"RSS ने मेरे जैसे लाखों लोगों को ,
देश के लिए जीने की प्रेरणा दी है..🚩
पिछले 100 वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत की महान परंपरा और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक संस्कार यज्ञ चला रहा है"
: पीएम नरेंद्र मोदी
बस यही तो सर्जरी थी, जो तुम्हें दिखाया व सुनाया, भ्रम था। दरअसल, सर्जरी चल रही थी।
हालांकि अभी ये तो छोटी हुई है अभी बहुत मेजर होनी है। आख़िर एक देश एक चुनाव जो है।
पीएम मोदी ने आरएसएस को अपना पथ बतलाया है। विज्ञान भवन में आयोजित 98वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने आरएसएस की प्रशंसा करते हुए कहा।
दिल्ली CM रेखा गुप्ता का बड़ा बयान!
"हमारी सरकार है हमें अपने हिसाब से काम करने दें।"
"आतिशी मारलेना हमें न बताएं कि हमें कब क्या करना है।"
: रेखा गुप्ता, मुख्यमंत्री, दिल्ली
महाकुंभ का सटीक और सिलसिलेवार हर प्रकार के लोगों के मनोभावों को व्यक्त करता विश्लेषण । जितनी भी प्रशंसा की जाए, कम ही है ।
महाकुंभ में सबको अपने स्वभाव के अनुसार ही दिखाई दिया
🔹 गिद्धों को शव दिखे,
🔹 सूअरों को गंदगी दिखी,
🔹 नास्तिकों को अंधविश्वास दिखा,
🔹 पाखंडियों को मंच दिखा,
🔹 वामपंथियों को कट्टरता दिखी,
🔹 मिशनरियों को ‘भूखा हिंदू’ दिखा,
🔹 मीडिया को सिर्फ़ टीआरपी दिखी,
🔹 दोगलों को सिर्फ़ अव्यवस्था दिखी,
🔹 फेमिनिस्टों को ‘पितृसत्ता’ दिखी,
🔹 बिके हुए बुद्धिजीवियों को नफ़रत दिखी,
🔹 कांग्रेसीयों को ‘धर्मनिरपेक्षता’ ख़तरे में दिखी,
🔹 अर्बन नक्सलों को ‘भगवा आतंक’ दिखा,
🔹 जेहादियों को ‘लव जिjहाद के शिकार’ दिखे,
🔹 पोप के एjजेंटों को ‘बपjतिस्मा के ग्राहक’ दिखे,
🔹 दरबारी पत्रकारों को ‘भक्तों का उन्माद’ दिखा,
🔹 राजनीतिक दलालों को ‘राजनीति का मौक़ा’ दिखा,
🔹 हिंदू विरोधियों को ‘संविधान ख़तरे में’ दिखा,
🔹 टुकड़े-टुकड़े गैंग को ‘संघी साज़िश’ दिखी,
🔹 अल्पसंख्यक प्रेमियों को ‘मुसjलमान डरा हुआ’ दिखा,
🔹 वामपंथी इतिहासकारों को अपनी झूठी किताबें जलती दिखीं,
🔹 अयोध्या को बाबरी कहने वालों को सनातन का प्रतिशोध दिखा,
🔹 राम को मिथक कहने वालों को स्वयं राम का विजय ध्वज दिखा,
🔹 हिंदू विरोधी पार्टियों को उनकी राजनीति का अंत दिखा,
🔹 सनातन को मिटाने का सपना देखने वालों को अपनी क़jब्र खुjदती दिखी,
🔹 वो जो ‘हिंदू आतंjकवाद’ की कहानी लिख रहे थे, उन्हें हिंदू जागृति का महासंग्राम दिखा,
🔹 जो सनातन को जड़ मान बैठे थे, उन्हें उसकी अमर बेल बढ़ती दिखी,
🔹 जो गजवा-ए-हिंद का सपना देख रहे थे, उन्हें सनातन का शस्त्र उठता दिखा,
🔹 जो भारत तोड़ने की साज़िशें रच रहे थे, उन्हें अखंड भारत की गरज सुनाई दी,
🔹 जो राम के अस्तित्व पर प्रश्न उठा रहे थे, उन्हें रामराज्य का सूर्योदय दिखा,
🔹 जो हिंदू संतों का अपमान कर रहे थे, उन्हें संतों की हुंकार सुनाई दी,
🔹 जो सनातन को 1000 साल में मिटा नहीं सके, उन्हें अपनी औकात याद आई,
और
🔹 🚩🚩सनातनियों को आस्था, अध्यात्म, मोक्ष और भारत की आत्मा दिखी।🚩🚩
⚡ “जिनकी आत्मा काली हो, उन्हें गंगाजल भी कीचड़ लगेगा! जिनके पूर्वज ग़ुलाम थे, उन्हें सनातन का वैभव नागवार गुज़रेगा!” ⚡
🔥 “महाकुंभ में जिनके भीतर हिंदू रक्त बह रहा था, उन्हें दिव्यता का अनुभव हुआ… और जिनकी नसों में गुलामी का ज़हर था, उन्हें अपनी राजनीति डूबती दिखी!” 🔥
💥 “जो लोग हिंदू धर्म के अस्तित्व पर प्रश्न उठा रहे थे, उन्हें महाकाल का तांडव दिखा! सनातन मरा नहीं था, बस जाग रहा था ...अब यह जागरण प्रलय लेकर आएगा!” 💥
🚩 “महाकुंभ में आस्था के महासागर में जो डूबा, वो पार हो गया… और जो इसकी दिव्यता से जल गया, वो ख़ाक हो गया!” 🚩
आगे केवल सनातन का उत्थान है और अधर्म का संपूर्ण विनाश!” 🚩🔥
हर हर महादेव 🚩
(संकलन/लेखक ~ भूमि)
12वर्ष पहले केजरीवाल एकाएक कहीं से आया और दिल्ली जीत ली. फिर दोबारा और तिबारा जीत लिया, वह भी भयंकर भारी बहुमत से.
साथ ही पंजाब जीता, गोवा और गुजरात में भी थोड़ी बहुत पैठ बनाई. किसी भी दृष्टि से एक राजनीतिक फ्रीलांसर के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि होती.
बस एक अंतर है... केजरीवाल राजनीति का फ्रीलांसर नहीं है... फ्रेंचाइजी है.
उसने भारत में वामपंथ की फ्रेंचाइजी ली है. जब खुल्लमखुल्ला कम्युनिज्म की दुकान बन्द हो गई तो दबे छुपे वैश्विक लिबरल वामपंथ को अपना काम पसारने के लिए एक लोकल पार्टनर चाहिए था. इसमें केजरीवाल ने टेंडर भरा और कांग्रेस को पछाड़ते हुए भारत में वामपंथ की दुकान चलाने का कॉन्ट्रैक्ट ले लिया. और इस तरह केजरीवाल का राजनीतिक स्टार्टअप एक एस्टेब्लिश्ड कम्पनी बन गया.
इधर राहुल गाँधी को यह मिस्ड बिजनेस ऑपर्च्युनिटी थोड़ी देर से समझ में आई.
तबतक सारा बिजनेस केजरीवाल लिए जा चुका था. फिर उन्होंने इसकी भरपाई करने में एड़ी चोटी का जोर लगा दिया. उनकी दिखावे की सेंट्रिस्ट पॉलिटिक्स का स्पेस राइट टू सेंटर खिसक कर भाजपा के पास चला गया था. लेफ्ट वाला स्पेस केजरीवाल खाए जा रहा था. इसको देखकर राहुल गाँधी की भाषा बदल कर बिल्कुल नक्सलियों वाली हो गई. वह संपत्ति के बंटवारे की बात करने लगा, भारत को "नेशन" की जगह "यूनियन ऑफ स्टेट्स" बुलाने लगा, जातिवाद और क्षेत्रीयता के नाम पर देश को तोड़ने वाली भाषा खुलकर बोलने लगा.
दिल्ली चुनावों में यह जो कॉन्ग्रेस ने 6% वोट निकाल कर केजरीवाल का पत्ता काट दिया है, यह उसी लॉस्ट स्पेस और मिस्ड बिजनेस ऑपर्च्युनिटी को वापस पाने की कोशिश है. आने वाले दिनों में कॉन्ग्रेस और आपदा के बीच अपने नक्सली क्रेडेंशियल स्थापित करने में और कड़ा मुकाबला होने की संभावना है... अगर उनके विदेशी आकाओं की ओर से कोई डील न आ जाए. यह भी संभव है कि उनकी टेरिटरी बांट दी जाए कि दोनों में कौन देश के किस हिस्से में पेट्रोल छिड़केगा और कौन कहाँ माचिस मारेगा. यह डील इस दिल्ली चुनाव के पहले भी आ सकती थी, लेकिन क्या है कि उनके मालिकों की अपनी ही हालत पस्त है और वे ट्रम्प और मस्क से अपना ही चेहरा बचाने में उलझे हुए हैं।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में 19 साल की युवती के साथ 4 जिहादियों ने किया दुष्कर्म...
दुष्कर्म के बाद युवती को छत से फेंका...
हिंदू समाज का प्रदर्शन, फांसी और बुलडोजर एक्शन की मांग..
#Narsinghpur#madhyapradesh#BulldozerAction
इस आदमी को बड़ी तकलीफ है सनातन धर्म और सनातन धर्म के लोगों से...
प्रयागराज में सबसे ज्यादा अफवाह सपाई फैला रहे हैं ।
अखिलेश यादव महाकुंभ में जो हिंदू सनातनी उमड़ रहे हैं उसे देखकर इतना डर गए क्योंकि इनको पता चल गया कि सनातन अपनी जड़ों की ओर वापस लौट रहा है और अगर सनातनी जागृत हो गए तो इनको वोट नहीं देंगे
इसीलिए अखिलेश यादव लगातार कुंभ पर एक के बाद एक झूठ और अफवाह फैला रहे हैं ।
India’s got latent जैसे शो को इस सनातन की धरती पर बैन कर देना चाहिए
लाखो लोगो की आस्था से खिलवाड़
लाखो युवाओ को अभद्रता सीखाने का नया तरीका
अनेको माताओ बहनों को नीचे गिराने का नजरिया बन गया है ये शो ।
दुनिया का सबसे घटिया और बेहूदा शो है समय रैना का India's GOT Letent 🤬🤬
आपको पता है अभी तक क्या क्या हुआ है यहां ?
पहले पिता के रिश्ते को अपमानित & शर्मसार किया गया ,फिर कश्मीरी पंडितों को अपमानित किया गया ,फिर महिलाओं के चरित्र का उपहास बनाया गया ।
अब एक यूट्यूबर रणबीर ने मां के बारे में जो बोला शर्मसार करने वाला है मुझे ये नहीं पता क्या ये इंसान ये सब बोलने के बाद अपने मां की नजर से नजर मिलाकर बात कर पाएगा ?
इसके साथ ही साथ संस्कृति सभ्यता की धज्जियां उड़ाई जाती हैं इस शो में 🤬
और वहां पर पैनल में बैठे लोग उसे पर तालियां मार जाते हैं और हंसते हैं खिलखिलाकर जब यह सब होता है ।