हम जीवन भर प्रेम को
खोजते हैं..
जब ये ख़ुद हमारे
सामने आता है
तो अपनी आँखे मूँद लेते हैं..
खोजे जाने या
पाये जाने से ज़्यादा ज़रूरी है,
प्रेम का पहचाना जाना...
~ हिमांशु मोहन
(@himanshumohanj)
प्रेम दो, माँगो मत
और एक दिन जब तुम
खो चुके होगे यक़ीन
या फिर हार चुके होगे
वह तुम तक ख़ुद ही लौट आएगा
तुम्हें हर तरह से आश्चर्यचकित करते हुए
प्रेम लौट आने की सारी कलाएं जानता है
• हिमांशु मोहन @himanshumohanj
...
कुछ चांदी जैसा चेहरा था उसका। जब वो गुस्से में बोलती तो पास में रखे पानी में बने उसके प्रतिबिंब से उसे देखने की कोशिश करता। सामने से देखने में शायद उसके गुस्से पर मुझे और प्यार न आ जाए और कहीं मैं मुस्कुरा न दूँ इस बात का डर हमेशा बना रहता...
हिमांशु मोहन
...
कभी कभी हमे जीवन के सुख
इतने फींके लगने लगते हैं
कि अचानक से एक दुख आता है और
हम उन्हीं सुखों के लिए प्रार्थनाएँ पढ़ने लगते हैं!
कुछ दुख जीवन में बस सुखों से
हमारा परिचय कराने के लिए आते हैं!
- हिमांशु मोहन