मानसिकता, महिलाओं–बहुजनों के प्रति घृणा, और उनके अंदर बैठे महापुरुषों के प्रति भय, नफरत व जातिवादी विष का प्रमाण है। हम इसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इसी बीच जबलपुर में बहुजन कुशवाहा समाज के लोगों पर जातिवादी गुंडों द्वारा किया गया सुनियोजित हमला इस बात का गंभीर संकेत है कि जातंक व सामाजिक भेदभाव की आग को कुछ तत्व व्यवस्थित रूप से भड़काने में लगे हुए हैं।
यह हमला किसी एक समाज पर नहीं—बल्कि पूरे बहुजन समाज की एकता, अस्तित्व और गरिमा पर सीधा प्रहार है।
हम अपने कुशवाहा भाइयों के साथ एकजुट होकर खड़े हैं और @MP_MyGov से मांग करते हैं कि—
1. आनंद स्वरूप पर अविलंब कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में नफरत और महापुरुषों के अपमान का जहर फैलाने वालों को स्पष्ट और कड़ा संदेश मिले।
2. जबलपुर हमले में शामिल सभी हमलावरों की तत्काल गिरफ्तारी की जाए तथा उन पर कठोर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
3. पीड़ित परिवारों को सरकारी सुरक्षा, पर्याप्त मुआवज़ा और त्वरित न्यायिक सहायता प्रदान की जाए।
4. प्रशासन ऐसे संगठित जातीय अपराधों पर कठोर नियंत्रण स्थापित करे और लापरवाह अधिकारियों की जवाबदेही तत्काल तय की जाए।
महात्मा फुले ने कहा था—“अन्याय के विरुद्ध खड़े होना ही सच्चा धर्म है।”
आज उनकी सीख पहले से अधिक प्रासंगिक है।
क्रांतिसूर्य राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले जिंदाबाद।
बहुजन एकता जिंदाबाद।
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51
जिस तरह से जातिवादी मानसिकता रखने वाले कुछ पुलिसकर्मियों ने भीम आर्मी के जिला संयोजक सूरज कुमार को गिरफ्तार किया है यह लोकतंत्र की हत्या है प्रशासन जल्द से जल्द सूरज कुमार को रिहा करे नहीं तो भीम आर्मी आंदोलन के लिए बाध्य होगी ,@BhimArmyChief@kannaujpolice@VinayRatanSingh
गुरसहायगंज पुलिस का गलत रवैया निर्दोष लोगों को पड़कर उन पर जबरदस्ती सट्टे के आरोप लगाकर दलित युवक को परेशान कर रही है जबकि पीड़ित व्यक्ति के परिजनों से पता चला है कि अपने काम के सिलसिले से बिहार से आज 5 दिन बाद घर वापस आया था @kanujpolice @igrangekanpur@BhimArmyChief
गुरसहायगंज पुलिस दलितों का दामन बंद करें जिस तरह से निर्दोष लोगों को पकड़ कर सट्टे का आरोप लगाकर जेल भेजना चाहती है जो की निंदनीय कृत है प्रशासन अपने इस रवैया में सुधार लाए नहीं तो भीम आर्मी आंदोलन बाद होगी @BhimArmyChief@kannaujpolice@igrangekanpur@myogiadityanath
गुरसहायगंज पुलिस दलितों का दामन बंद करें जिस तरह से निर्दोष लोगों को पकड़ कर सट्टे का आरोप लगाकर जेल भेजना चाहती है जो की निंदनीय कृत है प्रशासन अपने इस रवैया में सुधार लाए नहीं तो भीम आर्मी आंदोलन बाद होगी @BhimArmyChief@kannaujpolice@igrangekanpur@myogiadityanath
गुरसहायगंज पुलिस का गलत रवैया निर्दोष लोगों को पड़कर उन पर जबरदस्ती सट्टे के आरोप लगाकर दलित युवक को परेशान कर रही है जबकि पीड़ित व्यक्ति के परिजनों से पता चला है कि अपने काम के सिलसिले से बिहार से आज 5 दिन बाद घर वापस आया था @kanujpolice @igrangekanpur@BhimArmyChief