ज्ञानेश गुप्ता की वोट चोरी पर भाजपा कल से दो प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर चुकी है, लेकिन चुनाव आयोग एक बार भी सामने नहीं आया। सोचिये मामला इतना संगीन है कि डीलर ने हाथ खड़े कर दिए हैं और क्लाइंट को डायरेक्ट आना पड़ रहा है ।
ज्ञानेश डर रहा होगा कि कहीं बीजेपी खुद को बचाने के लिए उसकी बलि न ले ले।
बीजेपी डर रही होगी कि कहीं ज्ञानेश खुद को बचाने के लिए मुँह न खोल दे।
और भक्त डर रहे होंगे कि कहीं मोदी जी को महामानव मानने की उनकी धारणा टूटकर उन्हें आम इंसान न दिखा दे।
आखिर डर सबको है—बस वजह अलग-अलग है।
जब भारत देश में कोई हलचल हो, ध्रुव राठी चुप बैठे ऐसा कैसे हो सकता है।
Gyanesh Kumar वाले मामले को लेकर ध्रुव राठी का मानना है कि,
केवल ज्ञानेश कुमार को हटाना काफ़ी नहीं है बल्कि जो अगला चुनाव आयुक्त चुना जाए,
उसे प्रधानमंत्री यानि नरेंद्र मोदी जी, नेता प्रतिपक्ष यानि राहुल गांधी जी साथ ही CJI के पैनल द्वारा चुना जाना चाहिए।
जिस पर भी इन तीनों की सहमति बनेगी उसी को चुनाव आयुक्त बनाया जाना चाहिए,
अन्यथा मोदी जी पर भरोसा नहीं किया जा सकता नहीं फिर वो किसी को भी कठपुतली की तरह चुनाव आयुक्त बना देंगे।
चौकीदार की वोटचोरी की क्रोनोलॉजी :
~ पहले मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया बदली
~ नेता प्रतिपक्ष के विरोध के बावजूद ज्ञानेश गुप्ता को मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया
~ मुख्य चुनाव आयुक्त को क़ानूनी कार्यवाही के दायरे से बाहर किया
~फिर चुनाव आयोग को अपने चंगुल में लेकर वोट चोरी की
ज्ञानेश तो झांकी है, पिक्चर अभी बाक़ी है !
झूठ बोलते है ये लोग!
नहीं होगा ऐसे विकसित हमारा भारत!
एम्स की ये हालत 12 साल में नहीं ठीक कर पाए!
Teeth में फिलिंग के लिए 3-3 महीने की waitng है!
Health और education system की ऐसी तैसी कर दी गयी है!
मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और approver बन जाएं।
वोट चोरी की साज़िश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी।
आपको क्या लगता है, ज्ञानेश भाई जाएँगे?
विपक्ष तो अड़ा है, पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाना बच्चों का खेल नहीं।
संसद में 2/3 बहुमत से पहले जुडिसियल कमेटी (SC जज, HC चीफ जस्टिस और एक कानूनविद) की जांच से गुजरना पड़ता है।
भाई जी, ऐसे ही नहीं चौड़े हुये घूमते।
Vote Chori is the most serious anti-national act.
वोट चोरी सबसे बड़ा देशद्रोह है।
India is not only the biggest but the greatest democracy in the world.
BJP and the Election Commission are colluding to destroy our democracy and rob people of their voice.
जब ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे एहसान फ़रामोश नेता ने कांग्रेस छोड़ी, तब राहुल गांधी ने उन्हें फ़ोन करके यह नहीं कहा कि आप रुक जाइए।
लेकिन जब महाराष्ट्र के एक वफ़ादार नेता को भाजपा ने डरा धमकाकर पार्टी छुड़वाई, तो राहुल गांधी ने उन्हें फ़ोन किया और कहा, “मैं तुम्हारे साथ हूँ, डरने की कोई बात नहीं है।” और फिर कहा, “लव यू।”
यह है राहुल गांधी का अपने वफ़ादार नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति स्नेह और सम्मान।
गुजरात के सूरत से चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
मालिक ने कर्मचारी का 10 हजार रुपए वेतन नहीं दिया तो कर्मचारी ने बदला लेने की ठान ली।
आरोपी ने महज 150 रुपए का पेट्रोल खरीदा और दुकान के बाहर रखे कपड़ों के पार्सल में आग लगा दी।
इस आगजनी में करीब 24 करोड़ रुपए का सामान जलकर राख हो गया।
IIT Bombay का साहिल वाकोड़े की आत्महत्या से जुड़े अपने पहले बयान पर माफी मांगना बताता है कि इतने संवेदनशील मामले में जांच पूरी होने से पहले ही एक छात्र को लेकर निष्कर्ष सामने रखना कितना गंभीर था। संस्थान ने अब स्वयं माना है कि घटना की परिस्थितियों को जांच से पहले इस तरह प्रस्तुत करना उचित नहीं था।
साहिल कोई सामान्य छात्र नहीं थे। JEE Advanced में AIR 614 और प्रथम वर्ष में 8.5 CGPA उनकी प्रतिभा और मेहनत का परिचय है। ऐसे होनहार दलित युवा की असामयिक मृत्यु के बाद सबसे पहले उसके सम्मान, उसके परिवार की पीड़ा और निष्पक्ष जांच की चिंता होनी चाहिए थी।
लेकिन 19 सितंबर के बयान ने उन लोगों को मौका दिया, जो ऐसे दुखद समय में भी एक दलित छात्र को ही कठघरे में खड़ा करने और पूरे समाज को अपमानित करने में लगे रहते हैं। आज IIT Bombay की माफी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जांच पूरी होने से पहले साहिल से जुड़े तथ्यों को निश्चित रूप देकर प्रस्तुत करना उचित नहीं था।
उस परिवार की पीड़ा की कल्पना कीजिए, जिसने अपना होनहार बेटा भी खोया और फिर उसी बेटे को लेकर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े होते देखे।
देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में हर छात्र को सम्मान, समानता और सुरक्षित वातावरण मिलना चाहिए। ऐसी घटनाओं में संस्थानों की जिम्मेदारी केवल जांच तक सीमित नहीं हो सकती, उन्हें संवेदनशीलता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करनी होगी।
@INCIndia@kharge@RahulGandhi@kcvenugopalmp
राहुल गांधी के फोन के बाद राहुल बोंद्रे का BJP में जाने का फैसला बदला
◆ महाराष्ट्र के चिखली के पूर्व कांग्रेस विधायक राहुल बोंद्रे ने बीजेपी में शामिल होने का अपना फैसला बदल दिया है
◆ बीजेपी में शामिल होने की घोषणा के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राहुल बोंद्रे से फोन पर बातचीत की, बातचीत के बाद बोंद्रे ने कांग्रेस में ही बने रहने का फैसला किया
#RahulGandhi | @RahulGandhi | Rahul Siddhvinayak Bondre | Rahul Gandhi
राहुल गांधी और विनोद जाखड़
दो लोग है जो ज़मीन की लड़ाई लड़ते है लेकिन अपने ही इन्हें बर्बाद करते है , राहुल गांधी को एक राजा बर्बाद करता रहा फिर पार्टी बदल गया विनोद जाखड़ को एक मॉडर्न राजा बर्बाद करने पर तुला है पार्टी वो भी बदलेगा
ना राहुल गांधी पीछे हटा है ना विनोद जाखड़ हटने वाला है लेकिन बड़ा सवाल क्या समय रहते NSUI में पल रहे सांपो का इलाज होगा ?
लीगल नोटिस 🚨🚨 जिस भी व्यक्ति ने साहिल वाकोडे की मौत के बाद चीटिंग से जोड़कर उसका चरित्र हनन किया है, उसपर SC ST एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत होगा,
अगले 24 घंटे का समय है अपने ट्वीट डिलीट करके सार्वजनिक माफ़ी मांगे,
SC ST एक्ट में सख्त प्रावधान है किसी जीवित या मृत SC ST व्यक्ति को अपमानित करना या उसका चरित्र हनन करना जुर्म है,
[ नोट - में साहिल वाकोडे के पिता से संपर्क में हूं, जल्द ही मनुवादियों की रेल बनाई जाएगी ]
70 साल में पहली बार किसी आदिवासी के बच्चे को टॉप की चाबी मिली थी , NSUI के अपनों ने ही ताला बदल दिया . कांग्रेस के कुछ बड़े नेता और कुछ उनके चेले टाइप जो विनोद जाखड़ को हारते देखना चाहते थे उन्होंने ये भी नहीं सोचा की इतिहास बनेगा . @RahulGandhi इन सांपो को इलाज करते है या नहीं ये समय बताएगा . वैसे ये हार नहीं क्यूँकि nsui की एक बड़ी लॉबी , भाजपा का पूरा तंत्र विजय शंकर को हराने में लगा सब कुछ करके मात्र दो हज़ार का मार्जिन था , अपने साथ दे देते तो वक़्त जज़्बात बदल जाता . एक कार्यक्रम की वीडियो कुछ paid चमचो से डलवा कर रिश्तेदारी के दाग़ छिपाने में लगे है और हाईकमांड को दिखाना चाहते है की हमने मदद की .
क्या कोई रिकॉर्ड है जिससे ये साबित हो कि IIT बॉम्बे के छात्र "Sahil Wakode" ने पेपर में नकल की।
सारे एग्जाम सेंटर में कैमरे लगे हैं CCTV फुटेज कहां हैं??
क्या किसी छात्र ने अबतक बयान दिया कि प्रोफेसर ने सचमुच "Sahil Wakode" को नकल करते हुए पकड़ा— क्योंकि एग्जाम हाल में 50+ छात्र रहे होंगे?
अगर प्रशासन सबूत के साथ नकल करने की बात साबित नहीं कर पाता तो— मतलब सीधा सा है कॉलेज फैकल्टी ने दलित छात्र के खिलाफ षड्यंत्र रचा जिससे उसे जान गंवानी पड़ी।
लो मनुवादियों, IIT Bombay ने ग़लती स्वीकार की है, चीटिंग वाली फेक घटना को जानबूझकर लाया गया था, 🔥🔥
उस जातिवादी प्रोफेसर की जिंदगी नर्क कर दो, IIT Bombay के एग्जाम हॉल में CCTV लगे होते हैं, उसके फुटेज सार्वजनिक होना चाहिए,
3 महीने से दलित छात्र को जाति आधार पर टारगेट किया था, वह यह प्रताड़ना झेल नहीं पाया। UGC बिल इसलिए जरूरी है।
@iitbombay@iitdelhi
IIT-IIM जैसे संस्थान केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं, हमारे लोकतंत्र और समाज की तस्वीर भी हैं। लेकिन RTI के आँकड़े बताते हैं कि 8 IIT और 7 IIM में 80% से अधिक फैकल्टी सामान्य वर्ग से है।
इसी बीच IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मृत्यु के बाद परिवार ने जातिगत भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। संस्थान को अपने शुरुआती बयान पर माफ़ी भी माँगनी पड़ी।
जाँच अपना निष्कर्ष देगी, लेकिन एक सवाल अभी से जरूरी है - जहाँ सामाजिक प्रतिनिधित्व इतना असंतुलित हो, वहाँ बराबरी, भरोसे और संस्थागत संवेदनशीलता को मजबूत कैसे किया जाएगा?