मैनपुरी के दिव्यांग सूरज तिवारी ने आईएएस की परीक्षा पहली बार में ही निकाल कर साबित कर दिया कि संकल्प की शक्ति अन्य सब शक्तियों से बड़ी होती है।
सूरज की इस ‘सूरज’ जैसी उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएँ!
एक समय था जब UPSC में हिन्दी मीडियम का अस्तित्व तक खतरे में आ गया था। 2020 में लगभग हिन्दी माध्यम से 10 बच्चे UPSC क्लियर किए थे, वहीं ये संख्या 2021 में कुछ बढ़कर 34 हो गई। इस बार 2022 के परिणाम में 54 हिन्दी माध्यम के अभ्यर्थी पास हुए हैं।
इसका श्रेय विकास सर को जाता है।
@JaikyYadav16 खान सर ने अक्टूबर नवम्बर 2022 में शायद पहला बेच स्टार्ट किया है लेकिन आपको थोड़ा बहुत ध्यान होता तो ऐसी पोस्ट नहीं करते...!!!
खैर आप आदत से लाचार हैं
भाजपा कह रही है, अडानी पर आक्रमण देश पर आक्रमण है।
उनके लिए देश अडानी है और अडानी देश है।
आखिर प्रधानमंत्री अडानी को बचाने में अपनी पूरी शक्ति क्यों लगा रहे हैं?!
कानून अपना समय लेगा।
लेकिन इस दौरान इंसानियत और आत्मा पर से जो पर्दा उठा है वो हमेशा आपके चरित्र का प्रमाण पत्र रहेगा।
कल फ़िर एक नई सुबह होगी।
बस हौंसला बुलंद रखना।