I am a Human Rights activist working for the issues of Dalits and other marginalized people. I am the editor of "Justice News" portal also associated with PMARC
World's fourth largest economy Saar. Behave Saar.
On the final day of the Lucknow mango festival, people looted mangoes in the rajdhani of RamRajya.
#UttarPradesh
शिक्षक जब बोलने पर आए तो उनसे बेहतर प्रवक्ता कोई नहीं
सरकार ने इस बार गलत पंगा ले लिया, लंका लगनी तय है सरकार की
बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षक जरूरत पड़ने पे सरकार को भी पाठ पढ़ा देते हैं
#ssc_protest
अभिनव सर की सोच को सलाम है ...
अभिनव सर ने भाजपा , रवि किशन , कंगना रनौत , गोदी मिडिया सबके धागे खोल दिए ,
ये वीडियो गूंगी बेहरी सरकार तक जानी चाहिए...
भारत का एजुकेशन सिस्टम खतरे में है,
आप हर समय हिन्दू मुस्लिम करके मुद्दों को भटका नहीं सकते हैं।"
:~ नीतू सिंह, SSC टीचर 🙏
किसान ,जवान , छात्र और अध्यापक हर किस�� की आवाज को सरकार दबाना और उनके हक को छीनना चाहती है।
बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय को पटना के अटल पथ पर जनता के गुस्से का सामना करना पड़ा मंत्री जी दुम दबाकर भाग निकले!
जनता धीरे-धीरे ही सही जागरूक हो रही है। नेता मंत्री से सवाल कर रही है।
My Open letter to the Chief Election Commissioner of India-
मैं ये पत्र लिख रही हूँ… उस बेचैनी के साथ… जो एक नागरिक और पत्��कार के भीतर उबल रही है
वोट-चोरी जनता की आस्था की डकैती है
ज्ञानेश कुमार जी, आप किस तरह की विरासत छोड़ना चाहते हैं ?
140 करोड़ लोगों के वोट का पहरेदार… या लोकतंत्र की लाश पर मिट्टी डालने वाला वो आख़िरी हाथ ?
A paralympian was assaulted in a public bank for asking about a government loan scheme and later intimidated at his home. Public services are failing the disabled. Join me in demanding mandatory sensitisation of public officials. @jhatkaadotorg https://t.co/ILD6i6ygWj
माननीय मुख्यमंत्री जी के गृह जनपद का यह हाल‼️
गोरखपुर के महिला पुलिस ट्रेनिंग सेंटर से बेटियां चिल्लाते हुए बाहर भागीं, रोते हुए बताया-
👉 बाथरूम में कैमरे लगे हैं!
👉 पूरी रात बिजली नहीं!
👉 सिर्फ आधा लीटर पानी!
👉 खाना इंसानों के लायक नहीं!
UP पुलिस की रक्षक बनने आई बेटियां अब सि���्टम से लड़ रही हैं।
ये कैसा प्रशिक्षण, ये कैसी व्यवस्था?
��क तरफ यह महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बातें करते हैं, लेकिन जब वही महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए बाहर निकलती हैं तो खुद को असहाय और असुरक्षित महसूस करतीं हैं।
बेटी बचाओ के नारे केवल चुनाव प्रचार के लिये हैं, जब महिलाओं की सुरक्षा की बात आती है, तो भाजपा सरकार हमेशा बुरी तरह विफल ही रही है।