@MithileshJMM@HemantSorenJMM@JharkhandCMO पेयजल विभाग संबंधित SBM-G कर्मी को हटाकर उनकी जगह में नई नियुक्ति करना कहां तक न्याय संगत, रिक्त पद भी कम कर देना, अब सभी रोड पर आ गए हैं उनके जीविका और कैसे चलेगी, रोजगार का वादा करके आयी सरकार रोजगार से हटा रहे हैं। स्कूल में जरा संज्ञान ले लिया महोदय।।
@INDIANI46893648@MithileshJMM@DC_Chaibasa@HemantSorenJMM@JharkhandCMO@deepakbiruacbsa पेयजल विभाग संबंधित SBM-G कर्मी को हटाकर उनकी जगह में नई नियुक्ति करना कहां तक न्याय संगत, रिक्त पद भी कम कर देना, अब सभी रोड पर आ गए हैं उनके जीविका और कैसे चलेगी, रोजगार का वादा करके आयी सरकार रोजगार से हटा रहे हैं। स्कूल में जरा संज्ञान ले लिया महोदय।।
कार्यरत कर्मी को हटा कर नई नियुक्ति प्रक्रिया अपनाते हुए सभी कर्मियों को बेरोजगार कर आपने भी सामाजिक न्याय का नया मिशाल कायम किये है।
@HemantSorenJMM@JharkhandCMO
अनुबंध कर्मियों को हटाकर पुन: अनुबंध कर्मियों की नियुक्ति में कानूनी अड़चनें क्या है देख लीजिए मंत्री महोदय @MithileshJMM@HemantSorenJMM आप के सलाहकार हमेशा गला घोटने वाला सलाह आपको दे रहा है कार्यरत कर्मी को हटाकर उनके जगह में नियुक्ति करना मानवीय संवेदनाओं का हत्या है।
बिल्कुल सही कहा आपने आदरणीय जननायक जिंदा होते तो शायद आज एसबीएमजी कर्मियों को हटाकर पुनः उनकी जगह में नई नियुक्ति नहीं अपनाते।
आप कौन सी सामाजिक न्याय के पुरोधा की उदाहरण पेश कर रहे हैं।
कार्यरत कर्मी को हटाकर उनके ही जगह में नई नियुक्ति प्रक्रिया अपनाना कौन सा सामाजिक न्याय है।
सामाजिक न्याय के पुरोधा जननायक ठाकुर जी आज जिंदा होते तो शायद कार्यरत कर्मी को हटाकर उनकी जगह में नई नियुक्ति प्रक्रिया नहीं होने देते । आज सब लोग उनके रास्ते पर चलने के लिए अपने आप को आगे कर रहे हैं लेकिन उनके सिद्धांतों को मानने के लिए तैयार नहीं।
करनी और कथनी में अंतर है