CJP आंदोलन का असली चेहरा बेनकाब! 🚨
एक सिख भाई ने सच उजागर कर दिया है: इस भीड़ में 20% भी छ��त्र नहीं हैं। यह छात्रों के हक़ की लड़ाई नहीं, बल्कि अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने वालों का जमावड़ा बन चुका है।
धीरे-धीरे पूरा देश इनका असली एजेंडा समझ रहा है।
JNU के छात्रों द्वारा बड़ा खुलासा
JNU में क्लास के बीच में बच्चों को जबरदस्ती बाहर
निकाला जा रहा हे को प्रोटेस्ट के लि��
छात्रों का एग्जाम चल रहा छात्र आना नहीं चाह रहे तो
छात्रों को धमकी दे रहे हे सबको याद रखा जाएगा
असली फसाद की जड़ यह JNU ही है
ज्ञान बांचने चली थीं मंत्री जी को, लेकिन खुद 'NEET' का फुल फॉर्म पूछने पर सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई! 😂
यही सच्चाई है इन फर्जी 'बुद्धिजीवियों' की। कैमरा देखते ही एजेंडा चलाना आता है, पर बेसिक नॉलेज जीरो है। गजब की बेइज्जती! 🤡🔥
दिल्ली में दंगे करने की कोशिश करने वाले छात्र नहीं है
NEET का एग्जाम कितने पेपर का हे उन्हें पता नहीं
प्रधान शिक्षामंत्री नहीं इलेक्शन मंत्री हे यह बोल रहे
और प्रोटेस्ट में आकर दंगे भड़काने का काम कर रहे
केजरीवाल के दोनों बच्चे अमेरिका में है
मनीष सिसोदिया का बेटा लंदन में है
डिंपल यादव और अखिलेश यादव के दोनों बच्चे लंदन में है
खुद योगेंद्र यादव का बेटा लंदन में है
संजय सिंह का बेटा विदेश में है
प्रियंका वाड्रा के दोनों बच्चे विदेश में हैं
कम्युनिस्ट पार्टी के तमाम बड़े नेताओं के बच्चे विदेश में है
और यह मूर्ख उनके बहकावे पर आकर पुलिस की लाठी खा रहे हैं
अ���े मूर्खो तुम्हें जो बहला फुसलाकर यहां लाया है तुम्हें सबसे पहले उनसे सवाल करनी चाहिए कि तुम अपने बच्चों को यहां भेजो
विपक्ष का जो नेता तुम्हारे पास आकर घड़ियाली आंसू बहा रहा है तुम उनसे सवाल करो कि अपने बच्चों को यहां भेजो
All these NEET aspirants are above 30 years of age.
Neither they are candidates nor they are parents.
What are they doing at protest site ?
Well planned and executed chaos.
दिल्ली पुलिस को पत्रकारों को पीटने वालों पर गम्भीर धाराओं में FIR दर्ज करना चाहिये-
कॉकरोचों ने पत्रकार की हत्या का प्रयास किया-
हालत देखो... यही है शांतिपूर���ण आंदोलन?
क्या गलती है पत्रकार की?
क्या गलती है आम लोगों की जिनकी गाड़ी तोड़ा?
रेहड़ी पटरी वालों की दुकानें क्यों लूटा?
शांतिपूर्ण प्रदर्शन" का असली चेहरा!
हिंसक भीड़ ने ड्यूटी पर तैनात RAF जवान को दौड़ाकर पीटा और उसी की शील्ड छीनकर उस पर जानलेवा हमला किया। यह कोई विरोध नहीं, खुला दंगा है।
कानून के रक्षकों पर हाथ उठाने वाले इन दंगाइयों का असली चेहरा आज देश के सामने है!