“बुद्ध” यह शब्द न केवल बोध का द्योतक है, अपितु चेतना की उस परम स्थिति का बिम्ब है, जहाँ आत्मा अज्ञान के आवरणों को चीरकर ज्ञान की आलोक-धारा से स्वयं को प्रकाशित कर लेती है। इस चराचर जगत में यदि कोई वस्तु परम मूल्यवान कही जा सकती है, तो वह है—ज्ञान। सकल पुरुषार्थ वस्तुतः अज्ञानजन्य विकारों से मुक्त होकर ज्ञान-प्राप्ति की दिशा में ही अग्रसर होते हैं। जो पुरुष आत्मस्वरूप का साक्षात्कार कर, अपने अंतःकरण को विशुद्ध ज्ञान से अभिसिक्त कर चुका होता है, वही वस्तुतः बुद्ध है—जाग्रत आत्मा, प्रकाशमान चेतना, करुणा की मूर्तिमान प्रतिमा।
भगवान बुद्ध न केवल करुणा के साक्षात् अवतार हैं, अपितु सनातन धर्म-संस्कृति की अक्षुण्ण धारा से अभिन्न रूप से सम्बद्ध भी हैं। वे स्वयं श्रीहरि के दशावतारों में गण्य हैं। जिस हृदय में अन्य के दुःख और क्लेश को देखकर सहज ही संवेदना की तरंगें उठें, वही दीनबन्धु, वही ईशतुल्य होता है। ऐसी करुणा ही सच्चे बोध की प्रथम सीढ़ी है।
बुद्ध पूर्णिमा का यह पावन दिवस हमें आह्वान करता है कि हम अपने अन्तःकरण को करुणा, सौजन्य और सहानुभूति से सिञ्चित करें। उपेक्षित, पीड़ित और शोषित जनों के प्रति अपने हृदय में प्रेम और संवेदना का नवप्रस्फुटन करें। यही बुद्ध की सच्ची वन्दना है। आध्यात्मिक साधना के पथ पर सांसारिक यश-अपयश, लाभ-हानि, जय-पराजय आदि द्वंद्वमय वृत्तियाँ केवल छाया-समान हैं। इनसे प्रभावित हुए बिना, दीर्घकाल तक अविचल श्रद्धा और अपरिसीम धैर्य से अपने लक्ष्य की सिद्धि की ओर प्रयाण करना ही साधक की महती साधना है।
अतः इस शुभ अवसर पर, आइये ! हम आत्म-निरीक्षण करें, आत्मावलोकन करें। क्या हमारे भीतर बोध का आलोक है? क्या हमारे भावों में करुणा है, विचारों में समत्व है, और कर्मों में परोपकार की गन्ध है ? यदि नहीं, तो यही क्षण है, अपने भीतर बुद्धत्व की प्रथम आभा को आमंत्रित करने का—शान्त, गंभीर और सन्नद्ध होकर प्रबुद्ध चेतना की ओर एक नवयात्रा आरम्भ करने का।
Buddha means the awakened one - one who has dispelled ignorance through true knowledge. Wisdom is life’s highest treasure, and all human efforts aim to reach it.
Lord Buddha, a symbol of compassion, is honored as an incarnation of Vishnu in the Sanatan Dharma. His life reminds us to feel deeply for the suffering of others and to act with kindness.
On this sacred day, let us nurture compassion, remain steady on the path of truth, and walk with patience toward inner light.
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𝐍𝐚𝐦𝐢𝐛𝐢𝐚 & 𝐈𝐧𝐝𝐢𝐚 will sign a historic MoU for promoting Wildlife Conservation & Sustainable biodiversity Utilization. The MoU seeks to promote the conservation and restoration of 𝕮𝖍𝖊𝖊𝖙𝖆𝖍⚡️🐾in their former range from which the species went extinct.
कलाम साहब चाहते तो ‘नासा’ में या दुनिया के किसी भी मुल्क में बहुत बड़े ओहदे पर काम करके ढेर सारी दौलत कमा सकते थे। लेकिन उन्होंने देश में ही रहकर, साइंस – खासकर डिफेंस, स्पेस साइंस और कम्यूनिकेशन - के क्षेत्र में भारत की सेल्फ़ रिलायंस या खुद-मुख्तारी का रास्ता मजबूत किया।
कवि,कोविद,विज्ञान-विशारद,कलाकार,पण्डित,ज्ञानी
कनक नहीं,कल्पना,ज्ञान,उज्ज्वल चरित्र के अभिमानी
इन विभूतियों को जबतक संसार नहीं पहचानेगा
राजाओं से अधिक पूज्य जब तक न इन्हें वह मानेगा
तबतक पड़ी आग में धरती,इसी तरह अकुलायेगी
चाहे जो भी करे,दुखों से छूट नहीं वह पायेगी
@MahakaviDinkar
I also want to say this to all Indians. I'm truly sorry about the ugly nature of Indian politics, that will happily divide us into smaller & smaller groups, until we each stand alone.
They are all doing that for personal gain, not for the people.
Don't let them win. 🙏🏽
@BBCHindi Aap CM bano,, aap PM bano,,,
Lekin kevl Hinduo ke nhi,,,UP or India ke,,,
Bs ek vinti he ki "Bharat ki Samajik or Dharmik Ekta" ko mt todo...
🙏🙏
Nivedan he ki sbko Shanti se rhne dijiye...
🙏🙏