"संगठन नहीं,जातीय गणित के अध्यक्ष"
जब प्रदेश अध्यक्ष का हर फैसला संगठन की मजबूती से नहीं,बल्कि जाति से तय होता दिखे, तब सवाल उठना स्वाभाविक है।
हाल में नेता प्रतिपक्ष के साथ जातीय अध्यक्ष जी कांग्रेस सरकार में राज्य मंत्री दर्जा प्राप्त रहे देवेंद्र सिंह जी के साथ मंदिर में थे।
चतरदास जी मंदिर,बुटाटी धाम में देवेंद्र सिंह राठौड़ द्वारा श्रद्धालुओं के लिए की जा रही व्यवस्थाएँ सच में प्रशंसनीय हैं। दूर-दूर से आने वाले भक्तों के लिए नाश्ते, भोजन, पीने के पानी और विश्राम की व्यवस्था करना कोई छोटी बात नहीं है। जब कोई थका हुआ यात्री मंदिर पहुँचकर सम्मान के
श्री देवेंद्र सिंह बुटाटी ने समय-समय पर प्रशासन को लिखित पत्र देकर अपनी आशंकाएं और आपत्तियां दर्ज कराईं।
3/4/2026 को संभावित विवाद को लेकर चेताया, 6/3/2026 को कथित शिकायतकर्ताओं कौन है sdm से स्पष्ट करने की मांग की और 2/7/2026 को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए जिला कलेक्टर, नागौर को ज्ञापन सौंपा। इसके साथ ही उन्होंने अपना पक्ष सार्वजनिक करते हुए एक वीडियो भी जारी किया।
यदि इन तथ्यों और पत्रों के बावजूद विवाद बढ़ा, तो यह जांच का विषय है कि इसके पीछे कौन लोग थे और किसके इशारे पर घटनाक्रम आगे बढ़ा। निष्पक्ष, पारदर्शी और तथ्यों पर आधारित जांच ही सच्चाई सामने ला सकती है।
@DevendraButati
आखिर ये देवेन्द्र सिंह बुटाटी किस मिट्टी का बना है? जयपुर का बढ़िया चलता-चलाया धंधा छोड़ बुटाटी आया और आते ही चोरों-ठगों के "अच्छे दिन" छीन लिए। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे क्या लगवाए, लोग ऐसे भड़के जैसे कैमरे सीधे उनके बेडरूम में फिट कर दिए हों! फिर यात्रियों की सेहत के लिए केमिकल वाली मिठाइयों पर रोक लगा दी। अब भला मिलावटी मिठाई बंद होगी, तो डॉक्टरों और मेडिकल वालों का धंधा कैसे चलेगा? रोजगार छीनने की हद होती है भाई!
हद तो तब हुई जब नारियल वालों को सुधरने का मौका दिया, उनका पुराना सड़ा स्टॉक खुद मंदिर कमेटी के पैसे से खरीदा, पर जब वे बाज नहीं आए तो नारियल चढ़ाना ही बंद करवा दिया। ऊपर से यात्रियों के लिए शुद्ध भोजन और सुबह की चाय-नाश्ता भी बिल्कुल फ्री कर दिया। कमाल का आदमी है, आज बुटाटी में 7 दिन रहना-खाना बिल्कुल मुफ्त है, यानी ₹1 खर्च करने की आज़ादी भी छीन ली! इस "घोर अनर्थ" के खिलाफ हमारे कुछ स्वार्थी स्थानीय लोगों को धरने पर तो बैठना ही था।
असल में पेट में दर्द मरीजों को नहीं, बल्कि उन कलाकारों को है जिनकी लूट की दुकानें बंद हो गई हैं। जो ₹100 की खिचड़ी बनाकर ₹20 प्लेट में बेचकर चांदी कूट रहे थे, जो आस्था के नाम पर कचरा प्रसाद बेच रहे थे, उनका धंधा ठप हो गया। इन सबने मिलकर देवेन्द्र सिंह को झुकाने का पूरा जोर लगा लिया, पर भूल गए कि इस आदमी की रीढ़ की हड्डी में झुकने वाला जोड़ ही नहीं है।
कान खोलकर सुन लो, ना कभी 'केसरी' का कुछ उखाड़ पाए थे, और ना इस 'देवेन्द्र सिंह' का कुछ बिगाड़ पाओगे, क्योंकि ये जिंदा जमीर वाले लोग हैं।
चोरों और मुनाफाखोरों की बंद हुई दुकानों पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए... जय बुटाटी धाम।
#बुटाटी_धाम @DevendraButati
बुटाटी धाम के अध्यक्ष @DevendraButati का पक्ष भी सुना जाना चाहिए। बिना समिति का पक्ष सुने एकपक्षीय फैसला करने वाले अधिकारी तथा तथ्यहीन मीडिया ट्रॉलिंग करने वालो पर कार्यवाही होनी चाहिए।
#बुटाटी_धाम
बुटाटी धाम: सेवा, पारदर्शिता और सत्य की मिसाल
बुटाटी धाम आज निःस्वार्थ सेवा, अनुशासित प्रबंधन और पारदर्शी व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरा है। यहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भोजन, चाय-नाश्ता, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
मंदिर समिति अध्यक्ष देवेंद्र सिंह बुटाटी ने श्रद्धालुओं से मंदिर में नकद चढ़ावा न चढ़ाने तथा ऑनलाइन, बैंक या आवश्यक सामग्री के रूप में दान करने की अपील की है, ताकि प्रत्येक दान का पारदर्शी रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।
समिति ने हालिया जांच रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की है। उनका कहना है कि सत्य की स्थापना केवल निष्पक्ष जांच और प्रमाणों के आधार पर ही होनी चाहिए।
धार्मिक स्थलों का संचालन सेवा, ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर होना चाहिए। यदि बुटाटी धाम जैसी पारदर्शी दान व्यवस्था अन्य मंदिरों में भी लागू हो, तो श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा।
॥ संत शिरोमणि श्री चतुरदास जी महाराज की जय ॥
पूज्य चुतरदास जी महाराज मंदिर की असमाजिक तत्वों और जातिवादी SDM द्वारा छवि खराब करने की नाकामयाब कोशिश के विरोध में पारदर्शी जांच और देवेन्द्रसिंह जी की मानहानि के विरोध में शाम 8 बजे #बुटाटी_धाम ट्विटर ट्रेंड का आयोजन किया जा रहा हैं सभी भाई इसमें ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लें!
ईमानदार व्यक्ति बुटाटी धाम के अध्यक्ष देवेंद्र सिंह जी बुटाटी ने काले धंधे करने वालों पर नकेल कस रखी है....
इसीलिए जाति विशेष के लोग फड़फड़ा रहे है।
और बेदाग़ व्यक्तित्व के धनी देवेंद्र सिंह जी पर मनगढ़त आरोप लगा रहे है....
सत्यमेव जयते।
#बुटाटी_धाम@DevendraButati
मुझे सिर्फ राजपूत होने के नाते प्रताड़ित किया जा रहा हैं। जब जांच दो समितियों की थी तो sdm को इतनी क्या जल्दी थी की पूरी जांच भी नहीं की सिर्फ एक समिति की आधी अधूरी झूठी जांच सौंप कर चले गए?
देवेंद्र सिंह बुटाटी
राठौड़ है , हार नहीं मानेगा ।
इस दुर्गादास के वंशज को तुम कितना भी जोर लगा लो , देश निकाला नहीं दे पाओगे।
यह शब्द उन अपनो के लिए जो छोटे लालच में देवेन्द्र सिंह के खिलाफ खड़े हैं।
@OnkarSinghRat92@KuldeepBadiyal@9noHall
श्री देवेंद्र सिंह बुटाटी ने प्रशासन को लिखित पत्र देकर अपनी आशंकाएँ, आपत्तियाँ और निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बावजूद विवाद बढ़ा तो यह जांच का विषय है कि इसके पीछे कौन लोग और किसके इशारे पर घटनाक्रम आगे बढ़ा। सत्य सामने लाने के लिए निष्पक्ष व पारदर्शी जांच आवश्यक है।
बुटाटी धाम मंदिर में कुछ लोगों की मिलीभगत से ऐसी चोरी की वारदातें सामने आने लगी जिस कारण देवेंद्र सिंह बुटाटी ने cctv कैमरे लगाए।
अब इनकी मांग है कि cctv हटाओ।1
#बुटाटी_धाम@Butati_Dham_@DevendraButati