जब सिस्टम ने साथ छोड़ दिया और मशीनें खामोश हो गईं,
तब आगरा की डॉ. सुलेखा चौधरी ने अपनी साँसों से एक नवजात को ज़िंदगी दी सरकारी अस्पताल में ऑक्सीजन फेल होने पर 7 मिनट तक मुंह से ऑक्सीजन देकर बच्चे की जान बचाना यह इलाज नहीं, इंसानियत का सबसे ऊँचा इलाज है।
डॉ. सुलेखा चौधरी सिर्फ डॉक्टर नहीं,
कर्तव्य, साहस और मानवता की जीवित मिसाल हैं।
Aaj Bangladesh me hindu ke sath galat ho raha hai ham sabhi chup baithe ,bharat sarkar turant hindu ki suraksha ke liye thosh kadam uthaye aur hindu ko safe kare @PMOIndia@rajnathsingh