मुझे अच्छी नहीं लगती है आदत जी हुजूरी की
किसी के सामने सर झुक जाए अच्छा नहीं लगता ☺️
सियासी रहबरों का दुश्मनों का और दुनिया का
बहादुर कौम की आँखों में डर अच्छा नहीं लगता....❤️
जिसने समंदर देने का वादा किया हो, अगर वहीं, बूंद-बूंद के लिए तरसता छोड़ दे...
तो मलाल तो रहेगा ना 'माधव'...!😓
क्योंकि दर्द अधूरे प्रेम का नहीं,
टूटे हुए विश्वास का ज़्यादा होता है।😥😥☹️