“इस ग़लत फहमी में पुरी क़ौम ही गूंगी हो गई कि मेरे अकेले बोलने से क्या होगा?
बाग़ी जगन गुर्जर हत्याकांड,गुर्जर नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने X पोस्ट कर लगाए गंभीर आरोप
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राजस्थान के वर्तमान जेल महानिदेशक (DG Prisons) श्री अशोक कुमार राठौर अपने पद पर बने रहेंगे..जब तक बाग़ी जगन गुर्जर के परिजनों को न्याय नहीं मिलेगा..क्योंकि..हाई सिक्योरिटी अजमेर जेल में बंद बाग़ी जगन गुर्जर की हत्या एक सोची समझी साजिश के तहत हुई है और बिना जेल प्रशासन की मिलीभगत से इस हत्याकांड को अंजाम नहीं दिया जा सकता..बाग़ी जगन की हत्या का जुर्म स्वीकार करने वाला विष्णु जाट मात्र मोहरा बनाया गया है।
सोचिए..छः फिट के एक व्यक्ति को तौलिये से गला घोंट मार दे.. और गला घोटने पर उस व्यक्ति का दम घुटने पर भी अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष ना करे..दुसरी बात हाई सिक्योरिटी जेल में आसानी से एक क़ैदी का गला कैसे घोटा जा सकता है..इतनी कड़ी सुरक्षा में आसानी से कैसे मारा जा सकता, अजमेर जेल प्रशासन पर सवाल खड़े होना लाजिमी है ?
मुझे जानकारी मिली है DGP जेल का एक विवादास्पद आदेशअनुसार राजस्थान की सभी जेलों में क़ैदियों को वर्णमाला (Alphabet) के आधार पर सेल आवंटित करने की व्यवस्था जेल प्रशासन कर रहा है,जो जेल इतिहास में अब तक नहीं हुआ वो वर्तमान DGP जेल अशोक राठौर के आदेशानुसार हो रहा है..जेलों बंद क़ैदियों में गंभीर क़िस्म के अपराधी हो, या साधारण क़िस्म के अपराधी हो, सभी क़ैदियों को समान रूप से देखा जाना बेहद गंभीर विषय है..जबकि राजस्थान की जेलों में बंद क़ैदियों में जहां जाति और धर्म के आधार पर कई बार गैंगवार हो चुकी है।
DGP जेल महोदय का क़ैदियों को सेल आवंटित वर्णमाला (Alphabet) से करना गंभीर लापरवाही है..बाग़ी जगन गुर्जर भी इसी आदेश के तहत हत्या करने वाला दुसरा क़ैदी विष्णु जाट भी एक ही सेल में थे।
बाग़ी जगन गुर्जर की परिजनों को न्याय तभी मिल सकता है DGP जेल को तुरंत उनके पद से हटाया जाए।
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जयपुर में NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई @VinodJakharIN जी के नेतृत्व में जयपुर में “Run Against Paper Leak” मैराथन का आयोजन किया गया….
जयपुर में “छात्रों की गूंज” सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि देश की टूटी हुई शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ 40 दिनों का राष्ट्रव्यापी आंदोलन है।
लगातार हो रहे पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली की विफलताओं और शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ते संकट के खिलाफ यह अभियान छात्रों की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद करेगा।
कांग्रेस पार्टी और NSUI छात्रों के भविष्य, उनके अधिकारों और बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी पूरी मजबूती से करती रहेगी।
हमारी मांग स्पष्ट है कि पेपर लीक पर सख़्त कानून बनाओ और धर्मेन्द्र प्रधान को पद से हटाओ ।
बाग़ी जगन गुर्जर के परिजनों को न्याय मिलना चाहिए मैं जगन गुर्जर की न्याय यात्रा अज़मेर का समर्थन करता हूँ।
राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली अजमेर जेल में बंद बाग़ी जगन गुर्जर की हत्या होना जेल प्रशासन और प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल है।
अगर हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर भी किसी की जान सुरक्षित नहीं है, तो आखिर सुरक्षा व्यवस्था कहां है?
चंबल का बाग़ी जगन गुर्जर ने आत्मसमर्पण कर जेल जाने का रास्ता इसलिए चुना था कि वह मुख्यधारा में लौट सके। लेकिन अजमेर जेल में जिस तरह उनकी हत्या हुई, वह न्याय व्यवस्था और जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि आत्मसमर्पण करने और कानून पर भरोसा करने वालों की भी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तो अपराध की दुनिया छोड़कर सुधार की राह चुनने का संदेश कैसे जाएगा?
मुझे जानकारी मिली है DGP जेल द्वारा एक विवादास्पद आदेश जारी किया हुआ उनके इसी आदेश से ही बाग़ी जगन गुर्जर की हत्या करने वाला हत्यारा भी जगन की सेल में साथ-साथ रह रहा था।
DGP जेल के एक विवादास्पद आदेश अनुसार राजस्थान की जेलों में क़ैदियों को वर्णमाला (Alphabet) के आधार पर सेल आवंटित करने की व्यवस्था जेल प्रशासन कर रहा है,जो जेल इतिहास में अब तक नहीं हुआ वो वर्तमान DGP जेल के आदेशानुसार हो रहा है..जेलों बंद क़ैदियों में गंभीर क़िस्म के अपराधी हो, या साधारण क़िस्म के अपराधी हो, सभी क़ैदियों को समान रूप से देखा जाना बेहद गंभीर विषय है..जबकि राजस्थान की जेलों में बंद क़ैदियों में जहां जाति और धर्म के आधार पर कई बार गैंगवार हो चुकी है।
DGP जेल महोदय का क़ैदियों को सेव आवंटित वर्णमाला (Alphabet) से करना गंभीर लापरवाही है..बाग़ी जगन गुर्जर भी इसी आदेश के तहत हत्या करने वाला दुसरा क़ैदी भी एक ही सेल में थे।
यह घटना प्रथम दृष्टया जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करती है। साथ ही, इस पूरे मामले में जेल अधिकारियों की किसी प्रकार की मिलीभगत या साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
सरकार इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करवाकर संगठित साज़िश का खुलासा एवं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जेलों में कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
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“आप उस दुनिया में कभी न्याय नहीं पाएंगे जहाँ अपराधी नियम बनाते हैं।”
~ बॉब मार्ले
—-देरी से ही सही, गुजरात पूर्व उप मुख्यमंत्री नितिन भाई पटेल का आख़िरकार जमीर जाग ही गया..गुजरात में वर्ष -2015 से 2017 तक भाजपा सरकार द्वारा पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान पाटीदारों की क्रूर हत्या और उनके खिलाफ हुए बर्बर अत्याचारों के जुर्म को स्वीकार करके कुछ तो आपने साहस दिखाया है..नितिन भाई आपको थोड़ा और साहस दिखाते हुए, यह भी बताना चाहिए कि इसके पीछे मुख्य साजिशकर्ता कौन है ?और कौन से अधिकारी इस षड्यंत्र में शामिल थे ?यदि आप ऐसा करते समाज आपके साथ खड़ा रहेगा।
-नितिन भाई शायद आप नाम लेने से डर रहे हैं क्योंकि देश पर मो शा जैसे अपराधी क़िस्म के नेता शासन कर रहे है…
-मैं बताता हूं गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान पाटीदारों युवाओं पर क्रूरता और बर्बरता का आदेश उस समय अमित शाह ने दिया था इसका ज्ञान तत्कालीन मुख्यमंत्री आंनद बेन पटेल जी को भी नहीं था।
पर पाटीदार आरक्षण आंदोलन के अगुआ नेता को ज्ञान था तभी तो उस समय अमित शाह को जनरल डायर कह कर संबोधित करते थे ये जगज़ाहिर है।
मुझे गर्व नहीं अभिमान हैं..मैं गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन का हिस्सा रहा हूँ..उस दौरान हमारे संघर्ष के साथियों ने गुजरात में तानाशाही सरकार को हराने के लिए अपनी जान की बाज़ी लगा दी थी..जो लोग कहते थे कि गुजरात में मो शा का मुक़ाबला नहीं कर सकते वो जान लें कि यदि आपके अंदर निस्वार्थ भाव से संघर्ष का जज्बा है तो बड़े से बड़े तानाशाह को भी घुटनों के बल लाया जा सकता है।
कोई माने या ना माने गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन ने ही गुजरात की राजनीति का माहौल पलटा था मो शा का मुक़ाबला पाटीदारों ने गुजरात की सड़कों पर किया था जिसका फ़ायदा कांग्रेस पार्टी को हुआ वर्ष -2017 विधानसभा चुनाव में भाजपा को 99 के फेर में फँसा दिया था।
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किसान भाइयों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होती जा रही हैं..जुलाई के दूसरे सप्ताह की सैटेलाइट से ली गई तस्वीरें बेहद खराब हैं।
पश्चिमी घाट से लेकर देश के आंतरिक हिस्सों में स्थित मानसूनी क्षेत्रों तक कहीं भी बारिश नहीं हुई है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों में बादल न के बराबर हैं, मौसम 12 जुलाई की बजाय 12 अप्रैल की सुबह जैसा लग रहा है।
18 जुलाई से पहले बारिश में सुधार की कोई संभावना नहीं है।
#Monsoon #Monsoon2026
अलवर नारायणपुर के लाल, भारतीय वायुसेना के हवलदार श्री विक्रम पायला जी का देश सेवा के दौरान आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
आपका सर्वोच्च बलिदान हमेशा याद रहेगा। कुदरत से प्रार्थना है कि शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
भावपूर्ण श्रद्धांजलि।
जय हिंद
सवाईमाधोपुर जिले में नेट बंदी ..
पाँचना के मुद्दे पर सोशल मीडिया पर कुछ रील बाज लफ़ंगों द्वारा गुर्जर -मीणा समाज में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे में ज़हर घोलने का काम कर रहे हैं,, इन लफ़ंगों द्वारा लगातार फ़ेसबुक पर Live आकर आपत्तिजनक भाषा, माँ बहिनों को टार्गेट कर गालियाँ और भड़काऊ पोस्ट की जा रही हैं और पूर्वी राजस्थान को जातिय हिंसा की आग में झोंकने का काम किया जा रहा है।
भरतपुर संभागीय आयुक्त ने इस संज्ञान लेकर इंटरनेट बंद करने के आदेश जारी किये है।
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सेवला हैड, रुदावल–भरतपुर मार्ग पर लगे गुर्जर प्रतिहार सम्राट मिहिर भोज महान जी के बोर्ड तोड़ने की घटना से गुर्जर समाज में आक्रोश है
@PoliceRajasthan को दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई तुरंत करनी चाहिए।
गुर्जर समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाना स्वीकार्य नहीं हैं।
@RajCMO
राजस्थान में भाजपा सरकार राजस्थान को मणिपुर जैसे हालात पैदा करने के ख़्वाब देख रही है..
@PoliceRajasthan पूर्वी राजस्थान में आप क्या चाहते हैं... सड़कों पर लोगों का खून-खराबा?इसीलिए आप चुप हैं और असामाजिक तत्व जो गैरकानूनी और अभद्र भाषा का उपयोग एक दूसरे समुदाय के ख़िलाफ़ कर रहे हैं और ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री जी, गुर्जर-मीणा दो समुदायों को आपस में जातिय संघर्ष करवाकर उन्हें लड़ाकर वोट पाने का यह अच्छा तरीका नहीं है... जिन लोगों के लिए राजनीति कर रहे हो कम से कम उनके लिए इतना ध्यान तो रखो कि कोई जन धन की हानि न हो... राजनीति में इतनी मानवता और मर्यादा तो बचाकर रखिए। हालाँकि ये कभी-कभी भी ठीक नहीं है,
व्यक्तिगत रूप से मैं पूर्वी राजस्थान के दो बड़ी किसान क़ौम के बीच इस प्रकार के टकराव का समर्थक नहीं हूं।
पूर्वी राजस्थान पहले भी इस अविश्वास के दौर को झेल चुका है अब वो फिर एक बार उस दौर में नहीं वापिस जाना चाहेगा जहाँ डर के वातावरण ने पूर्वी राजस्थान की फ़िज़ाओं में अपनी जगह बना ली थी। इसलिए इस प्रकार के विवादों में लाभ व्यक्ति का होता है लेकिन घाटा समुदाय का होता है।
भाजपा और आरएसएस के नेताओं क्या आपने राहत इंदोरी की शायरी सुनी है?
“लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में, यहाँ पे सिर्फ़ हमारा(मीणा गुर्जर) मकान थोड़ी है”।
@1stIndiaNews@DainikBhaskar@zeerajasthan_@Rajasthan_Tak@ANI@rpbreakingnews
पाँचना के मुद्दे पर सोशल मीडिया पर कुछ रील बाज लफ़ंगों द्वारा गुर्जर -मीणा समाज में सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे में ज़हर घोलने का काम कर रहे हैं,, इन लफ़ंगों द्वारा लगातार फ़ेसबुक पर Live आकर आपत्तिजनक भाषा, माँ बहिनों को टार्गेट कर गालियाँ और भड़काऊ पोस्ट की जा रही हैं और पूर्वी राजस्थान को जातिय हिंसा की आग में झोंकने का काम किया जा रहा है राजस्थान पुलिस तुरंत संज्ञान ले कर इन असामाजिक तत्वों के खिलाफ साइबर कानून के तहत मुक़दमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए..कानून सभी के लिए समान होना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार का सामाजिक तनाव न बढ़े।
हमारा उद्देश्य भाईचारा, शांति और सौहार्द बनाए रखना है, न कि नफरत फैलाना।
हम गुर्जर-मीणा भाईचारे के साथ हैं, नफरत के साथ नहीं।
@RajCMO@SachinPilot@DrKirodilalBJP@jawaharbedam@PoliceRajasthan
विश्व कप विजेता, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी जी को जन्मदिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
मैं प्रकृति से आपके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करता हूँ।
महेन्द्र सिंह धोनी दो बार विश्व विजेता टीम के कप्तान रहे और दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर थे।
2007 में पहला टी-20 वर्ल्ड कप जिताया; 2011 दुसरी बार विश्व विजेता भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ही थे;
🏏🇮🇳 महेन्द्र सिंह धोनी के नेतृत्व और खेल की महानता को हमेशा याद रखा जाएगा। आपके द्वारा किए गए योगदानों के लिए हम सभी आभारी हैं।
जन्मदिन मुबारक हो, कप्तान कूल.!!
Leader in its truest sense 🫡
Wishing Mahendra Singh Dhoni, Former #TeamIndia Captain & one of the finest to have ever graced the game - a very happy birthday 🎂
@msdhoni
🎂 #HappyBirthdayDhoni
(File Pic)
कारगिल युद्ध में आज के दिन शहादत देने वाले कैप्टन विक्रम बत्रा उर्फ ‘शेर शाह’ और कैप्टन अनुज नैय्यर ‘द टाइगर ऑफ द्रास’ को मैं सलाम करता हूँ..आप देश के लिए अपनी आखिरी सांस तक लड़े..
कारगिल युद्ध में आपके सर्वोच्च बलिदान को आने वाली पीढ़ियाँ याद रखेंगी..विनम्र श्रद्धांजलि 💐
क्या ही ख़तरनाक लोकगीत गा रहे है ~ हरनामसिंह नरवरिया
आल्हा-उदल की हुंकार से राम मंदिर चढ़ावा की डकैती को जन-जन तक ले जाने वाले लोकगायक जिन्होंने राम मंदिर चढ़ावा की डकैती को गाँव, गली, खेत, चौराहे और मोबाइल स्क्रीन तक पहुँचा दिया। यह लोकगायन की विजय है, लोक-स्मृति की वापसी है और सत्ता से सवाल पूछती जनता की जीवित आवाज़ है। #HarnamsinghNarvaria
डीएनटी प्रदर्शन पर बवाल, पुलिस द्वारा लाठीचार्ज आँसू गैस कार्रवाई पर सवाल...गुर्जर नेता Himmat Singh Gurjar ने लाठीचार्ज की निंदा की। Jaipur News
“भाजपा सरकार के पास हर समस्या का समाधान केवल लाठी, गोली, आंसू गैस और दमन ही रह गया है।राजस्थान में भाजपा सरकार संवाद और समाधान में पूरी तरह विफल हो चुकी है।”
@RahulGandhi@1stIndiaNews
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घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु (डीएनटी) समुदाय की 11 मांगें सिर्फ मांगें नहीं हैं, ये वर्षों से दबे हुए हक की आवाज़ हैं।
जो समुदाय सदियों से हाशिये पर धकेले गए, जिन्हें कभी औपनिवेशिक शासन ने अपराधी जातियों के कलंक से चिन्हित किया और आज़ादी के बाद भी जिनके माथे से वह अपमान पूरी तरह नहीं धुला, वे यदि अपने अधिकारों के लिए राजधानी में आवाज़ उठाते हैं तो राज्य का पहला कर्तव्य उन्हें सुनना होना चाहिए, उन्हें पीटना नहीं।समाज के कमजोर, वंचित और उपेक्षित वर्गों पर दमनात्मक कार्रवाई करना सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
यह लड़ाई किसी एक नौकरी, कुर्सी या सुविधा के लिए नहीं है… यह लड़ाई है पहचान, सम्मान, शिक्षा, आवास, रोजगार और बराबरी के अधिकारों के लिए।
सबसे बड़ा सवाल सरकार के रिकॉर्ड पर है—जब 32 सूचीबद्ध जातियों के नाम, उपनाम और पहचान में ही विसंगतियां रहेंगी, तो एक गरीब परिवार अपने संवैधानिक अधिकारों तक कैसे पहुंचेगा?
10% आरक्षण की मांग को सिर्फ “मांग” कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जिन समुदायों ने पीढ़ियों तक उपेक्षा, असुरक्षा और संघर्ष झेला है, उन्हें न्याय देने की जिम्मेदारी व्यवस्था की है।
सवाल साफ है—
अगर वंचना दिख रही है, समस्या दिख रही है, आबादी मौजूद है… तो समाधान से इतनी दूरी क्यों?
सामाजिक न्याय सिर्फ भाषणों और नारों से नहीं आता।
न्याय तब आता है जब सरकारें फैसले लेती हैं, नीतियां बनाती हैं और हर वंचित नागरिक को उसका हक देती हैं।
भाजपा सरकार के पास हर समस्या का समाधान केवल लाठी, गोली, आंसू गैस और दमन ही रह गया है।राजस्थान में भाजपा सरकार संवाद और समाधान में पूरी तरह विफल हो चुकी है।
अब इंतजार नहीं… जवाब और समाधान चाहिए।
करौली निवासी एक दलित युवक के साथ हुई बेरहमी से मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है दलित युवक के साथ मारपीट करने घटना अत्यंत निंदनीय, अमानवीय और शर्मनाक है।
दिनभर मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पेट पालने वाला एक गरीब युवक जब घर लौट रहा था, तब उसके साथ की गई बर्बरता ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। आखिर गरीब, दलित और कमजोर व्यक्ति कब तक इस तरह की हिंसा और अत्याचार का शिकार होते रहेंगे?
राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन से मांग करती हूँ कि दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके और भविष्य में कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में लेने का दुस्साहस न करे।
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