ओबीसी आरक्षण के बिना महिला आरक्षण लाना सामाजिक न्याय के विपरीत होगा!
अगर ये बिल ओबीसी महिलाओ कि हिस्सेदारी सुनिश्चित किये बगैर आता है तो पिछडो का बीजेपी से भरोसा टूट जायेगा!
@umasribharti जी
🔥 ओबीसी के अधिकारों पर कब तक ताला? 🔥
विगत 07 वर्षों से
ओबीसी वर्ग की 13% हिस्सेदारी पर
बीजेपी सरकार कुंडली मारकर बैठी है!
❗ ओबीसी के साथ आखिर अन्याय कब तक?
❗ हमारा हक हमें दो!
✊ ओबीसी को न्याय दो
✊ 13% होल्ड आरक्षण को तुरंत बहाल करो!
🚨 अब चुप नहीं बैठेंगे!
🚨 अधिकार लेकर रहेंगे!
📢 निवेदक:
हेमराज गुर्जर
ओबीसी महासभा युवा मोर्चा, मध्यप्रदेश
🚨 डंके की चोट पर वादा… और अब चुप्पी क्यों? 🚨
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी, आपने खुद कहा था—
👉 13% ओबीसी होल्ड हटाया जाएगा!
लेकिन आज वही मुद्दा ठंडे बस्ते में क्यों?
यह चुप्पी ओबीसी समाज के लिए गहरी पीड़ा और अन्याय का प्रतीक बन चुकी है।
❗ क्या वादे सिर्फ चुनाव तक ही सीमित थे?
❗ क्या ओबीसी समाज की आवाज़ इतनी कमजोर समझी गई?
🔥 याद रखिए —
ओबीसी समाज सब देख रहा है, सब समझ रहा है!
📢 हमारी सीधी मांग:
👉 13% होल्ड आरक्षण तुरंत बहाल करो!
✊ अब चुप नहीं बैठेंगे!
✊ हक लेकर रहेंगे!
वादा निभाओ, नहीं तो जवाब देना होगा!
#OBC_न्याय_दो #13प्रतिशत_बहाल_करो #वादा_निभाओ #OBC_एकता
@HemraajGurjar
देश के संविधान की रक्षा, हमारा कर्तव्य है! 🇮🇳
आज जब ओबीसी वर्ग के हक पर 13% आरक्षण होल्ड करके अन्याय किया जा रहा है,
तो चुप रहना भी एक अपराध है।
✊ हम अपने अधिकार मांग रहे हैं,
✊ किसी का हक नहीं छीन रहे हैं।
13% OBC आरक्षण होल्ड हटाओ!
सामाजिक न्याय बहाल करो!
यह लड़ाई सिर्फ एक वर्ग की नहीं,
बल्कि संविधान और समानता की रक्षा की लड़ाई है।
🔥 जब तक हक नहीं मिलेगा, संघर्ष जारी रहेगा!
🇮🇳 जय हिंद – जय भारत 🇮🇳
#जय संविधान #जय ओबीसी
@HemraajGurjar@OBCARMYCHIEF_I
पिछड़ावर्ग के साथ ये कैसा अन्याय?
भारतीय जनता पार्टी की सरकार में आज दिनांक तक पिछड़ावर्ग से संबंधित 13 बोर्डों के अध्यक्षों की नियुक्ति नहीं की गई!
जबकि—
➡️ परशुराम कल्याण बोर्ड यथावत जारी है एवं
➡️ महाराणा प्रताप बोर्ड की नियुक्ति 25 अप्रैल 2026 को कर दी गई
तो फिर सवाल ये है—
पिछड़ावर्ग के बोर्ड ही क्यों उपेक्षित?
सभी सामाजिक बोर्डों की अनदेखी आखिर कब तक?
क्या पिछड़ावर्ग सिर्फ वोट बैंक है?
क्या 13% होल्ड की तरह ही अब बोर्ड भी होल्ड पर हैं?
🔥 अब चुप नहीं बैठेंगे!
🔥 हक मिलेगा, छीनकर लेंगे!
⚠️ मप्र देवनारायण बोर्ड,⚠️ तेजाजी कल्याण बोर्ड
⚠️ विश्वकर्मा कल्याण बोर्ड, ⚠️ पल धनगर समाज कल्याण बोर्ड, रजक कल्याण बोर्ड आदि
@HemraajGurjar
🔥 कब तक दबाओगे ओबीसी का हक? 🔥
प्रदेश में ओबीसी की आबादी 50% से अधिक,
फिर भी 13% आरक्षण पर होल्ड क्यों?
यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं,
यह लाखों युवाओं के सपनों का गला घोंटने जैसा है!
❗ मुख्यमंत्री मोहन यादव जी जवाब दें —
ओबीसी बच्चों का भविष्य आखिर कब तक अंधेरे में रखा जाएगा?
जहाँ एक तरफ बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं,
वहीं दूसरी तरफ हकीकत में
ओबीसी समाज के अधिकारों को कुचला जा रहा है!
⚠️ अब चुप नहीं बैठेगा ओबीसी समाज
⚠️ हक लेकर रहेंगे, छीनकर रहेंगे
👉 13% होल्ड तुरंत हटाओ
👉 ओबीसी को उसका पूरा अधिकार दो
✊ यह लड़ाई सम्मान की है
✊ यह लड़ाई भविष्य की है
अबकी बार अन्याय नहीं सहेंगे!
@HemraajGurjar
4 करोड़ का घोटाला… और वो भी चार साल तक किसी को भनक तक नहीं!
क्या यही है सिस्टम की जवाबदेही?
होटल-जंगल सफारी बुकिंग में इतना बड़ा गबन हो गया, लेकिन विभाग सोता रहा।
जब जनता के पैसे की सुरक्षा ही नहीं हो पा रही, तो फिर जिम्मेदारी कौन लेगा?
👉 ये सिर्फ एक घोटाला नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही का खुला सबूत है।
👉 अगर समय पर जांच होती, तो करोड़ों रुपये बचाए जा सकते थे।
अब सवाल सीधा है:
आखिर 4 साल तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
किसके संरक्षण में ये खेल चलता रहा?
जिम्मेदार अधिकारियों पर अब तक कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं?
⚖️ हमारी मांग: ✔️ पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच हो
✔️ सभी दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो
✔️ जिन अधिकारियों की लापरवाही सामने आए, उन्हें तुरंत हटाया जाए
✔️ जनता के पैसे की एक-एक पाई वापस लाई जाए
जनता अब जवाब चाहती है, बहाने नहीं!
अगर अभी भी सख्ती नहीं हुई, तो ऐसे घोटाले आगे भी होते रहेंगे।
#जवाबदोसरकार #भ्रष्टाचार_खत्म_करो #जनताकापैसा
@MPTourism@DrMohanYadav51@CMMadhyaPradesh@DharmendrLodhii
जाति आधारित जनगणना के सरकार के फैसले और वास्तविक क्रियान्यवन, राष्ट्रीय जनगणना में #OBC के अनिवार्य समावेश और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता पर हमारी बात।
डॉ सूरज यादव मण्डल।
Dr @suraj_yadav2005 Mandal
@aifsoj@aiobcsa@AdvRajendraPal@RahulGandhi@PWilsonDMK@yadavakhilesh@yadavtejashwi
चूंकि, भारत की जनगणना राष्ट्रीय योजना और संसाधन आवंटन के लिए मूलभूत दस्तावेज के रूप में कार्य करती है; और
चूंकि, मौजूदा जनगणना 2027 फ्रेमवर्क में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सटीक गिनती का अभाव है, जिससे ऐतिहासिक अनुमानों के अनुसार 52% से ज़्यादा आबादी के लिए पॉलिसी में कमी रह जाती है; और
चूंकि, केवल डिजिटल मॉडल से हाशिए पर पड़े समूहों के बाहर रह जाने का खतरा है और इसमें पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए ज़रूरी फिजिकल वेरिफिकेशन की कमी है;
अब, इसलिए, यह संकल्प लिया जाता है कि यह कन्वेंशन सर्वसम्मति से मांग करता है:
प्रश्नावली संख्या 12 में संशोधन: मौजूदा सवाल, "क्या परिवार का मुखिया SC, ST या अन्य है?", को तुरंत संशोधित करके इसमें OBC को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाना चाहिए, जो इस प्रकार पढ़ा जाएगा: "क्या परिवार का मुखिया SC, ST, OBC, या अन्य है?"
सार्वभौमिक जाति कोडिंग: सरकार को सभी जातियों के लिए एक व्यापक कोडिंग प्रणाली लागू करनी चाहिए। विशेष रूप से, केंद्रीय OBC सूची और सभी राज्य-विशिष्ट सूचियों को सभी प्रशासनिक स्तरों पर समान पहचान सुनिश्चित करने के लिए अपने जाति कोड को सिंक्रोनाइज़ करना चाहिए।
हाइब्रिड गणना मोड: जनगणना एक साथ फिजिकल चार्ट पेपर और डिजिटल मोड के माध्यम से आयोजित की जानी चाहिए। यह दोहरा दृष्टिकोण डेटा की रिडंडेंसी सुनिश्चित करता है और डिजिटल बहिष्कार को रोकता है जनगणना 2027।
अनिवार्य सत्यापन: प्रत्येक जनगणना प्रविष्टि में एकत्र किए गए डेटा की सटीकता को प्रमाणित करने के लिए प्रतिभागी (परिवार के मुखिया) और संचालन अधिकारी दोनों के अनिवार्य फिजिकल हस्ताक्षर होने चाहिए।
संसदीय निगरानी और प्रचार: सरकार को सभी क्षेत्रीय भाषाओं में जनगणना पद्धति का व्यापक रूप से विज्ञापन करना चाहिए और अंतिम रूप देने से पहले संसद सदस्यों के लिए जनगणना मंच पर विशेषज्ञ सुझाव प्रस्तुत करने के लिए एक औपचारिक तंत्र शुरू करना चाहिए।
आगे यह संकल्प लिया जाता है कि इस प्रस्ताव की एक प्रति तत्काल कार्रवाई के लिए रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के कार्यालय और गृह मंत्रालय को औपचारिक रूप से प्रस्तुत की जाए।
🙏
#SC_ST_OBC
#CasteCensus
#EVM_हटाओ_देश_बचाओ
#DefeatBJPSaveIndia
#संविधान_बचाओ_संघर्ष_समिति
✊ आरक्षण बचाओ | 📜 संविधान बचाओ ✊
जब-जब संविधान पर हमला होगा,
तब-तब सड़क से संसद तक आवाज़ उठेगी!
आरक्षण कोई भीख नहीं,
यह सामाजिक न्याय का संवैधानिक अधिकार है।
आज आरक्षण खतरे में है,
कल संविधान होगा —
इसलिए चुप रहना अब अपराध है!
🔥 आरक्षण बचाओ – संविधान बचाओ
🔥 जनआक्रोश महाआंदोलन
📅 18 जनवरी 2026 / भोपाल
ओबीसी • एससी • एसटी • माइनॉरिटी
छात्र • युवा • मजदूर • किसान
सभी संविधानप्रेमी नागरिक एकजुट हों!
✊ जय संविधान
✊ सामाजिक न्याय जिंदाबाद
@HemraajGurjar@obcvijay@baagi_kamlendra
जिन बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के बनाए संविधान की वजह से आज इनकी रोज़ी-रोटी चल रही है, वही मैडम खुलेआम कह रही हैं — “मैं उन्हें नहीं मानती”।
इससे बड़ा दोगलापन और क्या हो सकता है?
👉 ये मैडम खुद वकील हैं।
👉 संविधान ने ही इन्हें शिक्षा पाने का अधिकार दिया।
👉 संविधान ने ही इन्हें बराबरी, सम्मान और पेशा चुनने की आज़ादी दी।
👉 और उसी संविधान निर्माता के खिलाफ ज़हर उगलना!
सवाल साफ है —
अगर संविधान निर्माता किसी सवर्ण वर्ग से होता,
अगर नाम अंबेडकर की जगह कोई और होता,
तो क्या तब भी ये मैडम “नहीं मानती”?
सच ये है कि इन्हें संविधान से नहीं,
बाबा साहब के बहुजन विचार से दिक्कत है।
इन्हें समानता से डर है,
इन्हें सामाजिक न्याय से डर है।
याद रखिए —
संविधान को मानकर ही आप वकील बने हैं,
और उसी संविधान के जनक को गाली देना
केवल कृतघ्नता नहीं, वैचारिक दिवालियापन है।
संविधान रहेगा।
बाबा साहब रहेंगे।
और ऐसे पाखंडियों की सच्चाई सामने आती रहेगी।
✊ जय भीम
📜 जय संविधान
@priyanshu__63@priyanka2bharti@HemraajGurjar@baagi_kamlendra@Rupeshsinghyad@SunilAstay@DamodarSYadav
मनुवादी विचारधारा की समस्या यह रही है कि वह बराबरी के विचार से हमेशा असहज रही है।
इतिहास गवाह है कि मनुस्मृति जैसी व्यवस्थाओं ने समाज की बड़ी आबादी — विशेषकर महिलाओं और शूद्र वर्ग — को अधिकारों से वंचित रखा।
डॉ. बाबा साहेब अम्बेडकर जी ने इसी असमानता के खिलाफ संघर्ष किया।
उन्होंने संविधान के माध्यम से समान नागरिक अधिकार, महिलाओं को संपत्ति और सम्मान की हिस्सेदारी, तथा सामाजिक न्याय की ठोस व्यवस्था दी।
यही कारण है कि वे केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि समानता और लोकतंत्र के प्रतीक हैं।
जब भी कोई व्यक्ति या समूह बाबा साहेब के अस्तित्व, योगदान या विचारों को नकारने की बात करता है — तो वह दरअसल
संविधान, लोकतंत्र और महिला अधिकारों के खिलाफ खड़ा दिखाई देता है।
महिलाओं को बराबरी देना किसी भी सभ्य समाज की पहचान है।
इससे असहज होना या ईर्ष्या रखना, विचारों की कमजोरी को दर्शाता है — न कि बाबा साहेब की।
बाबा साहेब को मिटाने की बातें करने वाले यह भूल जाते हैं कि
संविधान किसी व्यक्ति का नहीं, करोड़ों नागरिकों की गरिमा और अधिकारों का दस्तावेज़ है।
बाबा साहेब अम्बेडकर अमर हैं —
क्योंकि वे न्याय, समानता और मानव गरिमा के विचार हैं।
जय संविधान
जय समानता
@baagi_kamlendra@HemraajGurjar@priyanshu__63@LakhanmeenaIND@ObcArmyInd@Jitendrajeetul1@OBC_DrLaxman@OBCARMYCHIEF_I
सरधना विधायक @atulpradhansp ने भाजपा नेता व पूर्व विधायक ठाकुर संगीत सोम पर प्रमाणों के साथ कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
❓ सवाल ये है कि —
जो सरकार मंचों से गोरक्षा का ढोल पीटती है,
उसी सरकार के नेता बुचड़खाने चलाकर भाजपा को चंदा दे रहे हैं!
👉 ये कैसा हिंदुत्व है?
👉 ये कैसी गोरक्षा है?
हिंदुत्व भाजपा के लिए आस्था नहीं, सिर्फ कारोबार है।
जनभावनाओं से खेलकर
सत्ता हथियाना और
धन इकट्ठा करना —
यही भाजपा नेताओं का एकमात्र लक्ष्य बन चुका है।
आज अगर आरोप प्रमाण सहित हैं तो
सरकार चुप क्यों है?
कार्रवाई क्यों नहीं?
🔴 दोगला चरित्र अब जनता के सामने बेनकाब हो चुका है।
🔴 नकली राष्ट्रवाद और नकली हिंदुत्व ज्यादा दिन नहीं चलेगा।
#गोरक्षा_का_पाखंड
#भाजपा_का_दोगलापन
#फर्जी_हिंदुत्व
#संगीत_सोम
#AtulPradhan
#जनता_सब_देख_रही_है
@rajkumarbhatisp@BhanuNand@prajaptiinder@yadavakhilesh@BJP4India@BJP4UP@myogiadityanath
सुनो मनुवादियो!
समस्या संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी से तुम्हे शुरू से रही है।
सच यही है कि
कुछ ब्राह्मणवादी ताकतें कभी यह स्वीकार नहीं कर पाईं कि
एक महार जाति का दलित व्यक्ति
आजाद भारत का संविधान लिखे।
लेकिन यहाँ विरोध संविधान का नहीं,
बाबा साहब की जाति का है।
इसीलिए संविधान को “विदेशी”, “अप्रासंगिक”
और “बदलने योग्य” कहा जाता है।
क्योंकि यह संविधान
ब्राह्मणवाद की सदियों पुरानी श्रेष्ठता को तोड़ता है,
स्त्री, शूद्र, दलित और पिछड़े को
बराबरी का अधिकार देता है।
👉 इसलिए साफ कहो —
तुम्हें दिक्कत बाबा साहब के संविधान से है
एक दलित के बराबरी देने से है।
इतिहास, तर्क और संविधान
तीनों तुम्हारे खिलाफ खड़े हैं।
शर्म करो।
✊🏽
जय संविधान
जय भीम
@neha_laldas@baagi_kamlendra@abhijatav07@SunilAstay@Article19_India@HemraajGurjar
राजस्थान विश्वविद्यालय में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की पीठ (Ambedkar Chair) को बंद करना बेहद शर्मनाक और गंभीर चिंता का विषय है।
यह कोई साधारण प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि विचारधारा आधारित साज़िश है।
जिस विश्वविद्यालय में संविधान, समानता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय पर शोध होना चाहिए था, वहाँ अंबेडकर चेयर को निष्क्रिय कर RSS के एजेंडे को थोपा जा रहा है।
शिक्षा और शोध की जगह आज प्रतीकात्मक कार्यक्रम और वैचारिक प्रचार बढ़ाया जा रहा है।
भाजपा नहीं चाहती कि आने वाली पीढ़ी
डॉ. अंबेडकर, महात्मा फुले, कालीबाई भील, मानगढ़ धाम
और सामाजिक न्याय के नायकों के विचार पढ़े, समझे और सवाल करे।
यह इतिहास मिटाने,
संविधान की आत्मा कमजोर करने
और सामाजिक न्याय की आवाज़ दबाने का खुला प्रयास है।
संविधान पर हमला करने वालों को याद रखना चाहिए—
बाबा साहब सिर्फ एक नाम नहीं, एक आंदोलन हैं।
✊ संविधान बचेगा, तभी लोकतंत्र बचेगा।
@BhajanlalBjp@RajCMO
#AmbedkarChair
#संविधान_पर_हमला
#जयभीम
#सामाजिक_न्याय
#SaveAmbedkarChair
#EducationNotPropaganda
🚨 Dying Cadre = चुपचाप रोज़गार हत्या 🚨
मध्यप्रदेश में सरकार ने चार कैडर को “Dying Cadre” घोषित कर दिया है।
मतलब साफ है —
👉 अब नई भर्ती नहीं
👉 रिटायरमेंट के साथ पद समाप्त
👉 भविष्य में पूरा कैडर खत्म
इसे तकनीकी भाषा में सुधार कहा जा रहा है,
लेकिन हकीकत में यह लाखों युवाओं के भविष्य पर ताला है।
❓ Dying Cadre क्या है?
जिस कैडर में:
नई भर्ती पूरी तरह बंद
मौजूदा कर्मचारी बस रिटायरमेंट तक
प्रमोशन लगभग शून्य
पद धीरे-धीरे खत्म
यानी ना आज नौकरी गई, ना कल उम्मीद बची।
⚠️ इससे होने वाले बड़े नुकसान:
🔥 1. सरकारी नौकरियों का स्थायी अंत
सरकार बिना संसद/जनचर्चा के चुपचाप पद खत्म कर रही है।
🔥 2. युवाओं के लिए दरवाज़े बंद
जो बच्चे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे थे, उनके लिए अवसर ही खत्म।
🔥 3. SC / ST / OBC सबसे ज़्यादा प्रभावित
सरकारी नौकरियां ही सामाजिक न्याय का एकमात्र साधन थीं,
अब वही छीनी जा रही हैं।
🔥 4. प्रमोशन और सम्मान खत्म
कर्मचारी नौकरी में तो रहेंगे,
लेकिन बिना भविष्य, बिना सम्मान।
🔥 5. निजीकरण का रास्ता साफ
आज Dying Cadre,
कल ठेका प्रथा,
परसों पूरी व्यवस्था कॉरपोरेट के हवाले।
🔥 6. संविधान की भावना पर हमला
संविधान समान अवसर की बात करता है,
यह फैसला असमानता को स्थायी करता है।
❗ सवाल सरकार से:
क्या बेरोज़गारी खत्म करने का यही मॉडल है?
क्या बिना चर्चा लाखों पद खत्म करना सही है?
क्या यही “सुशासन” है?
📢 यह प्रशासनिक सुधार नहीं, सामाजिक अपराध है।
📢 यह व्यवस्था सुधार नहीं, भविष्य की लूट है।
✊ अब चुप रहना मतलब सहमति देना है।
✊ आज आवाज़ नहीं उठाई तो कल विकल्प भी नहीं बचेगा।
#DyingCadre
#रोज़गार_हत्या
#युवा_विरोधी_नीति
#संविधान_खतरे_में
#MP_Government
#NoMoreSilence
@HemraajGurjar@ObcArmyInd@obcvijay@OBC_DrLaxman@PratikVoiceObc
🔥 महाआंदोलन का ऐलान | ओबीसी हक़ की निर्णायक लड़ाई 🔥
📢 दिनांक: 30 जनवरी 2026
📍 नेतृत्व: गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति
13% ओबीसी होल्ड अभ्यर्थियों के हक़ और अधिकार के लिए एक ऐतिहासिक महाआंदोलन आयोजित किया जा रहा है।
इस आंदोलन को ओबीसी महासभा का पूर्ण समर्थन एवं सहयोग प्राप्त है।
✊ हम समस्त ओबीसी जातिगत संगठनों से आह्वान करते हैं कि —
इस न्यायपूर्ण संघर्ष का हिस्सा बनें,
ओबीसी अभ्यर्थियों को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने की इस मुहिम में सशक्त सहभागिता निभाएँ।
⚖️ यह लड़ाई सिर्फ़ हिस्सेदारी की नहीं,
यह लड़ाई सम्मान, न्याय और संविधान की रक्षा की है।
✍️ एकजुट रहेंगे — तो जीतेंगे!
जय ओबीसी ✊
जय संविधान 🇮🇳
@Article19_India@DamodarSYadav@baagi_kamlendra@BasavanIndia@HemraajGurjar@obcvijay@Ravinder_ASPK@BhimArmy_BEM
“अगर आरक्षण खत्म करना है तो आरक्षणवादियों की गोलबंदी तोड़ो—
पिछड़ों को यादवों के खिलाफ और दलितों को जाटवों के खिलाफ भड़का दो।”
वीडियो में दिख रहे बुजुर्ग व्यक्ति के ये शब्द बताए जा रहे हैं, जिनकी पहचान पूर्व न्यायाधीश C. B. पाण्डेय के रूप में हो रही है।
अगर यह सच है, तो सोचिए—न्यायाधीश रहते हुए उनकी सोच क्या रही होगी?
यह बयान सीधे-सीधे बहुजन समाज को तोड़ने की साजिश की ओर इशारा करता है—
जातियों को आपस में लड़ाकर सामाजिक न्याय की आवाज दबाने की कोशिश।
और हैरानी की बात यह है कि
EWS के पूरे 10% आरक्षण पर किसका वर्चस्व है, इस पर एक शब्द भी नहीं!
क्या यह सच नहीं कि इसका सबसे बड़ा लाभ ब्राह्मण वर्ग को मिला?
आरक्षण कोई भीख नहीं,
यह संविधान प्रदत्त अधिकार है।
जो लोग इसे खत्म करना चाहते हैं, वे पहले बहुजन एकता को तोड़ना चाहते हैं।
समझो साजिश को, एकजुट रहो।
जय संविधान ✊
जय सामाजिक न्याय
@baagi_kamlendra@HemraajGurjar@obcvijay@DamodarSYadav@AdvAashishSingh
कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में अब महिलाएं भी सड़क पर उतर आई हैं।
हाथों में बैनर है — “I Support Kuldeep Sengar”
❓ सवाल सिर्फ ये नहीं है कि ये महिलाएं कौन हैं।
❗ सवाल ये है कि एक सिद्ध बलात्कारी को समर्थन कैसे मिल रहा है?
जिस व्यक्ति पर
▪️ बलात्कार सिद्ध है
▪️ पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत हुई
▪️ गवाहों और रिश्तेदारों की जान गई
▪️ पूरे देश ने इंसाफ की लड़ाई देखी
उसी अपराधी के लिए नारे लग रहे हैं…
यह केवल शर्मनाक नहीं, खतरनाक है।
👉 ये समर्थन किसी व्यक्ति का नहीं,
👉 ये समर्थन अपराध, सत्ता और जातिगत अंधभक्ति का है।
आज अगर बलात्कारी को भीड़ का समर्थन मिल रहा है,
तो समझ लीजिए —
इस देश में नैतिकता नहीं, सत्ता बोल रही है।
पीड़िता आज भी न्याय की कीमत चुका रही है
और अपराधी को “समर्थक” मिल रहे हैं!
यह इंसाफ की हार नहीं,
समाज के पतन की खुली तस्वीर है।
#शर्मनाक
#बलात्कारी_का_समर्थन
#नैतिकता_की_मौत
#JusticeForVictim
@yogitabhayana@HemraajGurjar@baagi_kamlendra
चोर–चोर मौसेरे भाई…!!
एक बलात्कारी और हत्यारे के बचाव में खड़े महाशय—
और वो भी खुलेआम।
जब सत्ता के करीब बैठे लोग
अपराधियों के साथ खड़े हों,
तो समझ लीजिए—समस्या अपराध नहीं, नियत है।
धीरे–धीरे नए भारत में
बलात्कारियों का समर्थन,
हत्यारों का महिमामंडन
और पीड़ितों की चुप्पी
नॉर्मल बनाई जा रही है।
कुलदीप सिंह सेंगर के समर्थन में बृजभूषण सिंह—
ये कोई भूल नहीं,
ये उसी सोच का विस्तार है
जहाँ ताक़तवर को हर अपराध की छूट है।
ये नया भारत नहीं,
ये न्याय का अंतिम संस्कार है।
#NayaBharat
#Shame
#RapistSupporters
#JusticeForVictims
#PowerProtectsCrime
@abhijatav07@baagi_kamlendra@ActivistSandeep@yogitabhayana @AmitKumar_JNU_ @BasavanIndia