टूटे हुए सपने की सुने कौन सिसकी
अंतर को चीर व्यथा पलकों पर ठिठकी
हार नहीं मानूंगा
रार नहीं ठानूंगा
काल के कपाल पर लिखता-मिटाता हूं
गीत नया गाता हूं ।
~ अटल बिहारी वाजपेयी
प्रभु के श्रीकमलचरणों के चिंतन का सबसे पहले विधान है । संत प्रभु विग्रह का दर्शन करते वक्त प्रभु के श्रीकमलचरणों का दर्शन सर्वप्रथम प्रभु विग्रह में करते हैं ।
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#ॐ_श्री_गणेशाय_नमः ||🙏🪔 #ॐ_गं_गणपतये_नमः ||🙏💐🚩
#जय_श्री_गणेश 🙏
सृष्टि में सर्वत्र एक ही ब्रह्म या परम सत्ता विस्तृत है। प्रकृति के सभी तत्व, चाहे वो आकाश, धरा, अग्नि, जल, वायु हो, या फिर पेड़-पौधे, पशु-पक्षी और मनुष्य , सभी उसी ब्रह्म के विभिन्न रूप हैं। इस दृष्टिकोण से, समष्टि (संपूर्ण सृष्टि) के साथ एकात्मता और सह-अस्तित्व का भाव रखना ही जीवन का ध्येय होना चाहिए, क्योंकि हम सभी उस एक ही ब्रह्म का अंश हैं।
इस सिद्धांत से यह भी प्रेरणा मिलती है कि हम प्रकृति और अपने आस-पास के सभी जीवों के साथ सम्मान और सौहार्द्रपूर्ण व्यवहार करें, क्योंकि वे भी उसी परमात्मा का अंश हैं।
Everywhere the same Brahman is pervasive and all the components of nature like sky, earth, fire, water, air, river, mountains, vegetation and all living beings are also extensions of that one Supreme Being. Therefore, have a sense of unity and co-existence with the community.
#AvdheshanandG_Quotes
#शारदीय_नवरात्र