बाल काटना नाई का धर्म नहीं धंधा है, चमड़े की सिलाई करना मोची का धर्म नहीं धंधा है, इसी तरह पूजा पाठ करना करवाना ब्राह्मण का धर्म नहीं धंधा है.' - महात्मा जोतीराव फुले.
इस लिए पूजा पाठ करना और करवाने के धंधे को कोई भी कर सकता है। - महात्मा मुकेश मोहन।
दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री @gupta_rekha@CMODelhi@BJP4Delhi जी से निवेदन है कि एक बार अपने मातहत आने वाले अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करें आपने 5 दिन पहले पैसे भेजे जाने की घोषणा मीडिया के माध्यम से कर दी थी पर आपके अधिकारियों ने निगम को पैसा ना भेजकर यह घोषणा शून्य कर दी।
आज दिल्ली में व्यापार बंद। तस्वीरें सदर बाजार की हैं, जहां रोजाना सुबह हजारों की संख्या में पटरी लगती हैं, पैर रखने की जगह तक नहीं होती।#PahalgamTerroristAttack के खिलाफ पटरी और रेहड़ी वालों ने भी काम बंद रखा। Via @SurajSolanki
@epanchjanya सरकारे कब से नफे नुकसान पर decision लेने लगीं। CAG को सिर्फ non-bjp सरकार के निर्णयों में नुकसान दिखता है।
CAG ने कभी बताया कि 5 लाख करोड़ टैक्स के रूपयोंसे एक एयरपोर्ट बनाकर लगभग फ्रीमें 50 साल अडानी को कमाने के लिए देने में भारत का नुकसान होता है?
सभी बड़े Airport अडानी को दिये
@epanchjanya २०१४ के बाद CAG जिंदा भी है?
सिर्फ विपक्ष शशित क्यूँ? सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार की रिपोर्ट हर साल क्यूँ नहीं आती?
ये संस्थान काम नहीं कर रहा तो इसे बंद कर दो! जनता के टैक्स का पैसा बचेगा!
पिछले १० साल में केंद्र की CAG रिपोर्ट क्यूँ नहीं आई?
White Paper लाया जाए!
@epanchjanya 225 लाख करोड़ का कर्ज देश पर कैसे हो गया?
नोटबंदी क्यों की गई? 2% GDP, लाखों MSME क्यूँ बंद हुए, गुजरात के धन्ना सेठों का 16 लाख करोड़ क्यूँ माफ किया? २ लाख करोड़ से ज्यादा पैसा बैंकों का लूट कर कैसे भाग गये! देश के सरकारी संस्थान क्यूँ बेचे गए?
इन पर CAG की रिपोर्ट कहाँ है?
“पिछली सरकार ने दिल्ली का ख़ज़ाना ख़ाली कर दिया”- रेखा गुप्ता, दिल्ली की नई मुख्यमंत्री
ये कहकर रेखा जी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी पर उँगली उठा रही हैं!
दरअसल “यूनियन टेरिटरी” होने की वजह से दिल्ली का बजट हर साल केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अप्रूवल के बाद ही विधानसभा में पेश होता है।
अमित शाह जी देश के गृह मंत्री हैं।
अगर रेखा जी की बात सच है तो अमित शाह जी कैसे हर साल दिल्ली का बजट अप्रूव कर रहे थे?
क्या अमित शाह जी, ये जानते हुए कि दिल्ली का ख़ज़ाना आप सरकार ख़ाली कर रही है, फिर भी साल दर साल अप्रूवल देते रहे?
आख़िर अमित शाह जी ने अपनी आँख के सामने दिल्ली का ख़ज़ाना क्यों ख़ाली होने दिया? रेखा जी को उनसे पूछना चाहिए।
वैसे जिस ख़ज़ाने को खाली होते हुए अमित शाह जी पाँच साल में कभी नहीं देख पाए, अमित शाह जी का विभाग दस सालों में नहीं जान पाया, वो रेखा जी नें मात्र चार दिनों में पकड़ लिया। कमाल है न?
दरअसल रेखा जी को वित्त विभाग के बाबू घुमा रहे हैं, और वो घूम रही हैं। “ख़ज़ाना ख़ाली” होने वाला आईडिया बाबूओं का ही होगा।
पिछले कुछ सालों में जिस तरह बीजेपी नें आप सरकार के काम रोकने के लिए बाबूओं का दुरुपयोग किया, ये उसी कार्यशैली का नतीज़ा है।
देखना ये है कि जिन बाबुओं को अब तक काम न करने के लिए “रिवॉर्ड” किया जाता रहा है, वो रेखा जी से और क्या क्या करवाते हैं...
दिल्ली नगर निगम के हजारों शिक्षकों, डॉक्टर्स और नर्सों को 2 महीने से सैलरी नहीं मिली है। अरविंद केजरीवाल जी ने इनके साथ वादा खिलाफी करी है। लोगों के घर बच्चे भूखे सो रहे हैं।
@ArvindKejriwal तुरंत सभी MCD कर्मचारियों की सैलरी दिलवाओ वरना आपके घर पर इन सब कर्मचारियों के साथ आऊँगी।