. @alokrajRSSB जी
हम नर्सिंग विद्यार्थियों की बात भी सरकार के संज्ञान में लाओ
परमानेंट नर्सिंग ऑफिसर भर्ती 4200 gp की मैरिट बोनस से होना कहा जायज है
पिछले 10 वर्षों से यही चल रहा है
अब आने वाली भर्ती एग्जाम से हो इसके लिए हमारा संघर्ष चल रहा हैं
#नर्सिंग_भर्ती_एग्जाम_से_हो
फाइनली OPJS चूरू का फुल पर्दाफाश, वैसे टाइम लगता है ऐसे कामों में।
SOG ने हमारा बहुत साथ दिया इस संघर्ष में।
राज्य सरकार का बहुत बहुत आभार इस स्ट्रांग एक्शन के लिए।
सभी युवाओं को सलाह की फर्जी यूनिवर्सियों से बचें, दलालों से बचें।
सीधे चलें!
@news24tvchannel@KanganaTeam नर्सिंग प्रोफेशन पर movie बना कर ऐसे घटिया स्टेटमेंट देना बहुत ही गलत है @KanganaTeam
आपकी movie का समस्त नर्सिंग प्रोफेशन बॉयकॉट करता है
#बॉयकॉट
एक नोबेल प्रोफेशन के लिए आपका घटिया स्टेटमेंट सही नहीं है.........
@news24tvchannel@KanganaTeam नर्सिंग प्रोफेशन पर movie बना कर ऐसे घटिया स्टेटमेंट देना बहुत ही गलत है @KanganaTeam
आपकी movie का समस्त नर्सिंग प्रोफेशन बॉयकॉट करता है
#बॉयकॉट
एक नोबेल प्रोफेशन के लिए आपका घटिया स्टेटमेंट सही नहीं है.........
क्यों सुनना चाहिए हेमंत जी
इनकी मांगे ही गलत है
ये निविदा कर्मी है जो प्लेसमेंट एजेंसी तक सीमित है
बिना रिश्वत के प्लेसमेंट एजेंसी वाले किसी को नहीं लगाते..
अब सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करने में थोड़ा सही कदम उठा रही हैं तो इसमें गलत क्या है....
गलत है ये
जब प्लेसमेंट एजेंसी को लिमिटेड समय तक टेंडर मिलता हैं तो ये सरकार पर यू दबाव नहीं बना सकते
असली संविदा वालों जो एग्जाम देकर आए हैं उनको सरकार ज्वाइनिंग दे रही हैं इनको हटा कर
जिससे निविदा प्रथा बंद हो सके
इनको प्लेसमेंट एजेंसी के द्वारा एक limit ड्यूरेशन के लिए लिया जाता है
जैसे ही प्लेसमेंट एजेंसी का टेंडर खत्म होता हैं सरकार हटा देती है
तो इसमें गलत क्या है?
और वैसे भी सरकार एग्जाम से सिलेक्ट हुए लोगों को लगा रही है तो इनको हटाना जायज है
@zeerajasthan_
सावधान रहें,
Rajmes, NHM संविदा स्टाफ ज्वाइनिंग से बोनस माफिया की विदाई हो गई,
कुछ दलाल सिस्टम ऐक्टिव हो गए, कोर्ट, टेन्डर बढ़ाने के नाम पर वसूली की जा रहीं है,
पैसे लूटने से बचे, कुछ नहीं होगा,
किताब पकड़े और आगामी भर्तियां कीं तयारी करे
. @ashokgehlot51 जी राजस्थान में ये ठेका प्रथा वाली बीमारी आप की ही देन है
अब इनको इसलिए हटाया गया है कि csr-2022 वाले लोग इनकी जगह ज्वाइन कर सके।
इसमें कोई गलत बात नहीं है
@BhajanlalBjp सरकार का एक सराहनीय कदम है ठेकप्रथा और बोनसप्रथा को खत्म करने में..
. @ashokgehlot51 जी ये हटाए गए लोग प्लेसमेंट एजेंसी के मजदूर हैं जो ठेकेदारों को रिश्वत देकर लगे हैं
अब इनको हटा कर एग्जाम पास किए हुआ स्टॉफ आ रहा है तो इसमें गलत क्या है।
अगर ऐसे ही ठेकाप्रथा का हितैषी बनते रहे तो राजस्थान में @INCIndia वापसी मुश्किल है...
. @ashokgehlot51 जी ये हटाए गए लोग प्लेसमेंट एजेंसी के मजदूर हैं जो ठेकेदारों को रिश्वत देकर लगे हैं
अब इनको हटा कर एग्जाम पास किए हुआ स्टॉफ आ रहा है तो इसमें गलत क्या है।
अगर ऐसे ही ठेकाप्रथा का हितैषी बनते रहे तो राजस्थान में @INCIndia वापसी मुश्किल है...
हमारी सरकार ने 'राजस्थान कॉन्ट्रैक्टुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स-2022' बनाकर प्रदेश के संविदा कर्मियों को नियमित करने और भविष्य सुरक्षित करने का ऐतिहासिक काम किया था। लेकिन आज भाजपा सरकार उसी नियम की आड़ में युवाओं को बेरोजगार कर रही है!
मुख्यमंत्री जी के खुद के गृह जिले भरतपुर का यह हाल है कि RBM और जनाना अस्पताल से एक झटके में 171 नर्सिंग कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके विरोध में रात भर युवा अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे रहे और कार्य बहिष्कार करना पड़ा।
NICU-PICU जैसे संवेदनशील वार्डों का स्टाफ हटाने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और जनता परेशान है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, युवाओं के पेट पर लात मारना बंद कीजिए और इन अल्प आय वर्ग के कार्मिकों के हित में फैसला कीजिए।
. @ashokgehlot51 जी राजस्थान में ये ठेका प्रथा वाली बीमारी आप की ही देन है
अब इनको इसलिए हटाया गया है कि csr-2022 वाले लोग इनकी जगह ज्वाइन कर सके।
इसमें कोई गलत बात नहीं है
@BhajanlalBjp सरकार का एक सराहनीय कदम है ठेकप्रथा और बोनसप्रथा को खत्म करने में..
हमारी सरकार ने 'राजस्थान कॉन्ट्रैक्टुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट्स रूल्स-2022' बनाकर प्रदेश के संविदा कर्मियों को नियमित करने और भविष्य सुरक्षित करने का ऐतिहासिक काम किया था। लेकिन आज भाजपा सरकार उसी नियम की आड़ में युवाओं को बेरोजगार कर रही है!
मुख्यमंत्री जी के खुद के गृह जिले भरतपुर का यह हाल है कि RBM और जनाना अस्पताल से एक झटके में 171 नर्सिंग कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इसके विरोध में रात भर युवा अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे रहे और कार्य बहिष्कार करना पड़ा।
NICU-PICU जैसे संवेदनशील वार्डों का स्टाफ हटाने से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है और जनता परेशान है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, युवाओं के पेट पर लात मारना बंद कीजिए और इन अल्प आय वर्ग के कार्मिकों के हित में फैसला कीजिए।
LHMC में Nursing Outsourcing बंद करो।
Nursing Services को Contract System से दूर रखो।
Patient Care, Service Quality और Government Healthcare को बचाने के लिए AIGNF & CGNF लगातार आंदोलन कर रहे हैं।
@MoHFW_INDIA@PMOIndia @HAL_Secretary @VinodKotwalIAS
#StopOutsourcing#AIGNF#CGNF
ये भर्तियां csr के द्वारा क्यों हो रही हैं
जबकि परमानेंट वेकैंसी एग्जाम के द्वारा करवानी चाहिए सरकार को।
परमानेंट पोस्ट पर कंट्रक्चुअल स्टॉफ क्यों लगाए जा रहे हैं.....
राजस्थान में नर्सिंग के बुरे दिन शुरू है
🚨नई भर्ती 2026- 27 अपडेट 2861 संविदा स्टाफ नर्स,84फार्मासिस्ट,84 लैब तकनीशियन राजमेश के अधीन मेडिकल कॉलेज में कमी के चलते लिया जाएगा जिसकी नोटिफिकेशन लगभग अगस्त से सितंबर में जारी कर दी जायेगी।
एग्जाम 2027 में ही होगा इस भर्ती का।
नोट- यह संविदा स्टाफ नर्स भर्ती है।
गंगाधर ही शक्तिमान है
ये भर्तियां csr के द्वारा क्यों हो रही हैं
परमानेंट पोस्ट पर कंट्रक्चुअल स्टॉफ क्यों लगाए जा रहे है?
ये मीठा ज़हर है जो bjp गवर्नमेंट दे रही हैं?
और 4200 gp की पोस्ट को खत्म कर रही है
बोनस प्रथा को खत्म कर के परमानेंट भर्ती एग्जाम से करवानी चाहिए थी
माननीय मुख्यमंत्री श्री Bhajan Lal Sharma जी एवं माननीय चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह जी,
सविनय निवेदन है कि राजस्थान में होने वाली नर्स भर्ती प्रक्रिया केवल लिखित परीक्षा (Exam Base) के आधार पर करवाई जाए। वर्तमान में संविदा एवं NGO के माध्यम से अस्पतालों में जो भर्ती की जा रही है, उसमें खुलेआम पैसों का लेन-देन किया जा रहा है। कई स्थानों पर दलाल और सिफारिशी लोग नौकरी लगवाने के नाम पर गरीब विद्यार्थियों से पैसे मांग रहे हैं। जिन छात्रों के पास पैसे या राजनीतिक सिफारिश नहीं है, उनके साथ अन्याय हो रहा है।
जो छात्र-छात्राएँ वर्षों से मेहनत करके नर्सिंग भर्ती की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए। यदि भर्ती केवल मेरिट एवं बोनस अंकों के आधार पर होगी, तो पहले से NGO या संविदा में लगे लोगों को ही अधिक लाभ मिलेगा। गरीब एवं मेहनती विद्यार्थी हमेशा पीछे रह जाएंगे।
कई गरीब छात्र मजबूरी में पैसे देकर नौकरी प्राप्त भी कर लेते हैं, लेकिन बाद में उन पर किसी न किसी प्रकार के आरोप लगाकर बाहर कर दिया जाता है और उनकी जगह किसी सिफारिश वाले व्यक्ति को लगा दिया जाता है।