जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पूरी तरह त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया है। यह कोई संयोग नहीं बल्कि केंद्र सरकार की सोची-समझी रणनीति लगती है, ताकि जाति जनगणना का मुख्य उद्देश्य ही खत्म हो जाए और सही आंकड़े कभी सामने न आएं। जब जातिगत जनगणना की घोषणा की गई तब सबने इसका स्वागत किया था परन्तु अब जिस तरह भ्रम की स्थिति बनाई जा रही है, वह दिखाता है कि मोदी सरकार की नीयत ठीक नहीं है।
सरकार ने "मुक्त प्रश्न" (Open ended questions) का तरीका चुना है, जिसमें हर व्यक्ति अपनी जाति का जो नाम बताएगा, वही दर्ज होगा। भारत में एक ही जाति अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग नामों, उपजातियों और भाषाओं से जानी जाती है। नतीजा यह होगा कि एक जाति हजारों नामों में बंट जाएगी और पूरा आंकड़ा ही अनुपयोगी हो जाएगा। सबसे गंभीर बात, इस जनगणना में "पिछड़ा वर्ग" शब्द तक शामिल नहीं है, यानी पिछड़ा वर्ग की सही आबादी का पता ही नहीं चलेगा।
श्री मल्लिकार्जुन खड़गे और श्री राहुल गांधी ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मांग की है कि जातियों की एक सूची पहले से बनाई जाए, ठीक वैसे ही जैसे तेलंगाना (2024) और बिहार (2022) के जाति सर्वेक्षणों में किया गया था।
केंद्र सरकार को इस त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया को तुरंत रद्द कर, राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों और जनता से बातचीत कर नई प्रश्नावली बनानी चाहिए, ताकि जाति जनगणना सटीक, सार्थक और लाभकारी साबित हो।
लोक सभा में नेता प्रतिपक्ष श्री @RahulGandhi और मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संयुक्त पत्र लिखकर जाति जनगणना की मौजूदा प्रक्रिया पर गंभीर चिंता जताई है।
Open-ended सवालों के जरिए जातियों की सही गिनती संभव नहीं है। एक ही जाति अलग-अलग नामों और उपजातियों में दर्ज हुई तो आंकड़े बिखरेंगे और सबसे बड़ा नुकसान OBC, अति पिछड़े और वंचित समुदायों को होगा।
हमारी मांग स्पष्ट है - मौजूदा प्रश्नावली रद्द हो, जातियों की प्रमाणित सूची के आधार पर नई प्रश्नावली बने और राजनीतिक दलों, विशेषज्ञों व जनता से व्यापक परामर्श किया जाए।
तेलंगाना और बिहार के जाति सर्वेक्षणों की तरह, पहले से तैयार और प्रमाणित जाति सूची के आधार पर गणना इसका व्यावहारिक समाधान है।
जाति जनगणना सिर्फ होनी नहीं चाहिए,
सही भी होनी चाहिए।
जातिवार जनगणना की लड़ाई अब और तेज़!
कांग्रेस पार्टी ने पारदर्शी, वैज्ञानिक और ईमानदार जातिवार जनगणना की मांग को मजबूती से उठाया है।
OBC कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिशन मैन @DrJaihind जी लगातार गायब OBC कॉलम के मुद्दे पर जनजागरण कर रहे हैं।
नेता विपक्ष राहुल गांधी जी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने भी PM नरेंद्र मोडी जी को पत्र लिखकर स्पष्ट और वैज्ञानिक जातिवार जनगणना की मांग की है।
जब गिनती सही होगी, तभी हिस्सेदारी और सामाजिक न्याय सुनिश्चित होगा!
जातिवार जनगणना की लड़ाई अब और तेज़!
कांग्रेस पार्टी ने पारदर्शी, वैज्ञानिक और ईमानदार जातिवार जनगणना की मांग को मजबूती से उठाया है।
OBC कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिशन मैन @DrJaihind जी लगातार गायब OBC कॉलम के मुद्दे पर जनजागरण कर रहे हैं।
नेता विपक्ष राहुल गांधी जी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने भी PM नरेंद्र मोडी जी को पत्र लिखकर स्पष्ट और वैज्ञानिक जातिवार जनगणना की मांग की है।
जब गिनती सही होगी, तभी हिस्सेदारी और सामाजिक न्याय सुनिश्चित होगा!
OBC का कॉलम को साजिश के तहत गायब किया गया है, अगर ओबीसी की गिनती सामने आ गई तो हक और हिस्सेदारी देनी पड़ेगी!
Wake Up OBC
जागो ओबीसी जागो
सहमत हो तो आवाज बुलंद करो,
अब चुप रहने का नहीं कहने का वक़्त है!
भारत में सामाजिक न्याय की नीतियां सही आंकड़ों के बिना पूरी नहीं हो सकतीं।
अलग-अलग जातियों की संख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति का सही आकलन तभी संभव है, जब जातियों की गिनती सही तरीके से हो।
लेकिन सरकार ने जनगणना में जाति की जानकारी दर्ज करने के लिए open-ended प्रश्न का तरीका चुना है, जो भ्रामक है।
श्री मल्लिकार्जुन खरगे जी व श्री राहुल गांधी जी ने मांग रखी है कि तेलंगाना व बिहार में हुए जाति सर्वेक्षण में जो तरीका अपनाया गया है, वही जातिगत जनगणना में भी लागू किया जाए।
: इस संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष श्री @kharge व नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त पत्र-
अवश्य पढ़ें। कैसे दिमागी मनुवादी षड्यंत्र करके ओबीसी की जाति जनगणना को फेल कर रहे हैं।
‘Planned failure’: Is the Modi government sabotaging its own caste census? https://t.co/kniTeUzrzU
झोलाछाप जातिवार जनगणना से सामाजिक न्याय संभव नहीं!
AICC महासचिव (Communications) जयराम रमेश जी एवं OBC कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिशन मैन @DrJaihind जी की स्पष्ट मांग,
जातिवार जनगणना वैज्ञानिक, पारदर्शी और ईमानदार हो।
📌 प्रश्नावली में जरूरी बदलाव हों
📌 Drop-down Menu की व्यवस्था हो
📌 तेलंगाना और बिहार मॉडल लागू हो
📌 OBC की सही गिनती सुनिश्चित हो
📌 सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए
झोलाछाप जातिवार जनगणना से सामाजिक न्याय संभव नहीं!
AICC महासचिव (Communications) जयराम रमेश जी एवं OBC कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मिशन मैन @DrJaihind जी की स्पष्ट मांग,
जातिवार जनगणना वैज्ञानिक, पारदर्शी और ईमानदार हो।
📌 प्रश्नावली में जरूरी बदलाव हों
📌 Drop-down Menu की व्यवस्था खत्म हो
📌 तेलंगाना और बिहार मॉडल लागू हो
📌 OBC की सही गिनती सुनिश्चित हो
📌 सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए