यह बच्चा रुकने का नाम नहीं ले रहा।
लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम के लिए यह किसी बुरे सपने से कम नहीं बनता जा रहा है।
जो तथ्य यह सामने रख रहा है, उन्हें बहुत से लोग पचा नहीं पाएंगे।
ईश्वर इसे और शक्ति दे।🔥
मैं देख रहा हूँ कि कुछ #मुसलमान एक-दूसरे को “#Muharram की बधाई” दे रहे हैं।
680 ईस्वी में इराक के कर्बला के मैदान में एक जालिम #मुस्लिम बादशाह यजीद ने एक #मुस्लिम इमाम हुसैन और उनके 72 #मुस्लिम बच्चे और #मुस्लिम महिलाओं को रेगिस्तान में पा���ी-खाना बंद कर के भूखे-प्यासे मार डाला।
#मुस्लिम इमाम हुसैन के परिवार की बची हुई #मुस्लिम महिलाओं और बच्चों को बंदी बना लिया।
तो मोहर्रम एक #मुस्लिम द्वारा दूसरे #मुस्लिम को मारे जाने, #मुस्लिम महिलाओं और बच्चों के मारे जाने के लिए मनाया जाता है।
तो प्लीज़ प्लीज प्लीज़ #मुस्लिम ख़ुशी ना मनाये ग़म मनाये।
@DelhiPolice Sir, you should take action against the wrong things that Nazia Elahi Khan has said about our prophet Muhammad and she should be arrested as soon as possible. Nazia Elahi Khan always speaks about our prophet Muhammad. She keeps saying wrong things, sir, take action
सोशल मीडिया पे एक कंपेन चल रहा है... कैम्पेन चलाने वाले मुस्लिम हैं...
जिसमे वो पूछ रहे हैं क्या कभी किसी के साथ मदरसे या मस्जिद में किसी मौलवी या मौलाना ने कुछ गलत किया है..
रिप्लाई में बहुत सारे मुस्लिम लड़के और लड़कियाँ अपनी भयभीत कर देने वाली घटनाएं बता रहे हैं कि उन्होंने बचपन मे क्या क्या झेला...
सरकार को इस कंपेन को गंभीरता से लेना चाहिए और उनकी बातें सुनी जानी चाहिए... ये बहुत ही भयानक है.. कई लड़कियां बता रही हैं वो अभी तक उन घटनाओं से उभर नही पाई हैं और मर्दो से डर लगता है..!
1 दिन बिना पोर्न = कम तनाव
7 दिन बिना पोर्न = आत्मविश्वास
21 दिन बिना पोर्न = खुशी
30 दिन बिना पोर्न = उत्पादकता
4 महीने बिना पोर्न = लक्ष्यों को हासिल करना
1 साल बिना पोर्न = सपनों का सच होना
मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते अमेरिका ने दो देशों के राष्ट्र प्रमुख की हत्या किया
एक कर्नल गद्दाफ़ी जो लीबिया के राष्ट्रपति थे दूसरा सद्दाम हुसैन जो इराक के राष्ट्रपति थे
दोनों देशों से भारत के अच्छे संबंध थे दोनों देशों ने कभी भी भारत के आंतरिक मामलों पर या कश्मीर पर कभी कोई बयान बाजी नहीं दिया
दोनों देशों ने ऑर्गेनाइजेशन आफ इस्लामिक कंट्रीज की बैठक में जब-जब कश्मीर का मुद्दा पाकिस्तान लेकर गया उन्होंने वोटिंग से वॉकआउट किया
और पूरी दुनिया यह मानती है कि इन दो���ों देशों पर अमेरिका का ह���ला एक फालतू हमला था इन दोनों देशों ने कोई ऐसी गलती नहीं की थी जिसकी वजह से इन दोनों देशों को बमबारी करके बर्बाद कर दिया जाए
उसके बावजूद इन दोनों देशों के राष्ट्र प्रमुख की हत्या पर उस वक्त भारत की कांग्रेस सरकार यानी मनमोहन सरकार ने एक लाइन का बयान तक नहीं दिया था
और आज कांग्रेसी कुत्ते चाह रहे हैं कि मोदी जी देसी कट्टा लेकर खुमनई के मौत का बदला लेने तुरंत ईरान चले जाएं
किधर है मेरा जूता
सह अस्तित्व को यानी को एक्जिस्टेंस को समझना सबसे जरूरी है
अगर कोई देश या अगर कोई शासक किसी दूसरे देश के अस्तित्व को ही नकार दें तो यह उसके लिए जरूर खतरनाक होगा
खूमनई इजरायल के अस्तित्व को कभी स्वीकार नहीं करता था
अरे भाई इजरायल के लोगों क��� भी जीने का अधिकार है इजराइल भी एक मान्यता प्राप्त संप्रभु देश है
तुम भी शांति से रहो इसराइल को भी शांति से रहने दो तुम अपनी देश की तरक्की के लिए काम करो
लेकिन खूमनई ने इसराइल को खत्म करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा दिया
एक तरफ हिज्बुल्लाह एक तरफ हमास एक तरफ हुती ऐसे 20 से ज्यादा प्रोक्सी तैयार किया और अपने सभी प्रॉक्सियों को रॉकेट रॉकेट लांचर मिसाइल ड्रोन दिए
और अपने प्रॉक्सियों के द्वारा हमेशा इसराइल पर हमले करवाता था
इसराइल तो कोई ��नमोहन सिंह है नहीं की 10 साल पाकिस्तान 300 से ज्यादा छोटे बड़े आतंकी हमले भारत पर किया और मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान पर एक बम तो छोड़ो एक माचिस वाला पटाखा भी नहीं गिराया
और खूमनई हमेशा एक बात कहता था कि मैं चाहता हूं इस धरती पर एक भी यहूदी ना रहे उसने संविधान में संशोधन करके यहूदियों को शैतान घोषित कर दिया था
जियो और जीने दो यही एकमात्र सिद्धांत है जिसे सबको मारना पड़ेगा वरना बर्बादी तय है