जंतर मंतर पर धरना दे रहे छात्रों के लिए लोगों ने बिसलेरी के पानी के कई बंडल भेजे थे
तभी एक RAF का जवान उनमें से एक बंडल उठाकर अपने कैंप की तरफ चल पड़ता है
यह देखकर एक छात्र ने उसे आवाज़ दी और कहा सर, हमारा ही पानी ले जाकर पी रहे हो
फिर हमें ही पीटते हो, शर्म नही...Read news
शिक्षा विभाग के दो अफसरों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगने के बाद ऑस्ट्रेलियाई शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने दिया इस्तीफा
ऑस्ट्रेलिया के ऑस्ट्रेलियन कैपिटल टेरिटरी (ACT) की शिक्षा मंत्री यवेट बेरी ने अपने विभाग में भ्रष्टाचार के मामले के बाद मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।
जांच में पाया गया कि उनके विभाग के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने एक सरकारी स्कूल के पुनर्विकास से जुड़े ठेके में अनुचित हस्तक्षेप किया और एक विशेष संगठन को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया। हालांकि, जांच आयोग ने स्पष्ट किया कि यवेट बेरी स्वयं किसी भी भ्रष्टाचार में शामिल नहीं थीं।
इसके बावजूद उन्होंने मंत्रिस्तरीय जवाबदेही के सिद्धांत का पालन करते हुए इस्तीफा दिया। उनका कहना था कि विभाग में हुई गंभीर प्रशासनिक चूक की नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी मंत्री के रूप में उनकी भी है। वे विधायक के रूप में अपना कार्य जारी रखेंगी।
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"भारत का संविधान केवल वकीलों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि यह जीवन जीने का एक माध्यम है"।
- डॉ भीमराव अंबेडकर जी
जयभीम 💙 🙏🏻
नमो बुद्धाय 💐🙏🏻
@BairwaDeepak93@AnujKumarMM1@asar_1986 @AmbedakarSona33
गुजरात में चल रही कांग्रेस की जन आक्रोश यात्राओं के दौरान लोगों ने, खासकर महिलाओं ने, बार-बार कहा है कि राज्य में बढ़ते नशे, अवैध शराब और अपराध ने उनके जीवन में असुरक्षा को गहरा दिया है।
गुजरात महात्मा गांधी और सरदार पटेल की वह धरती है, जहां सत्य, नैतिकता और न्याय की परंपरा रही है, मगर पिछले कुछ सालों से प्रदेश के युवाओं का भविष्य ड्रग्स और अपराध की अंधेरी दुनिया की ओर धकेला जा रहा है।
महिलाएं बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर रही हैं, क्योंकि अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिल रहा है और उन्हें सिर्फ़ उपेक्षा मिल रही है।
गुजरात पूछ रहा है - BJP सरकार चुप क्यों है? वह कौन BJP मंत्री है जिसके संरक्षण में यह सब चल रहा है? गुजरात के गद्दारों को क्यों बचाया जा रहा है?
एक और बड़ा मुद्दा जो यात्रा के दौरान हर बैठक में सामने आया, वह किसानों का है। हाल की भीषण बाढ़ ने हजारों गुजराती परिवारों को तबाह कर दिया और किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो राहत पैकेज की बातों की रट रुकती नहीं थी।
आज गुजरात डूबा है, डबल इंजन सरकार है, वे प्रधानमंत्री हैं, और न पर्याप्त राहत दिख रही है, न संवेदना।
गुजरात में भयानक जनाक्रोश है - हर परिवार अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है। हर परिवार पूछ रहा है - किसानों का कर्ज़ माफ़ क्यों नहीं किया, ड्रग्स का कारोबार साफ़ क्यों नहीं किया?
कांग्रेस जनता की बात सुनती रहेगी और BJP सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार को लगातार उजागर करती रहेगी।