"Stop punishing women for the crimes committed against them."
𝐇𝐞𝐫𝐞 𝐢𝐬 𝐋𝐨𝐏 𝐒𝐡𝐫𝐢 @RahulGandhi'𝐬 𝐦𝐞𝐬𝐬𝐚𝐠𝐞 👇
"Across our country, women are afraid to walk the streets, afraid of being harassed, afraid of being raped. And the government’s answer: stay at home.
This is patriarchy at work: a system that blames the victim and shields the criminal. It is time to smash it.
The solution is not to lock women inside. It is to make our streets safe, to confront the mindset of men who mistreat women, and to punish those who attack them, swiftly and without exception.
Thousands of students and young people are on the streets demanding safety for women. I urge even more young women, especially GenZ across India to come out in stronger numbers.
This government is deaf to your pain and will only listen when it’s under pressure.
Peaceful protest is your democratic right, and I stand with you wholeheartedly."
यमुना किनारे बेला एस्टेट में 728 लोग रहते हैं। SIR के बाद वोटर लिस्ट में सिर्फ़ एक नाम बचा - बाकी 727 नाम काट दिए गए।
ये लोग दशकों से यहाँ रह रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के दिल्ली चुनावों में वोट डाल चुके हैं। 2023 में इनके घर तोड़ दिए गए थे - पर ये कहीं नहीं गए, यहीं हैं।
आज मैं इनकी झुग्गी में गया और सीधे इन्हीं से सुना कि चुनाव आयोग ने इनके साथ क्या किया है।
SDM से फ़ोन पर मैंने यही कहा - मकान होने या न होने का वोट के अधिकार से कोई रिश्ता नहीं है। ख़ुद CEC ज्ञानेश कुमार कह चुके हैं कि "हाउस नंबर 0" बेघरों के लिए है। फिर भी 727 लोगों का नाम काट दिया गया।
यह SIR नहीं - यह वोट चोरी का तरीक़ा है। जिनके पास पहले ही सबसे कम है, उनसे उनकी इकलौती ताक़त छीनी जा रही है।
ज्ञानेश कुमार तो जाएँगे। पर जिस सिस्टम ने उनसे यह करवाया, उसका हिसाब भी होगा।
#VoteChori
वैश्विक संकट के बीच प्रमुख शेयर बाजारों का दो साल का रिटर्न
🇮🇳 भारत: -9%
🇰🇼 कुवैत: +5%
🇨🇳 चीन: +18%
🇺🇸 अमेरिका: +35%
🇧🇷 ब्राजील: +65%
🇻🇳 वियतनाम: +45%
🇵🇰 पाकिस्तान: +70%
🇯🇵 जापान: +85%
🇹🇼 ताइवान: +150%
🇰🇷 दक्षिण कोरिया: +172%
नोट: सरकार इस डेटा को नियंत्रित नहीं कर सकती।
'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के बाद SIR पर छिड़ी बहस, दावा- निर्वाचन आयुक्तों ने 10 माह में 14 आपत्तियां की, एक पर भी सुनवाई नहीं... पढ़ें ये अहम बातें
अधिक खबरें और ई-पेपर पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर एप इंस्टॉल करें - https://t.co/xvtHwBtpmP
#SIR#ElectionCommission #IndianExpress #ElectionReforms #India
Yesterday, @IndianExpress reported an unprecedented rupture inside the Election Commission: TWO of its three members objecting on record, 14 times in 10 months, to decisions taken without their knowledge.
Today, the second part of our investigation looks at the concern Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu and Vivek Joshi flagged most often: Who really controls our electoral rolls?
We followed that question to Goa, where we found something deeply concerning.
Stay with me....
(1/14) 🧵
शानदार रिपोर्ट है आपकी। भारत का लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है इसका एक और प्रमाण। चुनाव आयोग के भीतर क्या हो रहा है इसकी जाँच होनी चाहिए। सारे चुनावी नतीजों की समीक्षा होनी चाहिए। चुनाव जनता के वोट का नतीजा है या जी-प्रिंटर से निकला नतीजा, इसकी जाँच होनी चाहिए।
BIG: @ECISVEEP SPLIT WIDE OPEN over SIR ! Two ECs, Sukhbir Singh Sandhu and Vivek Joshi, have formally objected, on record, at least 14 times over the last 10 months to decisions taken and orders issued without their knowledge. Is a constitutional body now a one man show that acts as His Masters Voice? Will Gyanesh Kumar respond to the detailed @IndianExpress investigation? (Note: earlier this week, another former EC @AshokLavasa called for an apology from the ECI for SIR chaos)
ये महज़ एक तस्वीर भर नहीं है, ये ख़ास इसलिये है क्योंकि ये तस्वीर इंदौर की है।
ये तस्वीर आने वाले 2029 की बानगी है, देश के छात्रों और युवाओं ने राहुल गॉंधी जी को अपना नेता चुन लिया है।
@RahulGandhi
BJP नेताओं को देश के हर घर में अंधभक्त चाहिए, लेकिन अपने घरों में नहीं।
अपने बच्चों के लिए वे चाहते हैं - बेहतरीन शिक्षा, अच्छे कॉलेज, बड़ा कारोबार और सफलता।
"सरकार के पास दिया जलाने के लिए पैसा है - हमारे हॉस्टल के लिए क्यों नहीं?"
यह सवाल कल इंदौर में एक छात्रा ने मुझसे पूछा।
गाँव से पढ़ने शहर आई। हॉस्टल है नहीं, तो PG में रहना पड़ता है। सिर्फ़ सुरक्षित रहने में लाखों ख़र्च हो जाते हैं। हर महीने किराए की चिंता, और बेघर होने का डर - इसी में पढ़ाई करनी पड़ती है।
कई लड़कियाँ इसी वजह से पढ़ाई छोड़ देती हैं। सिर्फ़ इसलिए कि रहने की जगह नहीं है।
और आवास भत्ता? महंगाई के साथ बढ़ता नहीं, ऊपर से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है।
@narendramodi जी - उस बच्ची के सवाल का कोई जवाब है आपके पास?
इंदौर भास्कर, दैनिक भास्कर के अन्य एडिशन से बिल्कुल अलग है यकीनन इसकी वजह एडिटर की न्यूट्रल, बेधड़क लाइन है।राहुल गांधी के कार्यक्रम की भास्कर से अच्छी कवरेज किसी ने नहीं की है।मुझे गर्व है कि वहां के रिपोर्टर और एडिटर मेरे मित्र हैं। उन्होंने किसी दबाव को स्वीकार नहीं किया।
देश पर एक system का कब्ज़ा है - परत दर परत।
कौन है ये सिस्टम?
RSS और "हम दो, हमारे दो" की अगुवाई में गिनती के लोगों ने मिल कर भारत की हर संस्था पर अपना नियंत्रण कर लिया है।
सरकार हो, व्यापार हो, शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, खेल हो, मीडिया हो, न्यायपालिका हो, चुनाव आयोग हो या bureaucracy - इस सिस्टम में हुनर नहीं, पैसा और पहुंच मायने रखता है।
इस क़ब्ज़े के खिलाफ, भ्रष्टाचार के खिलाफ, अन्याय के खिलाफ छात्रों की आवाज़ ही सिस्टम के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
इसीलिए system को students से खतरा है - क्योंकि वो सवाल पूछते हैं, जवाबदेही मांगते हैं।
इसी डर से सिस्टम छात्र नहीं, अंधभक्त चाहता है - छात्रों को प्रताड़ित करता है, अंधभक्त को बढ़ावा देता है, ताकि कोई सवाल न उठे और मनमानी चलती रहे।
#ChhatronKiGoonj
नंदीग्राम उपचुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी कोई संयोग नहीं, राजनीतिक प्रतिशोध है - लोकतंत्र की हत्या है।
BJP का निष्पक्ष चुनाव में भरोसा ही नहीं - इसलिए कभी वोट चोरी, कभी सरकार चोरी और कभी पार्टी चोरी से सत्ता बचाना चाहती है।
वो चुनाव नहीं लड़ना चाहते, चुनावी मुकाबला ही खत्म कर देना चाहते हैं।
कांग्रेस न डरेगी, न झुकेगी।
हम लड़ेंगे भी, जीतेंगे भी।