अमेरिकी राजदूत के ‘ऑन रिकॉर्ड’ खुलासे पर सरकारी सूत्रों की तरफ़ से जो दलील पेश की गई है उसमें कहा गया है कि
“US प्रेसिडेंट से मिलने वाले डेलीगेशन उनके अचानक होने वाले बर्ताव को लेकर सावधान रहते हैं, जैसा कि साउथ अफ्रीका, यूक्रेन वगैरह के प्रेसिडेंट के साथ उनकी बातचीत से देखा जा सकता है। इसलिए, भारत का रवैया भी सावधान है।”
मतलब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के व्यवहार को लेकर भारत सरकार इतनी सशंकित हो गई है तो फिर भारतीय मीडिया में पीएम मोदी-राष्ट्रपति ट्रंप के बीच काहे की दोस्ती के दावे और काहे की ज़बरदस्त केमिस्ट्री का बखान होता रहता है!!!
The Press Club of India has noticed that a photo/video of an event held at its premises earlier today, is circulating on social media.
It is hereby #clarified that the Club had not organised the event.
The hall was hired for the purpose of holding a press conference by an organization but when terms for renting out the place were violated by it, the Club authorities immediately intervened and it was stopped.
मैं उन पत्रकारों-बुद्धिजीवियों में नहीं जो ये समझते हों कि वे राजनीति को पूरी तरह समझते हैं।
मैं मानता हूं कि राजनीति जितनी बाहर पढ़ी जाती है वह उससे अधिक गहरी होती है। मैं तो उतनी गहराई तक पहुंच भी नहीं पाता।
लेकिन, एकाध उप चुनाव में हार को जो साथी बीजेपी की हार या उसके लिए आने वाले समय में संकट के तौर पर देख रहे हैं, उनकी विद्वता पर सवाल उठाए बिना मैं अपनी बात कह रहा हूं।
बीजेपी की इस हार में भी जीत है। बीजेपी की रणनीति साफ़ है 'कांग्रेस मुक्त भारत, आरजेडी मुक्त बिहार'
देश की सत्ता पर बीजेपी पुख़्ता तौर पर क़ायम हो चुकी है। अब वह अपने हिसाब से विपक्ष भी तय करना चाहती है। वही होने दे रही है।
दिल्ली में भी। बिहार में भी।
आप कहेंगे फलां फलां नेता तो बीजेपी को इतना पानी पी पी कर कोसते हैं भला वे बीजेपी की मंशा में मददगार कैसे हो सकते हैं?
अरे भाईया बीजेपी को कोसेंगे नहीं तो बीजेपी विरोधी वोट कैसे बटोरेंगे... अपोजीशन का पोजिशन कैसे लेंगे? इस क्रम में बीजेपी का कुछ अपना वोट भी कट रहा है तो कोई बात नहीं... कौन सा इससे प्रदेश की सरकार को ख़तरा पैदा हो रहा है!
आप सहमत या असहमत हो सकते हैं। अपनी बात जोड़ सकते हैं। आप सबका स्वागत है।
राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर अमित शाह की जवाबदेही तय करने की मांग की है। क्या यह विवाद अब मोदी सरकार के लिए नया राजनीतिक संकट बन रहा है ? पूरे घटनाक्रम का गहरा विश्लेषण देखिए 'आशुतोष की पैनी नज़र' में, सिर्फ Satya Hindi पर https://t.co/1SqGfBKl2g
सरकार को इसी बात का डर है। डर कि कहीं हर यूनिवर्सिटी, हर स्कूल स्तर पर प्रदर्शन न शुरू हो जाए!
ये नज़ारा उत्तर प्रदेश के फतेहपुर का है जहाँ इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बिजली-पानी सुविधा की बदहाली और प्रिंसिपल के अभद्र व्यवहार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया।
Dear @JPNadda@DrJitendraSingh ji,
We are observing a complete breach of the agreement regarding no police action against the protestors. Hundreds of students have been arrested in Bihar and Bengal, and hundreds are being surveilled/harrassed in Delhi and other states. Multiple reports are emerging in Delhi around detention of volunteers supporting protestors with logistics.
We demand that all the FIRs against the protestors be immediately withdrawn, students be released and no future FIRs be filed (in line with our agreement) by Delhi police / Central investigative agencies / Police in BJP-allied states, FAILING WHICH WE WILL BE FORCED TO SIT ON PROTEST AGAIN.
We also demand that the written agreement around legal cases be shared with us by tomorrow, the aligned timelines with the Government of India.
धर्मेंद्र प्रधान के बाद जनता की रडार पर नितिन गडकरी चल रहे हैं। इसलिए अरविंद केजरीवाल E20 पर मोदी सरकार को लगातार घेरते आ रहे हैं।शनिवार को दिल्ली में एक बड़े टाउनहॉल प्रोग्राम की घोषणा की है।
I have compiled multiple clips from a programme on Subramanian Swamy's YouTube channel featuring Gitanjali Angmo — co-founder of the Himalayan Institute of Alternatives, Ladakh. In it, she calls for removing "secular" from the Constitution, wants Sanskrit as the national language, endorses the Ram Mandir and a "Hindu Rashtra" and rejects the Aryan Invasion Theory.