जाने कितनी ही पीड़ाओं को
प्रेम की स्मृतियाँ प्राप्त हैं
फ़िर भी आने वाली पीढ़ी के लिए
प्रेम कभी मलिन नहीं हुआ
निश्चित है,
पीड़ाओं का केंद्र मनुष्य ने स्वयं निर्मित किया है
प्रेम ने तो उन्हें सिर्फ़ भोगा है...
~ हिमांशु मोहन
@himanshumohanj
भगवान बुद्ध का संदेश है...
'अपमान पर उत्तेजित होने के स्थान पर स्वयं को संतुलित रखना ही श्रेयस्कर है। यही धर्म है।'
राज्यसभा के मा. उप सभापति श्री हरिवंश जी ने अपमान के प्रतिउत्तर में प्रेम और आदर का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह अनुपम है, प्रेरणास्पद है।
सबको सन्मति दे भगवान!
उ.प्र. में अपूर्णता का कोई स्थान नहीं।
यहां अधूरा कुछ नहीं होता।
यह प्रभु श्री राम श्री कृष्ण, भगवान बुद्ध, कबीर व महावीर जी की धरती है,यह सभी 'पूर्णता के प्रतीक' हैं।
उ.प्र. अपनी परंपरा के अनुरूप वैश्विक सिनेमा की जरूरतों के अनुसार दिव्य-भव्य, 'पूर्ण फिल्म सिटी' का उपहार देगा।
राष्ट्रीय चेतना के ओजस्वी स्वर, विद्या के मंदिरों से गांव की चौपालों तक समान रूप से गाए जाने वाले महान रचनाकार, पद्म भूषण, जनकवि, राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' जी को उनकी जयंती पर कोटिशः नमन।
आपकी कालजयी रचनाएं, दशकों से प्रकाश स्तम्भ की भांति हम सभी का पथ प्रदर्शन कर रही हैं।
फिल्में समाज का दर्पण हैं।
फिल्मों ने हमारी संस्कृति से विश्व जगत को परिचित कराया है।
प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने व स्थानीय प्रतिभाओं को विशेष अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से @UPGovt ने राज्य में 'मॉडर्न फिल्म सिटी' व 'इंफोटेनमेंट जोन' की स्थापना का निर्णय लिया है।