नवनिर्वाचित विधायक और उनके कार्यकर्ताओं द्वारा भेदभाव की भावना रखना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है।
हमारे परिवार ने हमेशा बिना किसी भेदभाव के, बिना अपना-पराया देखे, सभी को अपने परिवार का हिस्सा मानकर उनका साथ दिया। हर कठिनाई में हम सिर्फ़ इंसानियत और सच्चाई के साथ खड़े रहे।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से मेरे संज्ञान में आया है कि अब क्षेत्र में भेदभाव और द्वेष की राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
क्या राजनीति का यही स्वरूप जनता ने चुना है? क्या सेवा और समानता की जगह अब भेदभाव और दुश्मनी ने ले ली है?
हम उम्मीद करते हैं कि यह रवैया बदलेगा और सबके साथ समान व्यवहार किया जाएगा। राजनीति की यह नई शुरुआत दिलों को जोड़ने की हो, तोड़ने की नहीं।