समाज में जब शासन और सत्ता में बैठे लोग,अंधभक्तों को तुष्टिकरण के लिये न्याय पालिका को दरकिनार कर ख़ुद बुलडोज़र न्याय करने लगे,और मोबलिंचिंग तथा दंगों में पीड़ितों को ही जेल भेजने लगे,इस परिस्थित में पीस पार्टी को अपराध मुक्त समाज के लिये संघर्ष करना ही होगा।
मुस्लिम स Quran — सूरह An-Najm (53:39)
अरबी:
وَأَن لَّيْسَ لِلْإِنسَانِ إِلَّا مَا سَعَىٰ
हिंदी अनुवाद:
“और यह कि इंसान के लिए वही है जिसकी उसने कोशिश की।”
Quran — सूरह Ar-Ra’d (13:11)
अरबी:
إِنَّ ٱللَّهَ لَا يُغَيِّرُ مَا بِقَوْمٍ حَتَّىٰ يُغَيِّرُوا۟ مَا بِأَنفُسِهِمْ
हिंदी अनुवाद:
“निस्संदेह अल्लाह किसी क़ौम की हालत नहीं बदलता जब तक वे स्वयं अपने अंदर की चीज़ों को न बदलें।” माज विचार करे अपनी समस्या के समाधान के लिये उसे ख़ुद संघर्ष करना होगा न कि किसी दल को हराने या जिताने से,क्योंकि सभी दलों की पालिसी हमे ग़ुलाम बनाने की है न की हिस्सेदार बनाने और इंसाफ़ देने की।
देश में धर्म-जाती व क्षेत्र आधारित नफ़रत-तुष्टिकरण की राजनीति से किसी तरह सत्ता-शासन पर क़ब्ज़ा करना ही राजनीतिज्ञों का उद्देश्य हो गया है। जनता और देश की सेवा के बजाय,कमज़ोर-लाचार और बेबस लोगों का शोषण/उत्पीड़न व भ्रष्टाचार से धनार्जन की हवस के वे मानसिक रोगी हो गए हैं।
@mohdnafees20@PartiyPresident जब तक मुस्लिम समाज सरकार में हिस्सेदार नहीं बनेगा तब तक इंसाफ नहीं मिल सकता,
इसके लिए एक ही रास्ता है पीस पार्टी को प्रदेश के अंदर मजबूत तरीके से खड़ा क्या जाए @ppayub@PeacePartyUP1