2021 में चंपत मंडली ने 'राम मंदिर निधि समर्पण' अभियान चलाया था, जिसके तहत भारत के आस्थावान हिंदुओं से मात्र 44 दिन में 2100 करोड़ का दान जुटा लिया था। फिर उसके बाद और उससे पहले का चंदा मिलाकर कुल 3500 करोड़ का अनुमानित चंदा ट्रस्ट के पास आया था।
अब तक मंदिर निर्माण का कुल खर्च 2000 करोड़ बताया गया है। मंदिर परिसर 107 एकड़ में फैला है, जिसमें से 70 एकड़ के करीब जमीन अनुदान में मिली है, मुख्य मंदिर परिसर लगभग 5 एकड़ में है। ज्यादा निर्माण कार्य इसी 5 एकड़ में हुआ है, बाकी कुछ और इमारतें भी बनी हैं, लेकिन कुल परिसर का 70% हिस्सा खाली है।
एक तुलना के लिए आप समझ लीजिए कि 2000 करोड़ की लागत से 50 किलोमीटर का 6 लेन का शानदार हाइवे बन जाता है, किसानों की जमीन अधिग्रहण का खर्च मिलाकर। मैं सिर्फ तुलना के लिए ये लिख रहा हूं, ये नहीं कह रहा कि मंदिर की जगह हाइवे बनना चाहिए। बल्कि मैं तो मानता हूं कि हर हाईवे पर 5 किलोमीटर बाद गडकरी का मंदिर बनना चाहिए।
मंदिर के लिए जो कुछ एकड़ जमीन अधिग्रहण की गई थी, उसकी लूट मार का बहुत चर्चा हुआ था, 8-15 गुणा दाम पर जमीन खरीदी गई थी। क्योंकि मोदी की भाषा में कहें तो चंपत को कौनसा नानी के घर से पैसा लाना था, हिंदुओं की नेक कमाई का फंड पड़ा था, लूटा डाला अपने खास खास लोगों पर। उसके बाद मंदिर निर्माण के ठेकों में क्या कुछ हुआ, ये सिर्फ अनुमान है और जाँच का विषय है।
बस कॉमन नोलेज ये कहती है कि अनुदान में मिली जमीन पर इतने से निर्माण का 2000 करोड़ खर्च होना थोड़ा अटपटा है। जो लोग चढ़ावे में इतनी लूटमार मचा सकते हैं, चंदे में उन्होंने क्या किया होगा, ये तो बस सोचा जा सकता है।
लेकिन अगर आपको संघ की चंपत मंडली पर दृढ़ विश्वास है तो दोनों हाथ ऊपर उठाइए और आंख बंद करके जोर से बोलिए....जय श्री राम 🙏🏼
TMC अध्यक्ष ममता बनर्जी की सीएम सुवेंद्र अधिकारी को दो टूक,,,,
“आप CM हैं। लेकिन भूलिए मत, पहले आप कांग्रेस के साथ थे। एक दशक से भी ज़्यादा समय टीएमसी के साथ थे, विधायक और मंत्री रहे।
इसलिए मेरे कार्यकर्ताओं पर अत्याचार करो, एक दिन यह आपको वापस लौट सकता है। याद रखना, इस क्रिया की प्रतिक्रिया होगी”
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"मुझे तो लगता था कि लोग खामेनेई से नफरत करते हैं"
◆ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में उमड़ रही लोगों की भीड़ पर डोनाल्ड ट्रंप ने कहा
@realDonaldTrump | #DonaldTrump | Ayatollah Ali Khamenei | Donald Trump
पश्चिम बंगाल अब बीजेपी की एक ऐसी लैबोरेट्री हैं जहां यह प्रयोग किया जा रहा है कि अगर किसी भी चुनाव में SIR फेल भी हो जाता है तो कैसे विपक्षियों का भयादोहन करके उन्हें ऐसा बना दिया जाए जिससे न तो वो दोबारा चुनाव लड़ सकें न चंदा इकट्ठा कर सकें और न तो किसी भी ज्यादती का विरोध कर सकें।
यह वीडियो बंगाल की हालीशहर नगरपालिका के अध्यक्ष के भाई से की गई मारपीट का है। उसे केवल इसलिए पीटा जा रहा है क्योंकि वह TMC का समर्थक है।
समूचे देश के बाद अब बंगाल में बीजेपी ने अपने गुंडों को फ्री हैंड दे दिया है। यह नाजी गैंग की तरह तृणमूल के लोगों को खोज खोज कर पीट रहे हैं। इरादा साफ है बिको नहीं तो पिटो
मैं चंपत राय जी को 86 साल से जानता हूँ, उनकी व्यक्तिगत ईमानदारी पर कोई सवाल नहीं उठाया जा सकता।
बिना गद्दी की साइकिल से चलते हैं, अपनी चटाई बगल में दबाकर रखते हैं, जहाँ रात हो जाती है वहीं बिछा लेते हैं। सरसों का तेल पसंद करते हैं, खाने में भी वही प्रयोग करते हैं। दो जोड़ी कपड़ा रखते हैं, कई बार तो उसकी भी जरूरत नहीं होती।
उनकी इसी सादगी और भोलेपन का फायदा उठाया है चढ़ावा चोरों ने। चंपत जी के विरुद्ध हो रहा दुष्प्रचार बंद होना चाहिए।
केसी वेणुगोपाल को केरल का सीएम बना कर भेज देते तो अच्छा रहता। क्योंकि तब सिर्फ़ केरल में काँग्रेस डूबती। AICC संगठन महासचिव के तौर पर वे कई राज्यों में काँग्रेस को डुबा चुके हैं और अब पंजाब में भी नहीं उठने देंगे : एक व्यथित कांग्रेसी
मोनू मूछड़ वैसे तो बिना मतलब जगह जगह घूमकर ज्ञान पेलता है, इतने बच्चे पैदा करो, ऐसे काम करो, वैसे रहो, वंदे मातरम बोलो।
लेकिन खुद की ज़िम्मेदारी के सवाल पर वंदे भारत से भी तेज भाग निकला
कल तक एक थाली में चार स्वयंसेवक खिचड़ी खाते थे, एक ही निक्कर को छह लोग बदल बदलकर पहनते थे, दस लोग एक ही खोली में चिपक चिपक कर सोते थे।
लेकिन आज 12-12 मंजिल के भव्य पाँच सितारा दफ्तर बन रहे हैं, महंगे लैपटॉप, कैमरा और टेलीप्रॉम्प्टर से भागवत और होसबले बयानबाजी करते हैं।
ये सब चढ़ावा कहाँ से आ रहा है? अयोध्या से जो लूटा गया है, उसका कितना हिस्सा यहाँ पहुंचा है? संघ इस सारी लूट पर पर्दा डालने की इतना बेचैन क्यों है?
इथेनॉल के ख़िलाफ़ लड़ाई में सबसे अच्छी बात ये है कि इसका कोई एक लीडर नहीं है। महानगरों से लेकर शहरों और क़स्बों तक के भुक्तभोगियों ने अपनी आवाज़ उठानी शुरु कर दी है। हम जैसे बहुत से अपनी आवाज़ के साथ साथ उन लोगों की आवाज़ को भी आवाज़ दे रहे हैं।
इस पर एक #उमासूक्ति
क्रांति नेताओं से नहीं होती है। क्रांति जनता ही करती है।
पत्रकार: ओम प्रकाश राजभर अखिलेश यादव जी को जन्म दिन की बधाई देने के साथ साथ उनको नसीहत भी दे रहे है।
प्रिया सरोज: यही नसीहत वो पहले अपने बेटे को देकर चुनाव जितवा ले जो 3 बार से लगातार चुनाव हर रहा है..😂😂
वो अपने आप को लाइम लाइट में बने रहने के लिए ऐसा बोल रहे है और आप लोग उनको इतना ज्यादा तवज्जो मत दीजिए..
हा सब फ़र्ज़ी कहानियाँ है, नहीं तो अंग्रेजो के आने से पहले बाल्मीकि, जाटव सब लोग इस अजीत भारती के फूफा और मौसा हुआ करते थे। वो तो अंग्रेजो ने झाड़ू हाथ में पकड़ा दी वरना तो गुरुकुल में सभी ब्राह्मण इन दलितों से ट्यूशन लिया करते थे।
पत्रकार:- धीरेन्द्र शास्त्री कहते है कि अगर हम पर्ची खोलेंगे तो कई नाम बेनकाब हो जाऐंगे
विनय कटियार:- ओ...हो...हो...धीरेन्द्र शास्त्री... हमारी बात कराओ फिर हम बताए...
पत्रकार:- हम कैसे बात करा सकते है
विनय कटियार:- अरे यार धीरेन्द्र शास्त्री को तुमने नाम दे दिया तो काहे धीरेन्द्र शास्त्री को लाए बीच मे चोर को सा$ले को 😳🤔
मालूम है धीरेन्द्र शास्त्री क्या है
पत्रकार:- नही बाबू जी
विनय कटियार:- तो फिर चोर आदमी का नाम क्यो लिए... 😳
Indian Billionaire Son Anant Ambani visits the world's famous Oncologist, Dr. Dheerendra Shastri from Bageshwar Dham. Dr. Dheerendra Shastri prescribes cow urine as a cure for cancer.
धीरू बोल रहा है कि राम मंदिर में चढ़ावे की लूट पर उसने मुँह खोला तो उसको निपटा दिया जायेगा।
धीरू समझदार है, धंधे को समझता है, आज अंबानी का बेटा और मुख्यमंत्री संतरी सब पैरों में पड़े हुए हैं। थोड़ी सी गड़बड़ हुई तो वापिस इस प्लास्टिक की कुर्सी पर आना पड़ सकता है।
काली चाय में पारले जी डुबोकर खाने वाले दिन वापिस नहीं देखना चाहता धीरू।
सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी,न्यूज़ चैनल और एक “लिबरल” वर्ग ले अनुसार देश की विपक्षी दल को कभी किसी मुद्दे पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। क्योंकि कभी भी “सही” वक़्त नहीं होता है ।
विपक्षी दलों का गठन तो लूडो खेलने के लिए हुआ है।
इथेनॉल बहस में कार कंपनियों की कोई आवाज़ नहीं है। उन्हें सामने आकर अपना पक्ष रखना चाहिए। उनके सर्विस स्टेशन में कारें आती होंगी। बाइक आती होगी। कुछ तो फीडबैक होगा। उन्हें पता होगा कि मंत्री सही बोल रहे हैं या नहीं। क्या उन्हें भी डर लग रहा है? इतनी बड़ी बड़ी कार कंपनियाँ हैं और चूँ तक नहीं ? डर इस देश का बुनियादी चरित्र हो गया है।
अगर आप एथेनॉल वाला पेट्रोल नहीं लेना चाहते तो आप Speed पेट्रोल ले सकते हैं, लेकिन वो आपको 170 रुपए का मिलेगा.
कांग्रेस की सरकार में ये 80 रुपए में मिलता था.