राहुल गांधी ने कटरा से माता वैष्णो देवी के दरबार तक 14 किलोमीटर की पैदल यात्रा की।
वे चाहते तो हेलीकॉप्टर, VIP दर्शन, रेड कार्पेट और 10 से ज़्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ जा सकते थे, लेकिन उन्होंने एक सच्चे श्रद्धालु की तरह पैदल चलकर दर्शन करना चुना।
क्या आपने कभी किसी भाजपा नेता को मंदिरों में भी VIP सुविधाएं छोड़कर आम श्रद्धालु की तरह जाते देखा है?
Bengali culture is popular world over and Sweden is no exception.
During the community welcome, in which PM Kristersson was also present, a glimpse of the glorious Bengali culture was on display.
कितना नीच इंसान है, एक गरीब इंसान अपने गुज़र बसर के लिये दिन रात मेहनत कर रहा और कैसे ये नफ़रती ज़ोम्बीज़ उसे धमका रहे हैं।
@RubikaLiyaquat बधाई हो, यही वो भारत है जो तुम अपना पेट भरने के लिये बनाना चाहती थी?
ये ऑस्ट्रेलिया के मासूम सेकुलर मंदबुद्धि प्रधानमंत्री है जो फल बेचने वाला अब्दुल के झांसे में फंस गए हैं कि उसने ही आतंकियों से सबको बचाया हैं!
जबकि इस कॉम का प्लानिंग ही यही रहती हैं कि सबसे पहले plan A हमला करेगा, plan B आतंकियों से बचाने का नाटक और plan C सेकुलर महामूर्ख मंदबुद्धि नागरिक और मीडिया आतंकियों को हेडमास्टर का बेटा, फल बेचने वाला गरीब बनाकर narrative सेट करेगा ताकि आतंकियों का असली मजहब पता ना चल सके!
यही चूरन हमे 1947 चटाया गया था आधी से ज्यादा कौम ने पाकिस्तान बना लिया, और जाहिर है सब के सब तो पाकिस्तान जा नही सकते थे क्योंकि फिर सारी जमीन और प्रॉपर्टी सरकारी हो जाती इसलिए वक्फ बोर्ड को सम्हालने के लिए कुछ यहीं रह गए जो आज अल्पसंख्यक बनकर मलाई खा रहे बीजेपी छोड़ लगभग सारी ही पार्टियों के लाड़ले हैं
मेरी समझ कहती है कि कुछ तो बहुत अपशकुनी, बहुत बड़ा होने वाला है।
इन तीन खबरों को देखिए
1) राहुल गांधी जर्मनी गए और वहां उन्होंने भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की खूब बुराई की, ख़ासकर Defence में मैन्युफैक्चरिंग की
2) महाराष्ट्र कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ऑपरेशन सिंदूर के दौरान (07 मई) को कह रहे थे कि भारत ने पाकिस्तान के आतंक के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया है। वे 2 घंटे के अंदर पाकिस्तान के 08 एयरबेस तबाह होने को भारत का पराक्रम बता रहे थे।
अब वही पृथ्वीराज चव्हाण कह रहे हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन भारत बुरी तरह हारा था। हमारी एयरफोर्स डर कर दुबक गई थी और हमारे प्लेन उड़ने के लिए तैयार नहीं थे। अगर उड़ते तो मार गिराए जाते।
3) संजय राउत का दावा है कि 19 दिसंबर को कुछ बड़ा होगा। इतना बड़ा कि नरेंद्र मोदी के लिए प्रधानमंत्री पद पर बने रहना मुश्किल हो जाएगा।
अब इन तीनों खबरों के dots जोड़कर देखिए। मुझे लगता है कि 19 दिसंबर को विदेश की धरती से कोई “ostensibly classified” फाइल्स आएगी जो भारत के डिफेंस इंडस्ट्री के बारे में होगी। उस Classified फाइल्स में क्या होगा ये तो नहीं पता, पर डिफेंस सेक्टर में भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई बात हो सकती है...."बोफोर्स की तरह.."
जर्मनी और अमेरिका लंबे अरसे से भारत को अपने हथियार और फाइटर जेट्स बेचने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन भारत खरीद रहा है रूस, इजराइल और फ्रांस से। अगर ये साबित किया जा सके कि "ऑपरेशन सिंदूर" के दौरान भारत के डिफेंस इक्विपमेंट्स पाकिस्तानियों से कमतर थे और इसी कारण हमारी हार हुई तो भारत सरकार को मजबूर किया जा सकता है कि वे अमेरिकी और जर्मन हथियार खरीदे।
19 दिसंबर को आए Classified Files को दुनिया भर में प्रचारित करने में अमेरिका, यूरोप और चीन का फायदा है।
चीन का एयर डिफेंस सिस्टम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बुरी तरह फ्लॉप रहा था। पाकिस्तान को चीन ने जो मिसाइल और ड्रोन्स दिए थे, वो भारत की खेतों में ईंट- पत्थर की तरह गिर रहे थे।
चीन भी दुनिया भर में अपने हथियार खरीददारों को कह सकेगा कि देखो, अब तो भारत में भी उसके हथियारों को लेकर हंगामा है। यूरोप और अमेरिका की Classified Files भी कह रही है कि भारत हारा था।
अमेरिकी और यूरोपीय मीडिया खूब शोर मचाएगी। भारत में कांग्रेसी खूब नाचेंगे ।
लेकिन मुझे विश्वास है कि "सोनिया के पाड़ा" की ये साज़िश भी विफल होगी।
आज से केवल 12 वर्ष पूर्व तक
🎯 लोग खुले में शौच करने पर मजबूर थे।
🎯 बिजली 20-20 घंटे गायब रहती थी।
🎯 गैस सिलेंडर ब्लैक में लेना पड़ता था।
🎯 रेल्वे फाटक पर प्रतिदिन एक्सिडेंट होते थे।
🎯 मोबाइल कॉल और डाटा बहुत मंहगे थे।
🎯 डिजीटल पेमेंट नहीं कर सकते थे।
🎯 हाइवे बहुत कम थे
🎯 मेट्रो ट्रेन बहुत कम शहरों में थी।
🎯 वंदे भारत जैसी ट्रेन नहीं थी, ट्रेनों, स्टेशनों और पटरियों पर गंदगी की भरमार थी।
🎯 बार बार बम धमाके होते थे, पाकिस्तान के साथ अमन की आशा चलती थी, जम्मू कश्मीर में धारा 370 लगी हुई थी।
🎯 हमारे भगवान राम तिरपाल में थे।