@Kriti_verma_ The DC should be booked for obstructing operations in Counter terrorist environment! The Army has not gone there for a picnic! They are there for reasons of security ordered so by the Govt of India. A DC's movement is not so important
कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी को स्वयं भी त्यागपत्र दे देना चाहिए। चोरी तो कोष से हुई है। कोषाध्यक्ष पहले स्वयं त्यागपत्र देने की जगह दूसरों के त्यागपत्र ले रहा है। ऊपर से बिना हस्ताक्षर के पत्र जारी कर रहा है। इस ट्रस्ट में कुछ भी नियमों के अनुसार होता ही नहीं है क्या?
मुझे इंतज़ार रहेगा @cleanganganmcg के IT सेल का की कितनी जल्दी वो गंगा में उतर के उसे साफ करेंगे।
@Kanpurploggers के इतने प्रयासों के बाद भी अगर गंगा आज तक मैली हैं तो विफलता सिर्फ प्रशासन और नमामि गंगे की है।
नमामि गंगे ❌ नाकामी गंगे ✅
@khurpenchh@gemsofbabus_
राम नाम की लूट है लूट सके तो लूट,भजन वही है,पर मतलब बदल गया क्यूंकि आज राम मंदिर ट्रस्ट क्षत्रिय विहीन है, उन सभी लोगों को शर्म आनी चाहिए जो राम मंदिर व्यवस्था से जुड़े थे,सरकार एस आई टी रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करे , यह राम भक्तों का अधिकार है
मुख्यमंत्री के परिवार का रियल एस्टेट के कारोबार में होना और उनकी ही सरकार के निर्णयों के तारों का उससे जुड़ना , एक गंभीर नैतिक संकट है ---- मोहन यादव लगातार भाजपा के लिए मुश्किलें पैदा करने वाले मुख्यमंत्री बन गए हैं -------
BJP में घुसना और पद पाना मुश्किल है। लेकिन बस एक बार एंट्री हो जाए, तो फ्यूचर सिक्योरिटी पूरी है। सात पुश्तें तर जाएंगी।
मेरे मोहना सुन, ज़मीन की धुन... !!! #MohanYadav#MadhyaPradeshNews
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में धार्मिक नगरी उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव के रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने का बड़ा खुलासा किया गया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि उज्जैन मास्टर प्लान और सिंहस्थ मेला 2028 को लेकर प्रस्तावित इंफ्रास्ट्रक्चर, खासकर सड़कों के आसपास, मुख्यमंत्री के परिवार के सदस्यों द्वारा बड़ी मात्रा में जमीन खरीदी गई।
मास्टर प्लान के तहत कृषि भूमि को व्यावसायिक या आवासीय भूमि में बदला जा रहा है। खुलासा यह है कि मास्टर प्लान के सार्वजनिक होने से पहले ही परिवार ने उन स्थानों पर जमीन खरीदी, जिन्हें आगे चलकर व्यावसायिक या आवासीय उपयोग के लिए परिवर्तित किया जाना था।
रिपोर्ट बहुत विस्तार से इस पूरे मामले की पड़ताल करती है। रिपोर्ट को देखकर या सुनकर आसानी से इस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है कि यह सब महज संयोग नहीं है।
उज्जैन को विकसित करने के मास्टर प्लान के समानांतर मोहन यादव का परिवार भी विकसित होता दिखाई दे रहा है।
देखना होगा कि इतने बड़े आरोपों के बाद भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की क्या प्रतिक्रिया होती है।
हमारी तो पीढ़ियाँ खप गई मंदिर की रक्षार्थ और इन्होंने दान दिया हुआ धन खाने में 1 साल भी नहीं लगाया।
यही तो हिंदू धर्म की सुंदरता हैं।
धर्म के लिए मरे कोई और दान का काल खाये कोई…😎
लखनऊ जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएँ भविष्य में ना हों इसके लिए जरुरी है की प्राथमिक विद्यालय से कॉलेज तक हर बच्चे को तथा देश के हर नागरिक को अग्निकांड, भूकंप तथा अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में बचाव एवं सुरक्षित निकासी का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से दिया जाए।
ॐ शांति। 🙏
शायद कानपुर वर्तमान भारत का एक ऐसा शहर है....जो 10 विधायक, 3 MLC, 2 सांसद, उत्तर प्रदेश का विधानसभा अध्यक्ष देने के बाद भी अनाथ महसूस कर रहा है क्यूंकि ये सभी अपने शहर के विकास के लिए कुछ नहीं करना चाहते बस अपने कुल और स्वयं के विकास के लिए काम कर रहे है...
और मेरे जैसी कानपुर की मूर्ख जनता सोये हुए लोगो को जगाने मे भी असमर्थ है क्यूंकि लोग नेता जी के ग़ुलाम हो चुके है सिर्फ बटन दबा कर क्रांति चाहते है न मीटिंग मे आना चाहते है न ही ग्राउंड पर कुछ सहयोग करना चाहते....
अभी रैली मे धूल फाकने चले जाएंगे 🙃
कुछ नहीं हो सकता इस शहर का सब मुर्दा हो चुके है....
योगी आदित्यनाथ जी को अयोध्या श्री राम मंदिर का सम्पूर्ण प्रबंधन अपने हाथ में ले लेना चाहिए, संदेहास्पद लोगों को बाहर कर क्षत्रिय वंश से नए ट्रस्टी जोड़े जाएं तथा तत्काल चोरों की सम्पति सार्वजनिक कर उस पर बुलडोज़र एक्शन हो
@MYogiAdityanath
पुलिसिया गोली ऐसे ही नरपिशाचों के लिए बनी हैं!!!
संतकबीर नगर में थप्पड़ का बदला लेने के लिए आनंद की बीच बाजार चौराहे पर तलवार से गला काटकर हत्या कर दी गई। पांच दिन पहले एक शादी समारोह में हत्यारोपी नासिर ने युवक के परिवार की बेटी से छेड़छाड़ की थी। इसका विरोध करते हुए उसे थप्पड़ जड़ दिया गया था। गुरुवार देर रात जिला मुख्यालय से 28 किलोमीटर दूर बखिरा थाना क्षेत्र में आनंद घर लौट रहा था। तभी नासिर ने चार गुर्गों संग मिलकर उसकी गर्दन तलवार से काट डाली। इस नृशंस हत्याकांड से क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश है।
चंपत राय और नृपेंद्र मिश्र के बिना राम मंदिर का निर्माण ना हो पाता ठीक वैसी ही बात है जैसे कि कांग्रेसी कहते हैं कि राजीव गांधी ना होते तो भारत में कंम्पयूटर ना आता।
कानपुर पुलिस ने मेडिकल साइंस को चुनौती देकर 'साबित' किया था कि किडनी बदलना 'पंक्चर लगाने' जैसा ही काम है। मानव स्वास्थ्य और गलत धंधा महत्वपूर्ण नहीं है। कलिकाल में महत्व रुपये का है, इसलिए किडनी रैकेट की जांच #ED करेगा। #Kanpur#Kidney#Health
सबने मिलकर चम्पत राय बंसल को बलि का बकरा बनाने की ठान ली है और इसके लिए लोगों को महौल बनाने के काम पर लगा दिया गया है।
कोई ये बताए कि VHP के अनिल मिश्रा ने अरबों की संपत्ति कैसे खड़ी की? सर्वोच्च अधिकारी होकर भी नृपेंद्र मिश्रा के नाक के नीचे ये सब कैसे होता रहा? गोविंद गिरी के कोषाध्यक्ष होते हुए सैकड़ों करोड़ कैसे गायब हो गये?
ट्रस्ट में इतने साधु संतों और मठाधीशों के रहते भ्रष्टाचार का ये खेल वर्षों से कैसे चलता रहा?
चंपत राय बंसल (बनिया), नृपेन्द्र मिश्रा और बाकी सभी ट्रस्टियों के परिवार, रिश्तेदारों के बैक अकाउंट, प्रापर्टी का ब्यौरा निकाला जाय सब दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
खादी का कुर्ता और गरीब बनकर बहुत लोगों ने देश की जनता के भावनाओं से खेला है।
एक अलग लाइन बनाकर कानपुर और लखनऊ मेट्रो को एकसाथ जोड़ देना चाहिए , लगभग अगर कानपुर के बड़ा चौराहा स्टेशन से लखनऊ का जो सबसे नजदीकी स्टेशन पड़े उसको को कनेंक्ट कर देना चाहिए