सैकड़ों वैज्ञानिक ISRO छोड़ रहे हैं। एक वैज्ञानिक छात्रों के लिए अनशन पर हैं। मगर महामानव और उनकी अनपढ़ मंडली को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता!
इनकी सृजित तबाही का असर आने वाली पीढ़ियों और देश के भविष्य पर पड़ेगा।
पवन खेड़ा ने सोनम वांगचुक से मुलाक़ात के बाद जंतर -मंतर पर जो बयान दिया है , उससे साफ़ है कि कांग्रेस 20 जुलाई के संसद मार्च कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेगी . खेड़ा का कहना था कि हम सोनम की सेहत को लेकर चिंतित हैं और इस संवेदनहीन सरकार से किसी तरह की अपेक्षा रखना बेमानी है .
अगले दो दिन में अगर कुछ फैसला हो जाए तो अलग बात है .
सोनम वांगचुक का एक छोटा सा क्लिप शेयर करके संतरे उन्हें देशद्रोही साबित करने की कोशिश कर रहे हैं।
ये सुनिए पूरा वीडियो - सोनम किसी कॉमेडियन का ब्यान बोल कर सुना रहे थे उस वीडियो में।
संतरे पूरी ताकत लगाकर 2 रूपल्ली के भाड़े के ट्वीट कराते हैं और 5 मिनट में उनके झूठ का पर्दाफाश हो जाता है।
संतरे आज कल दुख में जी रहे हैं।
सोनम वांगचुक जैसे इंसान का इस देश के लिए जिंदा रहना बहुत जरूरी है, आंदोलन का समर्थन करना न करना अलग बात है लेकिन सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल खत्म हो ये सभी को सोचना होगा।
ABP न्यूज की पत्रकार रोमाना इसार खान ने पहली बार सोनम वंगचूक का खुलकर समर्थन किया , ये पहली बार है जब किसी पत्रकार ने निडर होकर सोनम वंगचूक की उपलब्धियां गिनाते हुए समर्थन किया ,
" क्या सोनम वंगचूक को हम सभी ने मरने के लिये छोड़ दिया है , हम और आप अगर सोनम वंगचूक पर पर मौन है तो तो क्या हम भी इस अपराध में भागीदार बन जायेंगे " ?
भाजपा के तार तो लश्कर-ए-तैयबा से भी जुड़े मिले हैं!
भाजपा का एक पदाधिकारी पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में रह कर देश विरोधी गतिविधियां कर रहा था। और बिना डरे हमारे ही देश में हमारे ही लोगों की हत्या और बम ब्लास्ट कर रहा था और क्योंकि इसे भाजपा की शय थी जिसकी वजह से ये बिना डरे देश के खिलाफ काम कर रहा था।
यही है भाजपा की असली सच्चाई।
ख़बर है कि 120 से ज़्यादा वैज्ञानिकों ने इसरो छोड़ दिया। विज्ञान के दूसरे अनुसंधानों में क्या हो रहा है, इसकी तो किसी को जानकारी ही नहीं है; कितने वैज्ञानिकों ने छोड़ दिए, नहीं मालूम। यह सरकार वैज्ञानिक रिसर्च को तबाह कर रही है और इसका असर आने वाली नस्लों पर बहुत गहरा पड़ेगा, देश के भविष्य पर पड़ेगा।
इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं है. वैज्ञानिक की हैसियत से विपक्ष से मेरी अपील है कि वह देश के वैज्ञानिक संस्थानों और विज्ञान को बचाने के लिए जनता को जागरूक करे।