@thebiharoffice Is handle se jo bhi tweete aata hai o pk ke against hi aata hai . Show off ke liye Nispksh Handle hai ye Name change kar lo yarr tm Bjp it cell kr lo .
Bihar ko knowledge ka center bola jata tha but abhi rule kar raha hai Haffidavit wala ..
In case you're looking for Swadeshi alternatives that are equally good, private & safe:
Google Chrome → @UlaaBrowser
Gmail → @ZohoMail
GPay or PhonePe → @NPCI_BHIM or Bank's own UPI apps
Google Sheet → @ZohoSheet
WhatsApp → @Arattai
Google Password Manager → @ZohoVault
Netflix → @JioHotstar
Google / Microsoft Authenticator → @ZohoOneAuth
Microsoft Suite (Business) → @ZohoWorkplace
Share this to all Indians, including your friends & family. Help them get onboarded too.
Floods in Bihar have displaced families and damaged homes. Relief centres are providing food, water, and shelter to those affected.
@Aahwahan_NGO is one of the groups on the ground with 50,000+ relief kits & 53 relief centres across worst-hit districts.
Together, we can make a difference. Support their efforts here:https://t.co/3JH0NCE3cv
@abhinaymaths Agar is desh me @abhinaymaths sir jaise log nhi bolenge to kya is desh ke so called illitrate educated person( leader) bolenge jinko kuch nhi pta o is desh ke raja bne baithe hai Ek FIR ho jane pr Is desh me koi govt. job nhi milti kyunki jinpr ye sb hai o desh ka law bna rhe
बेरोज़गारी दर 45 सालों में सबसे ज़्यादा है — ये हम नहीं, सरकार के आँकड़े कहते हैं।
क्या नौकरी देना सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है?
अब लोग कहने लगे हैं — "भारत में युवाओं के पास स्किल नहीं है!"
तो ये स्किल देगा कौन?
किसकी ज़िम्मेदारी थी ये सिखाने की?
उस एजुकेशन सिस्टम की जिसने उसे पास कर दिया,
जिस कॉलेज ने उससे फीस ली, फिर अगले बैच के बच्चों से पैसे कमाने में लग गया,
जिसे पार्टियों को चंदा देना था…
अब जब वो पढ़-लिख गया है, तो कह रहे हो — "इसमें स्किल नहीं है!"
सच्चाई Exams ki ye है —
बच्चा अगर पास हो भी जाए,
तो ये सिस्टम उसे फेल कर दे raha hai है।
#Railway_Reform
@abhishereporter Tmko main follow krta nhi hun tm mere feed me kaise aa jate ho . Dusron ka name lekr khud ka ghar chalana chhoro badiya koi kam dhandha dundo . lgta hai hmesa chaplusi hi kroge dusron ka
पूरी बहस अब एक जगह आ करके के रुक रही है- manufacturing, भारत के बहुत से दुखों की फिलहाल एक ही दवा है-manufacturing।
चाहे वो भारत से बड़ी संख्या में टैलेंटेड युवाओं का विदेश पलायन (brain drain) हो, या फिर हमारी घरेलू बेरोजगारी, आधुनिक रक्षा उत्पादों में विदेशी आपूर्ति पर हमारा अत्यधिक भरोसा या फिर चीन जैसे देशों के साथ खतरनाक व्यापार घाटा- हर समस्या की जड़ में एक ही समाधान दिखता है
भारत को निर्माण करना होगा- खुद के लिए और दुनिया के लिए।
हर साल लाखों युवा पढ़ने के लिए विदेश जाते हैं और वहीं बस जाते हैं।
अगर हम उन्हें यहीं बेहतर शिक्षा, रिसर्च और रोजगार के अवसर दें, तो न हमारा टैलेंट बाहर जाएगा और न ही पैसा।
हमारे पास सिर्फ टैलेंट ही नहीं - हाथ में हुनर और मेहनत करने वाले करोड़ों लोग हैं जो ग्रोसरी डिलीवरी से लेकर फूड डिलीवरी करने में दिन-रात लगे हुए हैं।
जरूरत है स्किल और श्रम को manufacturing और innovation में लगाने की।
और सबसे अहम - हमारा खुद का एक विशाल बाज़ार है। आज चीन हमारे देश में अपने प्रोडक्ट्स बेचकर पैसा कमाता है, और फिर उसी पैसे से पाकिस्तान जैसे देशों को सैन्य मदद देता है। ये चक्र तोड़ना जरूरी है।
जैसे-जैसे भारत तरक्की की राह पर आगे बढ़ रहा है, हमारे सामने चुनौतियां भी उतनी ही तेज़ी से बढ़ रही हैं। आज हम दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। हमारी अर्थव्यवस्था, बाजार और सैन्य ताकत हमें वैश्विक शक्ति बनाती है ,लेकिन यही ताकत अब दुनिया के कई बड़े देशों की बेचैनी का कारण भी बन रही है।
इसका सबसे ताज़ा उदाहरण है- भारत में बने तेजस MK1A लड़ाकू विमान के लिए अमेरिका से आने वाले इंजन की डिलीवरी। जब भारतीय वायु सेना को इन इंजनों की सबसे अधिक जरूरत है, तब यह डिलीवरी अभी तक टल रही है।
ऐसे उदाहरण आपको हर क्षेत्र में दिख जाएंगे।
और इसी संदर्भ में आज वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह जी ने भी एक ऐतिहासिक अपील की:
"अगर आज कुछ इंडस्ट्रीज़ वर्ल्ड-क्लास कार, इलेक्ट्रॉनिक और उपकरण बना सकती हैं, तो वही मिलकर वर्ल्ड-क्लास डिफेंस इक्विपमेंट क्यों नहीं बना सकतीं? भले ही मुनाफा थोड़ा कम हो...