बुजुर्ग महिला की तहरीर दिए जाने के 9 दिनों बाद भी अभियोग पंजीकृत क्यों नहीं हुआ है, साक्ष्य होने के बाद भी पनकी पुलिस लापरवाही कर रही है, अधिक देरी भी मुमकिन साक्ष्यों के मिटने का इंतजार हो सकता है @Uppolice@CommissionerKnp@kanpurnagarpol@myogiadityanath
लखनऊ अग्निकांड में कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि क्या जांच सिर्फ निचले स्तर तक सीमित रहनी चाहिए?
जब सुरक्षा व्यवस्था, निरीक्षण और प्रशासनिक जिम्मेदारियां कई स्तरों पर तय होती हैं, तो जवाबदेही भी उसी अनुपात में तय होनी चाहिए।
FSSO कमलेंद्र कुमार जिन्हें अग्निकांड मामले को लेकर सस्पेंड कर दिया गया उन्होंने योगी को पत्र लिखते हुए कहा कि
हमारी ड्यूटी सिर्फ निरीक्षण और रिपोर्टिंग की थी जबकि मुख्य जिम्मेदारी CFO की होती है एक बार हम छोटे कर्मचारियों को सस्पेंड करने से पहले सोचा जाना चाहिए।
वीडियो में आरोपियों के पास लोहे की रॉड और डंडे है और दूसरी वीडियो में लहूलुहान पीड़ित उसके बाद भी पनकी पुलिस द्वारा जान से मारने के प्रयास की धाराओं में बढ़ोत्तरी नहीं की गई क्योंकि आरोपी युवकों को नेताओं का समर्थन प्राप्त है@kanpurnagarpol@myogioffice@DcpCrimeKanpur@Uppolice
आदरणीय महाराज जी एवम् उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री जी आपसे विनम्र अनुरोध है मेरे प्रकरण में लापारवाही और आरोपियों को सरंक्षण देने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्यवाही सुनिश्चित कर मुझे न्याय दिलाने की कृपा करें। कई उच्च अधिकारियों का संरक्षण मिलने के चलते जांच कभी पूरी नही होती
मोहम्मद शाहिद की इंस्टाग्राम 🆔 पर लिखा है , इजरायल को नक्शे से मिटाना है , भारत की विपत्ति में साथ देने वाले देश इजरायल को ये मोहम्मद शाहिद क्यों मिटाना चाहता है क्या ये पाकिस्तान का हितैशी है ?
@KESCoHQ@KESCoCE Electricty went out again Sir.This is a very big problem. It is not possible for a common man to install a generator and off grid solar. We pay the electricity bill on time and also want a better service. Please solve this problem it's my request 🙏🏻
कानपुर पनकी में रोज रात में लाइट जाती है लोग सो नहीं पा रहे हैं भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 ने प्रत्येक नागरिक को जीवन के अधिकार के साथ ही नींद का भी अधिकार दिया है जिसको कानपुर विद्युत विभाग द्वारा लाइट काट कर छीना जा रहा है अधिकारीगण कृपया ध्यान दें @KESCoHQ@KESCoCE
अधिवक्ताओं के विरुद्ध पुलिस का यह व्यवहार कब तक बना रहेगा,कानपुर पुलिस दबंगों और अपराधियों पर अंकुश लगाने पर नाकामयाब दिख रही है, आरोपियों पर कार्यवाही करने के बजाय पीड़िता अधिवक्ता पर समझौते का दबाव बनाये जाने का क्या आशय है?@CMOfficeUP@kanpurnagarpol@myogioffice@Uppolice
@Nhrsijs निवेदन है कि उपरोक्त प्रकरण में आरोपियों से सांठगांठ कर खोखली विवेचना करने वाले पुलिसकर्मियों की जाँच एवं कार्यवाही किए जाने के लिए कानपुर पुलिस को निर्देशित किया जाए ।