अवैध क़ब्रिस्तान तिहाड़ गाँव मामले में आज दोपहर तीन बजे अधिवक्ताओं के साथ बैठक होगी
वक़्फ़ के केल क़ानून की आड़ में जो भी सरकारी ज़मीन वक़्फ़ हुई है
हम वापस लेंगे
हम नहीं डरते तेरी धमकियों से
भारत माता की जय
जोधपुर एम्स में ब्रेन डेड होने के बाद गौड़ परिवार द्वारा बिटिया कनिष्का के बाल -अंगदान का निर्णय मानवता की जीवंत मिसाल है।
आपकी लाडली के जीवन झलक अब अनेक जिंदगियों में दिखाई देगी।
मैं ऐस�� परोपकारी परिजनों का हृदय से अभिनंदन करता हूँ!
राजस्थान के सभी नवनियुक्त ज़िला कांग्रेस अध्यक्षों को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएँ एवं उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएँ।
आप सभी के नेतृत्व से संगठन और अधिक मजबूत होगा—ऐसा पूर्ण विश्वास है।
लोकतंत्र, संविधान और जन-भागीदारी की रक्षा के इस पवित्र संकल्प को आप सब नई ऊर्जा, नये संकल्प और नये उत्साह के साथ आगे बढ़ाएँगे—इसी आशा के साथ कांग्रेस का हर कार्यकर्ता , आपके कंधे से कंधा मिलाकर सदैव आपके साथ खड़ा रहेगा ।
यशवर्धन सिंह
प्रवक्ता
प्रदेश कांग्रेस कमेटी
राजस्थान
जयपुर के परिवार एकलौते भाई और बेटे मनोज सिंह शेखावत जो अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए रूस 🇷🇺 गए उन्हें वहाँ सेना में जबरदस्ती भर्ती कर युद्ध में धकेल दिया !!!
उनका आख़िरी वीडियो कॉल परिवार को 15 OCT.2025 को आया था ,तब से अब तक परिवार जनों से कोई संपर्क नहीं हो पाया!!!
भारत सरकार से आग्रह है की परिवार की मदद करे !!
@gssjodhpur@PIBHomeAffairs@DrSJaishankar@AmitShah@BJP4India
फलोदी, राजस्थान में हुई सड़क दुर्घटना में अनेक लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। मैं इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करती हूं और घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
फलोदी जिले के मतोड़ा क्षेत्र में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना की खबर अत्यंत दुःखद और हृदयविदारक है।
परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना है कि शोकाकुल परिवारों को इस असहनीय ���ीड़ा को सहन करने की शक्ति प्रदान करें और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूँ।
ॐ शांति।
टोंक-सवाईमाधोपुर के माननीय सांसद श्री हरीश मीणा जी के सुपुत्र श्री हनुमंत मीणा जी के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं व्यथित करने वाला है। इस असहनीय दुख की घड़ी में हम शोकाकुल परिवार के साथ हैं।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
🙏 शत-शत नमन 🙏
क्षत्रिय समाज का कुछ नहीं हो सकता...
मुझे समझ नहीं आता कि यह चिंतन शिविर है या कोई पिकनिक ..
मतलब एक दिन के आपसे 2500 लिए जाएंगे तब आपको समाज की चिंताएं बताई जाएगी
बेचारा कोई 10-12000 कमाता होगा वह तो समाज की चिंताओं को जान ही नहीं पाएगा क्योंकि उसके पास तो एक दिन के ₹2500 देने के लिए कहां से आएंगे ..
बाकी जो लोग इसमें जाने के इच्छुक हैं उनसे मेरी यह सलाह है कि आप जो ₹2500 चिंतन शिविर में देने जा रहे हैं उसे ₹2500 की किताबें खरीद कर समाज के किसी ऐसे बच्चों को दें जो उन किताबों को खरीदने में असमर्थ है चाहे वह पढ़ने वाला बच्चा हो या फिर कंपटीशन एग्जाम की तैयारी करने वाला अभ्य���्थी...
मां भगवती सद्बुद्धि दे ...!!
राजस्थान की वीर भूमि , अपनी गरिमामय बोली के लिए प्रसिद्ध है । सार्वजनिक पटल पर जनप्रतिनिधियों को , खासकर इस संस्कृति का ध्यान रखना चाहिए ।
यदि आप बदतमीज़ी सहन कर��े हैं , तो सामने वाले का हौसला और ज़्यादा बुलंद होता है इसलिए गरिमामय तरीक़े से प्रतिकार आवश्यक है ।
और यदि कोई धमकी देता है कि मेरे इलाक़े में आकर दिखा देना तो भारतीय संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को मज़बूती देने के लिए इस ललकार को स्वीकार करना मेरा नागरिक कर्तव्य और कुलधर्म है ।
यशवर्धन सिंह शेखावत
प्रवक्ता
प्रदेश काँग्रेस कमेटी
राजस्थान
आज झुंझुनू जिले की जनसमस्याओं पर विचार-विमर्श करने के लिए मेरे बुजुर्ग एवं युवा साथी कार्यालय आए।
जनचर्चा के साथ-साथ गीता के अमूल्य संदेशों पर भी संवाद हुआ।
यह मेरे लिए सौभाग्य की बात रही कि मैं आप सभी को यथार्थ गीता की प्रति भेंट कर सका।
आशा है, गीता का यह ज्ञान हमारे जीवन एवं समाज को सदैव मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
झालावाड़ में मारे गए निर्दोष बच्चों की संख्या पाँच से बढ़कर सात हो गई है।
लेकिन नेशनल मीडिया से यह खबर गायब है। इस पर कोई बहस नहीं। जिम्मेदारों से सवाल पूछने की जिम्मेदारी किसकी है?
सीमा-सचिन और मिथिलेश भाभी पर तीन रिपोर्टर तैनात करने वाले चैनल अभी कहां है। शिक्षा मंत्री, जिले के डीएम, शिक्षा अधिकारी से सवाल कौन करेगा? कौन रिकॉर्ड खंगालेगा? कौन पता करेगा कि जर्जर इमारत को सुधारने की कितनी दरख्वास्त दी गई? इस पर क्या कार्रवाई हुई?
टीवी चैनल पर शाम पाँच से रात दस बजे तक बहसों का दौर चलता है। लेकिन मैं दावे से कह रहा हूँ एक भी नेशनल न्यूज़ चैनल पर इस मुद्दे पर बहस नहीं होगी।
और माननीय शिक्षा मंत्री जी झालावाड़ का दौरा करने और सहानुभूति प्रगट करने भर से क्या होगा? राज्य भर में कितने स्कूल भवन जर्जर हैं, उनकी मरम्मत के लिए आप क्या करने वाले हैं, हमें इसका जवाब चाहिए।
अगर स्कूल में पढ़ते बच्चे और शिक्षक सुरक्षित नहीं है तो यह एक समाज के तौर पर हमारी हार है।
जगदीप धनखड़ ने अचानक इस्तीफा क्यों दिया? मुझे लगता है कि वो सरकार के लिए embarrassment बनते जा रहे थे. परेशानियां पैदा करने लगे थे. इसीलिए उन्ह��ं इस्तीफा देने को कहा गया. मैं आपको अंदर की बात बताता हूं कि टकराव कैसे शुरू ह��आ. कहां तक गया, ये समझाता हूं. पहली बात, जगदीप धनखड़ जब से राज्यसभा के Chairman बने उन्होंने ये impression दिया कि वो सरकार के शीर्ष नेताओं के बहुत करीब हैं. जो भी करते हैं, वो उन्हीं के कहने पर करते हैं. आपको याद होगा, संसद के परिसर में Vice-President के झुके-झुके व्यवहार की mimicry की गई थी, जिसका video राहुल गांधी ने बनाया था. उसकी वजह ये थी कि Chairman के तौर पर धनखड़ साहब विरोधी दलों के नेताओं से लगातार टकराते थे. विरोधी दलों के नेत�� convince हो गए थे कि धनखड़ साहब सरकार के इशारे पर उन्हें बोलने नहीं देते. बार-बार उनका अपमान करते हैं. इस कारण सरकार और विरोधी दलों के बीच टकराव बढ़ता गया. दूसरी बात, कुछ महीने पहले धनखड़ साहब ने Judiciary पर direct attack किया. Supreme Court पर हमला किया. Parliament की supremacy की बात की. Judges को भी ये लगा कि Vice-President साहब ये काम सरकार के इशारे पर कर रहे हैं. वो सरकार के करीब हैं. Judiciary और सरकार के ��ीच टकराव जैसी स्थिति पैदा हो गई. तीसरी बात, इन मामलों पर जब उन्हें समझाने की कोशिश की गई तो वो नाराज़ हो गए. उन्होंने याद दिलाना शुरू किया कि कैसे Vice-President होते हुए भी उन्होंने जगह-जगह सरकार को defend किया. अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी. ये सरकार से उनके direct टकराव की शुरुआत थी. बात बढ़ती गई. चौथी बात, उन्होंने जगह-जगह सरकार की top leadership की शिकायत करनी शुरू कर दी. RSS से लेकर मंत्रियों तक. विपक्षी दलों से लेकर media के senior लोगों तक. उनकी शिकायत थी कि सरकार में उनसे कोई बात नहीं करता. उन्हें घुटन हो रही है और कोई उनकी बात प्रधानमंत्री तक पहुंचाए वरना मुझे कुछ करना पड़ेगा. ये एक तरह की धमकी थी, सरकार से सीधा टकराव था. Final phase में धनखड़ साहब ने तेवर दिखाने शुरू किए. कांग्रेस के नेताओं से मिले. Arvind Kejriwal को time दिया. इन सबको बहुत कुछ कहा. यशवंत वर्मा के impeachment का case अपने हाथ में लेने क�� कोशिश की. जब सरकार को लगा कि अब वो राज्यसभा में भी embarrassment create कर सकते हैं, खुले टकराव की situation पैदा हो सकती है, तब उन्हें एक phone गया. ये convey किया गया कि अब ये खेल ज़्यादा नहीं चलेगा और ये भी बता दिया गया कि अगर धनखड़ साहब ने अपना रवैया नहीं बदला तो उनका impeachment भी हो सकता है. धनखड़ साहब को इस बात की उम्मीद नहीं थी. उन्होंने top leadership का assessment करने में गलती कर दी, दांव उल्टा पड़ गया. इसीलिए उन्होंने इस्तीफा देना ही बेहत��� समझा. #JagdeepDhankar #vicepresident #MyTake #AajKiBaat
स्मार्ट मीटर को लेकर चारों और विरोध हो रहा है,सरकार को चेतावनी है कि सतर्क हो जाएं।जनता आपको हटाते भी देर नहीं करेगी। बहुत सी शिकायतें भी ज्यादा बिल आने की देखने को मिल रहीं है।#भजनलाल #ZeeNuNew@Rajsthanikaka@8PMnoCM