दिल्ली के मालवीय नगर में आग की दर्दनाक घटना से हुई जनहानि के समाचार अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। इस हादसे में जान गंवाने वाले सभी दिवंगतों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ तथा शोकाकुल परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करता हूँ साथ ही झुलसे हुए नागरिकों के स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं |
दिल्ली पुलिस इस घटना के कारणों की जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करें |
@DelhiPolice@CMODelhi
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा हनुमान बेनीवाल का समाज से बहिष्कार करने की बात पर.......
“लीद काढ़ दयान्गा हड़मान को समाज स्यु बहिष्कार करण आळा की, हड़मान क साग हाँ म्हे ” @hanumanbeniwal
क्या न्याय की लड़ाई लड़ना अपराध है ?
बिश्नोई समाज के होनहार युवा डॉ. राकेश विश्नोई को न्याय दिलाने की मांग को मजबूती से उठाने वाले डॉ. श्रवण चौधरी (ओसियां) को भाजपा सरकार द्वारा लगातार न्यायिक हिरासत में रखना कई सवालियां निशान खड़े करता है ।
क्या किसी पीड़ित परिवार की आवाज़ बनना गुनाह है ? क्या अन्याय के खिलाफ संघर्ष करना अपराध है ? क्या न्याय की मांग करने वालों को जेल भेजकर सच्चाई की आवाज़ दबाई जा सकती है ?
यह लड़ाई किसी एक समाज विशेष की नहीं, बल्कि अन्याय के खिलाफ पूरे राजस्थान के युवाओं, किसानों और हर न्यायप्रिय नागरिक की है।
#releasedrshravanchoudhary
@sharatjpr@INCRajasthan@hanumanbeniwal@RajGovOfficial
हां तुम्हारा यह ट्वीट जरूर स्क्रिप्टेड है ।
1 -1 हजार में तुम बिक जाते हो और खुद को पत्रकार कहते हों। शर्म नहीं आती है ऐसी गुलामी वाली पत्रकारिता पर।
ज़िंदगी में कभी आंदोलन किया है, आंदोलन कैसे करें पुलिस और लाठी के नाम से तो तुम्हारी फट जाती है।
“ये सरकार बड़ी निकम्मी है, वोट देकर हमने गलती कर दी है”
ग्रामीणों ने हनुमान बेनीवाल जी से पुकार लगाई....
हनुमान बेनीवाल जी उसी दिन अस्पताल घायलों से मिलने गए......
अगले दिन RLP के आधा दर्जन नेताओं को भेजा और मांगे मनवाई.....🙏✌️ @hanumanbeniwal@narendramodi@AmitShah
अगस्त,2024 में करौली के कोतवाली थाना क्षेत्र में अनिल उर्फ विश्वास जाटव नामक युवक की हत्या से जुड़े मामले में दिवंगत युवक के परिजनों ने जयपुर आवास पर मुलाकात करके मामले में न्यायोचित कार्यवाही करवाने की मांग की,मैने इनकी पीड़ा को सुना जिससे यह स्पष्ट है कि पुलिस के किसी भी अधिकारी ने पीड़ित पक्ष द्वारा अवगत करवाए गए तथ्यों के आधार पर जांच तक नहीं की, ऐसे मामले में लंबे समय तक न्याय नहीं मिलना राज्य सरकार की संवेदनशीलता पर भी बड़ा प्रश्न है
@PoliceRajasthan के DGP को इस मामले में अविलंब उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच करवाते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करवानी चाहिए |
@KarauliPolice
भारत सरकार के संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी ने मेरी मांग पर नागौर संसदीय क्षेत्र के डीडवाना - कुचामन जिले की नावां तहसील के ग्राम - मातासुखा में नवीन डाक घर खोलने की स्वीकृति प्रदान की है | मातासुखा के ग्रामीणों ने मुझे पत्र भेजकर डाकघर स्वीकृत करवाने की मांग की थी |
विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर 5 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे जिला मुख्यालय #भीलवाड़ा पर लोकतांत्रिक रूप से आयोजित विशाल प्रदर्शन व ज्ञापन कार्यक्रम में आप सभी अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित होकर जनता के हक के लिए अपनी आवाज बुलंद करें
@hanumanbeniwal@RLPINDIAorg#bhilwara
आज जयपुर आवास पर भैराणा धाम को रिको की अवाप्ति से बचाने के लिए आंदोलित साधु संतो ने जयपुर आवास पर मुलाकात की,उन्होंने मुझे सरकार के साथ हुई वार्ता से अवगत करवाया और कई मुद्दों पर गहन चर्चा की | संतो ने यह स्पष्ट किया कि 27 मई की रात्रि को रिको को हटाने सहित अन्य मांगों पर जो सहमति सरकार की तरफ से व्यक्त की गई हम उस पर तटस्थ है और जब तक रिको वापिस नहीं लिया जाता तब तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा | मैने साधु - संतो से कहा कि इस आंदोलन में हर कदम पर आपके साथ है और भैराणा धाम की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा |
मैं राज्य सरकार से यह स्पष्ट कहना चाहता हूं कि साधु - संतो को बरगलाए नहीं और उन्हें धोखा नहीं दे अन्यथा यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा |
मैंने मेरे घर पधारे साधु - संतो से आर्शीवाद भी लिया |
@RajGovOfficial
लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ चलने वाली राजस्थान की भाजपा सरकार के इशारे पर जयपुर में गिरफ्तार किये राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी परिवार के सदस्यों ने रिहाई के बाद कल शाम मुझसे जयपुर आवास पर मुलाकात की ,सभी ने कहा कि हम आरएलपी के सच्चे सिपाही है और सरकार की लाठी से डरने वाले नहीं है | इस अवसर पर
कमल चौधरी , दीपचंद नटवाडिया , सुशील भाखर, विकास कुमार खींचड, थान सिंह डोली, रमेश चौधरी, लादूराम गोदारा, महेन्द्र चौधरी, महेन्द्र कुडी, मानाराम चौधरी, राजेश चौधरी, ओमप्रकाश चौधरी, अभिषेक गोदारा, विकास गोदारा, अभिमन्यु चौधरी, टीकाराम चौधरी, कुलदीप ढेवा, सुरेन्द्र गोदारा, सुरेन्द्र चौधरी, महीपाल चौधरी, बाबू रेहडा जी , सुनील बुरडक ,रामनिवास नेटवाल, पवन गोदारा, अजीत चौधरी , दिनेश जाट सहित कई लोग मौजूद रहे | मैंने युवा साथियों से कहा कि सरकार की तानाशाही का जवाब हमे आने वाले चुनावों में वोट की चोट से देना है | RLP सदैव जनता के हितों की लड़ाई लड़ती रहेगी |
“अब सरकार यह नियम लेकर आई है कि चयन सूची के बाद एक वर्ष तक प्रतीक्षा वेटिंग लिस्ट प्रभावी रहेगी और इस अवधि में रिक्त होने वाले पदों पर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाएगी।
मेरी राजस्थान सरकार से मांग है कि वर्तमान में प्रक्रियाधीन सभी भर्तियों, जिनमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती सहित अन्य सभी भर्ती प्रक्रियाएं शामिल हैं, में भी यह वेटिंग सूची संबंधी नियम लागू किया जाए। साथ ही इसे तत्काल प्रभाव से और पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके।”
इनको लगा था कि दो मुकदमे करेंगे तो RLP वाले डर जाएंगे.......
लेकिन आज के राजस्थान के अनेक जिलों में हुए प्रदर्शन ने बताया है कि RLP के जवाने के होंसले टूटे नहीं है बल्कि बुलंद हुए है....
मूर्खो के राजा होश में आओ.....
मुर्खाधिराज होश में आओ.... @hanumanbeniwal
#REET Mains 2025 के परिणाम को लेकर किसी के भी पास कोई ऑफिशियल सूचना नहीं है।
रिजल्ट को लेकर किसी की भी सूचना पर विश्वास ना करे।
सही जानकारी @alokrajRSSB जी रिजल्ट के पहले ही दे देंगे।
लोकतंत्र में धरना, प्रदर्शन और आंदोलन करना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज राजस्थान में भाजपा सरकार के खिलाफ आवाज उठाना भी अपराध जैसा बना दिया गया है।
कुचामन सिटी में शांतिपूर्वक विरोध दर्ज करा रहे युवाओं की गिरफ्तारी, उन्हें कानून सम्मत जमानत देने वाले तहसीलदार का रातों-रात तबादला, जिला पुलिस अधीक्षक का बेवजह ट्रांसफर तथा थाना अधिकारी का निलंबन बेहद चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है।
क्या भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ संविधान और कानून से भी ऊपर हो गए हैं, जिनके दबाव में आधी रात को प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था में हस्तक्षेप करना पड़ा ? भाजपा प्रशासनिक तंत्र को पूर्णतः पार्टी का तंत्र बनाने का कुत्सित प्रयास कर रही है।
यह घटनाक्रम लोकतांत्रिक मूल्यों, प्रशासनिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी पर सीधा प्रहार है। अधिकारियों में भय का माहौल बनाकर सरकार लोकतंत्र एवं शासन व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
भारत आदिवासी पार्टी (BAP) इस तानाशाही और लोकतंत्र विरोधी रवैये का पुरजोर विरोध करती है। हमारी पार्टी लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के हर संघर्ष में जनता के साथ खड़ी है और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर आवाज बुलंद करती रहेगी।
@hanumanbeniwal@RLPINDIAorg@News18Rajasthan@zeerajasthan_@1stIndiaNews@rpbreakingnews@BhajanlalBjp
संत, सनातन और गौमाता के नाम पर सत्ता में आई राजस्थान की भाजपा सरकार आज संतों की तपस्या और आस्था की उपेक्षा कर रही है। राजनीतिक और आर्थिक लाभ के लिए सनातन की भावनाओं को आहत किया जा रहा है।
जयपुर जिले में स्थित दादूपंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भैराणा धाम को औद्योगिक क्षेत्र (रीको) के लिए अधिग्रहण से बचाने हेतु संत समाज पिछले दो महीनों से आंदोलनरत है। भीषण गर्मी में संतजन तपस्या करते हुए इस पवित्र स्थल एवं पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
27 मई को प्रदेशभर से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ता और सदस्य संतों के सम्मान में भैराणा धाम पहुंचे तथा लोकतांत्रिक तरीके से संत समाज की आवाज सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया। महापंचायत के दौरान सरकार के निर्देश पर आए अधिकारियों के साथ वार्ता हुई, लेकिन प्रथम चरण में सहमति नहीं बन सकी। संतों के निर्देशानुसार जयपुर कूच का निर्णय लिया गया।
इसके बाद सरकार ने पुनः अधिकारियों को वार्ता के लिए भेजा और मध्य रात्रि के बाद हुई बातचीत के दौरान प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और संत समाज की संयुक्त समिति बनाने, भैराणा धाम में प्रस्तावित रीको परियोजना को हटाने की प्रक्रिया शुरू करने सहित कई बिंदुओं पर जनता, संतों और मीडिया के समक्ष सार्वजनिक सहमति व्यक्त की गई। इसके पश्चात जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया।
किन्तु 27 मई से आज 1 जून हो गई मगर सरकार द्वारा किए गए आश्वासनों को अमल में लाने की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई होती दिखाई नहीं दे रही है। सार्वजनिक रूप से किए गए वादों का पालन न करना सरकार की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।
मैं राजस्थान सरकार से कहना चाहता हूं कि यदि वह इस मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को श्रेय नहीं देना चाहती, तो यह उसकी इच्छा है। हमने हमेशा श्रेय से अधिक जनहित को प्राथमिकता दी है। लेकिन संत समाज की भावनाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। जब किसी जनआंदोलन के बाद सरकार सार्वजनिक समझौता करे और फिर अपने वादों से पीछे हट जाए, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शुभ संकेत नहीं है।
मैं राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
से कहना चाहता हूं कि 27 मई को हुए समझौते के बाद आपकी सरकार से जुड़े विभिन्न संगठन संतों पर अनैतिक दबाव बनाने और उन्हें भयभीत करने का प्रयास कर रहे हैं। साथ ही, वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के कार्यकर्ताओं के विरुद्ध कथित रूप से झूठे मुकदमे दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की जा रही है।
सरकार को चाहिए कि वह समय पर संभल जाये और समझौते के अनुरूप तत्काल कार्रवाई करे, संत समाज की भावनाओं का सम्मान करे तथा भैराणा धाम की पवित्रता और पर्यावरण की रक्षा सुनिश्चित करे अन्यथा प्रदेश भर में भैराणा धाम को बचाने के लिए आंदोलन किए जाएंगे और इन आंदोलनों के दौरान किसी भी प्रकार से कानून व्यवस्था बिगड़ती है तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी राजस्थान सरकार की होगी |
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी सत्ता की लाठी और गोली से डरने वाली नहीं है |
@PMOIndia@RajCMO
जो सरकार 27 मई के जयपुर कूच के समय दोनों हाथ जोड़कर गिड़गिड़ा रही थी, जो सरकार गाड़ी के बोनट पर खड़े होकर कह रही थी कि "हमें आपकी सभी मांगें स्वीकार हैं", आज वही सरकार अपने वादों से मुकरकर राजनीतिक द्वेष की भावना से RLP कार्यकर्ताओं और नेताओं को निशाना बना रही है।
संतों के सम्मान और पर्यावरण बचाने की मांग को लेकर हुए जयपुर कूच के बाद RLP के 500 से अधिक कार्यकर्ताओं पर झूठे मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेलों में डाल दिया गया। हजारों कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजकर डराने और आंदोलन की आवाज़ दबाने का प्रयास किया जा रहा है। जनहित के मुद्दों पर हुए आंदोलनों को अपराध की तरह प्रस्तुत किया जा रहा है।
हद तो तब हो गई जब 4 महीने पहले रियां बड़ी में बजरी माफिया के खिलाफ आयोजित रैली का मुकदमा आज दर्ज किया गया और उसमें RLP के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल जी, SIR प्रदेश प्रभारी, सह-प्रभारी सहित करीब 30 जनप्रतिनिधियों को आरोपी बना दिया गया। क्या बजरी माफिया के खिलाफ आवाज़ उठाना अपराध है? क्या जनता के हक की लड़ाई लड़ना अपराध है?
प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है, कानून व्यवस्था बदहाल है, महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, माफिया राज हावी है, महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन इन मुद्दों पर जवाब देने के बजाय सरकार विरोध की आवाज़ को कुचलने में लगी हुई है।
ऐसा लगता है कि राजस्थान में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया गया है, जहां सरकार की नाकामियों पर सवाल उठाने वालों को मुकदमों, नोटिसों और जेलों से डराने की कोशिश की जा रही है। लेकिन सत्ता के अहंकार में डूबी सरकार यह न भूले कि RLP हमेशा जनहित, किसानों, युवाओं, संतों और आम जनता के मुद्दों पर लड़ती रही है और आगे भी लड़ती रहेगी।
मुकदमों से आंदोलन नहीं रुकेंगे, जेलों से संघर्ष नहीं थमेगा और नोटिसों से कार्यकर्ताओं का हौसला नहीं टूटेगा। जनता की आवाज़ को दबाने की हर कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब दिया जाएगा। RLP और उसकी सेना डरने वाली नहीं है।
@RLPINDIAorg के मजबूत एवं सशक्त योद्धा , विदेश की धरती से भी पार्टी परिवार के लिए सोशल मीडिया पर सदैव सक्रिय एवं समर्पित रहने वाले भाई @shekharcanada को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं ♥️🎂🎊
तेजाजी की छत्रछाया आप पर सदा बनी रहे 🙌