मैं ये नहीं कहता कि मिरा सर न मिलेगा
लेकिन मिरी आँखों में तुझे डर न मिलेगा।
जाती है चली जाए ये मय-ख़ाने की रौनक़
कम-ज़र्फ़ों के हाथों में तो साग़र न मिलेगा।
~ वसीम बरेलवी
@yadavakhilesh आपसे हम सबको ऐसी उम्मीद नहीं थी जब मेरे पर फर्जी आरोप लगाकर जेल भेजा गया था तब के वीडियो भी मेरे पास हैं मैने आपको भी भेजा था तब आपका जवाब नहीं आया था।आपके के लिए हम सब नम्बर मात्र हैं पीड़ित तो दोनों तरफ के लोग हैं आपको दोनों तरफ बोलना चाहिए।