तर्क है जो मंदिर आंदोलन में शामिल नहीं थे वो चढ़ावा चोरी पर कैसे बोल सकते हैं ।इसी आधार पर कहा जा सकता है जिनके पुरखे आज़ादी के आंदोलन में शामिल नहीं थेयाअंग्रेजों के समर्थक थे उन्हें देश में होने वाली किसी गड़बड़ी पर सवाल उठाने का हक नहीं है क्या?मुद्दों पर बोलने का हक सबको है।
बेहद प्रभावशाली कविता और उतना ही कमाल का पाठ राजेंद्र जी का। गिरने का महत्व बहुत सुंदर से बताया गया है। इसे सुनने के बाद गिरते रहने की असीम प्रेरणा मिलेगी। जो भी गिर रहे हैं, ज़्यादा गिरने के लिए यह कविता सुनें।
राजेंद्र जी के यू ट्यूब चैनल का लिंक-
https://t.co/F08YBm1faP
एक सामान्य सा नियम है अलिखित सारी दुनिया में। युद्ध जैसे हालात में देश और सरकार के साथ खड़े होना।
सरकार से सौ शिकायतें हो सकती हैं आपकी लेकिन जंग के हालात में आपकी सुरक्षा सरकार को ही करनी है। अंतर्राष्ट्रीय मंचों से लेकर जंग के मैदान के फ़ैसले सरकार को ही करने हैं और फ़ैसले जो भी हों आप उसमें शामिल होने ही हैं।
मैं रक्षा मामलों के बारे में कुछ नहीं जानता। ब्लैक आउट के बारे में दूसरे विश्वयुद्ध के इतिहास और संस्मरणों में पढ़ा है, शानी की 'युद्ध' जैसी कहानी में पढ़ा है। 1971 के बाद इस देश ने युद्ध नहीं देखा है, कारगिल की लड़ाई उसी इलाक़े में हुई थी, बाक़ी देश में इसका वैसा असर नहीं हुआ। हम नहीं जानते युद्ध कैसा होता है, इतिहास बताता है कि भयावह होता है।
तो आज अगर सरकार कह रही है कि ब्लैक आउट की प्रैक्टिस कर लीजिए, मॉक ड्रिल कर लीजिए तो मैं बिना सवाल इन निर्देशों का पालन करूंगा।
युद्ध होना है, नहीं होना है, कैसा होना है यह सब सरकार को तय करना है। विपक्ष के नेता ने भी इन हालात में सरकार के साथ खड़े होने की बात की है। अगर कल ज़रूरत पड़ी तो सिविल डिफेंस जैसी पहल में शामिल होने में मुझे गर्व होगा।
यह मैं अपने लिए कह रहा हूँ, आप अपने लिए निर्णय करने को आज़ाद हैं। यह मेरा देश है, मैं यहीं पैदा हुआ हूँ और यहीं मर जाऊँगा।
यह मेरा देश है और मेरी क़िस्मत इससे जुड़ी हुई है। सत्ताएं आएंगी, जाएंगी। देश रहेगा। सत्ता का विरोध करना मेरा लोकतान्त्रिक हक़ है और देश के साथ खड़ा होना मेरा नागरिक फ़र्ज़ है।
‘मेरी पत्नी बहुत ही अच्छी हैं। मैं उनको देखता रहता हूँ. बहस Quality Of Work पर होनी चाहिए, Quantity पर नहीं’
L&T प्रमुख के ‘90 घंटा काम’ ‘बीवी को कब तक देखोगे’ जैसे बयान पर बोले Industrialist @anandmahindra
सिर्फ़ 5 मिनट का मसला होता है। दिल बड़ा हो तो इतने से सब्र में दुनिया खूबसूरत बन जाती है, दिल संकीर्ण हो तो इतने ही वक़्त में दुनिया जहन्नुम भी बन सकती है। आपको क्या करना है, आप तय कीजिए।
वीडियो बनाने वाले को दिल से सलाम
प्रभु श्री राम ने अश्वमेध यज्ञ का संकल्प लिया, लेकिन शास्त्रों के हिसाब से इसमें बाधा आ गई.
क्योंकि तब सीता जी अयोध्या में न थीं. और शास्त्रों के मुताबिक, पत्नी के बिना पति कोई भी धर्म कार्य नहीं कर सकता. यह खंडित माना जाएगा.
इसलिए सीता जी की मूर्ति रखकर यज्ञ का अनुष्ठान हुआ.
My investigative documentary on #loanApps scam that has affected millions of Indians. It’s a film of 3Ss, (exposing) SCAM, SHAME & SUICIDE.
English link-
https://t.co/ZOVdmzETKK
Hindi Link -
https://t.co/kNlxYiA4aC
Marathi, Telugu, Tamil, Gujarati & Punjabi- Links to follow
जलते घर को देखने वालों, फूस का छप्पर आपका है.
आग के पीछे तेज हवा है, आगे मुकद्दर आपका है.
उसके क़त्ल पे मैं भी चुप था, मेरा नंबर अब आया.
मेरे क़त्ल पे आप भी चुप हैं, अगला नंबर आपका है.
- नवाज़ देवबंदी
नौ सालों में पीएम मोदी से एक भी सवाल नहीं पूछने वाले एंकर बार -बार कह रहे हैं कि हम सवाल पूछ रहे थे इसलिए हमारा बहिष्कार किया गया ..
मुश्किल सवालों से डर गया विपक्ष ?
अरे भाई ये तो बताओ कि मई 2014 से अब तक सत्ता में बैठे मोदी और शाह से कब एक भी सवाल पूछा .
सारे सवाल विपक्ष से ही पूछने है ?
मोदी के सामने लोट जाना है ?
हाथ जोड़कर खड़े हो जाना है ?
शहादत के दिन मोदी के जश्न पर भी कोई सवाल मोदी से नहीं पूछना है ?
फिर किस सवाल की बात कर रहे हो ?
#SudhirChaudhary
#GodiMedia
#BoyCottGodiMedia
In this video from 2014, a wonderful explanation by @SadhguruJV on the science behind the name, and importance of calling our country Bharat.
The country getting renamed Bharat will happen through Parliament, but this World Cup our Team must play with the name “Bharat” @JayShah
I have always believed a name should be one which instills pride in us.
We are Bhartiyas ,India is a name given by the British & it has been long overdue to get our original name ‘Bharat’ back officially. I urge the @BCCI@JayShah to ensure that this World Cup our players have Bharat on our chest
एक अपील है - अगर आप अपने पत्रकारों के साथ हैं तो इस हैशटैग के साथ कम से कम एक ट्वीट कर दें, ट्रेंड हो न हो उन्हें लगेगा कि लोग उनके साथ हैं।
#ISupportIndependentJournalists