14 वर्ष पुराने साइकिल मित्र भोजराज यादव जी से
शादी में मुलाकात हुई जहां वो 40 वर्ष की उम्र में 40 किलोमीटर साइकिल चलाकर आये थे उनकी इच्छा थी कि मैं एक बार उनकी साइकिल में बैठूँ
छोटी छोटी ख्वाहिशें बड़ी-बड़ी खुशियाँ लाती हैं,
दोस्तों की दुआयें ज़िंदगी को सदाबहार बनाती हैं।