The minority Ashraf of Arbi/Irani/Turkic (15%), who were oppressing & suppressing native Indian Pasmanda Muslims(85%) are deeply disturbed by @BJP4India outreach to them.
Pasmanda are used as storm troopers & cannon fodder by racist Ashrafs.
https://t.co/i3bW3FcydH
#Ashraaf_Charitra
for publishing some articles related to the Pasmanda Andolan
raising the issue of social justice in Muslim society, @ShekharGupta Sir, who is considered to be India's famous secular liberal, and his portal @ThePrintIndia are laballed as sanghi by Ashraafs
पसमांदा समाज को यह बात समझना होगा कि वो तब तक ढंग से नहीं उठ खड़ा हो सकता है जब तक उसको उसके मजहबी पहचान से इतर उसकी सामाजिक पहचान स्पष्ट ना हो, जैसे इस देश के अन्य वंचित समाजों की है.
@iChowk_ और @DeveshTripathii का बहुत आभार 🙏
https://t.co/lj1G1t7fSB
पांच मुसलमान मंत्री बनाये गये है। एक अल्पसंख्यक विभाग छोड़ दिया जाये तो एक भी ऐसा मंत्रालय नहीं है जिससे आम मुसलमानों को फ़ायदा होने वाला है।
@NitishKumar@yadavtejashwi
सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमले को कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। हमारा विश्वास है कि किसी भी प्रकरण में उस व्यक्ति का विरोध संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। हिंसा के जरिए अपने फैसले सुनाना लोकतंत्र और समाज के किए बहुत घातक है।
@FayazAhmadFyzie
A low caste Muslim finds it easy to get admission to the Benaras Hindu University (BHU) but not in the Aligarh Muslim University (AMU)
Thnx @rahulkumarindia & @india_narrative
https://t.co/cOfQi84PQS via @india_narrative
कैसे अशराफ उलेमा पैगंबर के आखिरी भाषण में भ्रम की स्थिति का इस्तेमाल जातिवाद फैलाने के लिए कर रहे
अपने कॉलम #IslamDivided में फैयाज अहमद फैजी @FayazAhmadFyzie लिखते हैं
#ThePrintOpinion
https://t.co/cX9ZMnqgjg
How Ashraaf Ulema use confusion about Prophet’s last speech to push casteism in Islam
@FayazAhmadFyzie, columnist, social worker, and physician, writes in the series #IslamDivided#ThePrintOpinion
https://t.co/s9bLizeEEy
पसमांदा विरोधी मौलाना आजाद की असलियत जानिये। जनाब डॉ. फैयाज अहमद फैजी साहब ने इस अशराफ की चालबाजी और धूर्तता से नकाब उतार दिया है। अशराफ मौलाना अबुल कलाम आजाद का रुख हमेशा पसमांदा विरोधी रहा और मंत्री रहते हमेशा पसमांदा हित के खिलाफ रहे।
@FayazAhmadFyzie@DesajPasmanda@AIPMMReg
आज भी क्यों प्रासंगिक है आसिम बिहारी की विचारधार (द्विराष्ट्र सिद्धांत एवं मुस्लिम साम्प्रदायिकता का विरोध और मुस्लिम समाज में सामाजिक न्याय की स्थापना) का पुनः जागरण
बिहारी जी के घर से....
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मुहम्मद(स) के शान में गुस्ताखी सबसे अधिक सैय्यदो ने किया है...
लेकिन इनके लिए सर तन से जुदा की सजा नहीं है
इस्लामी फिक्ह के अनुसार सैय्यद को मृत्यु दण्ड नहीं दिया जा सकता
तुगलक ने मृत्यु दण्ड दिया इस कारण उसे पागल घोषित कर दिया गया
एक उदाहरण देखें
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#अशराफ_चरित्र को प्रदर्शित करता मुनव्वर राना का यह शेअर
मोहर्रम में हमारा लखनऊ ईरान लगता था
मदद मौला हुसैनाबाद रोता छोड़ आए हैं
"मुहाजिर नाम" अशराफ द्वारा भारतीय धरती के छोड़ जाने का जज्बाती रूदन काव्य है जिसका देशज पसमांदा के दुःख दर्द से कोई लेना देना नही है
पसमांदा दलित* को एससी आरक्षण से बाहर करवाने में मौलाना आजाद के नेतृत्व में अशराफ वर्ग के खेल को जानने के लिए यह लेख अवश्य पढ़ें
*इन्हें मण्डल कमीशन लागू होने के बाद से अब ओबीसी का आरक्षण प्राप्त है
क्या पसमांदा मुस्लिम विरोधी थे मौलाना आजाद
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