छत्तीसगढ़ में पत्रकारों को पहले सिर्फ गुंडे,अपराधी, तस्कर, माफिया और कुछ भ्रष्टाचारी ठेकेदारों से खतरा था, पर अब तो पत्रकारों को पुलिस से भी खतरा नजर आ रहा है।
मुख्यमंत्री @vishnudsai जी, कहाँ है पत्रकार सुरक्षा कानून?
अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी कोई नई नहीं है। धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे का दावा है कि 1989 में गांव-गांव, शहर-शहर और देश-विदेश से पूजित होकर अयोध्या आईं सोने-चांदी, हीरे-माणिक्य और अष्टधातु की 1250 शिलाएं अब ‘गायब’ हो चुकी हैं।
ये शिलाएं 2002 तक कारसेवकपुरम में रहीं। मिट्टी की पूजित शिलाएं आज भी कारसेवकपुरम में रखी हैं, लेकिन धातु की शिलाएं कहीं दिखाई नहीं देतीं। संतोष दुबे के मुताबिक, सोने-चांदी की शिलाओं की देख-रेख का जिम्मा भी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के पास था।
ये शिलाएं कारसेवकपुरम में जहां सुरक्षित रखी गई थीं, वहां 3 ताले लगे थे। फिर ये शिलाएं कहां गायब हो गईं, यह किसी को नहीं पता है।
पूरी खबर: https://t.co/KgBAblvBeY
इन 6 लोगों को फॉलो कर लीजिए। सभी लोग फॉलो बैक करेंगे।
@Srishtivishwak4@journaditya@ajeetbind607@chandan_stp@dharamvir9917@devanshu_mani
बाकी लोग इसे रीट्वीट कर लीजिए। फिर रीट्वीट वाली लिस्ट खोलकर एक दूसरे को फॉलो कर लीजिए। सबके ही फॉलोवर बढ़ जाएंगे। जिससे जुड़िए, उनकी पोस्ट भी लाइक करते रहा करिए। इससे सबका मनोबल बढ़ा रहेगा।
“आर्थिक सुनामी आने वाली है… सिस्टम से @narendramodi का कंट्रोल ख़त्म हो रहा है… मुख्य चुनाव आयुक्त से लेकर ज्यूडिशियरी के लोग तक मुझे इंफ़ॉरमेशन दे रहे हैं… सबको लगता है जनता का बड़ा दबाव आने वाला है…” : नेता विपक्ष @RahulGandhi का बड़ा दावा
लोहाघाट में आज सुबह धारचूला से टनकपुर की ओर आ रही टनकपुर डिपो की रोडवेज बस का ब्रेक फेल हो गया। हादसे में बस ड्राइवर बेनीराम भट्ट की खुद की बस के पहिए के नीचे दबने से दर्दनाक मौत हो गई।
टनकपुर डिपो की खस्ताहाल बसों की हालत क्यों परिवहन विभाग को नहीं दिखती। ये सड़क पर रोजाना चलने वाले मौत के डिब्बों जैसी हो गई हैं।
बेनीराम भट्ट की मौत सिर्फ एक परिवार का नुकसान नहीं है, यह उस सिस्टम पर भी सवाल है जो खटारा वाहनों को सड़कों पर दौड़ने की अनुमति देता है। अगर बसों की समय पर जांच और मरम्मत होती, तो शायद आज एक परिवार अपने पिता, पति या बेटे को न खोता।
खान सर टीवी न्यूज प्रेजेंटर अंजना ओम कश्यप की यूट्यूब टीचर्स वाली बात पर काफी नाराज दिख रहे हैं। उन्होंने आज एक और वीडियो इसे लेकर बनाया है।
खान सर ने वीडियो में अंजना से सीधे तौर पर GDP का मतलब समझाने का चैलेंज देते हुए कहा कि...'अंजना तुमने गलत आदमी से पंगा ले लिया।'
Vivek sir ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है🔥
Exampur कोचिंग के संचालक Vivek Sir ने 12 जून को लखनऊ के इको गार्डन में पेपरलीक
के खिलाफ महाआंदोलन का ऐलान किया है।
आप सभी को पता है कि 29 मई को इलाहाबाद में हुए आंदोलन में शामिल होने के बाद सरकार न उनके Exampur कोचिंग को सील करवा दिया है।
Vivek Sir आज LIVE वीडियो में रोने लगे,साथ में उन्होंने ये भी कहा कि मुझे नहीं पता मेरे इस वीडियो के बाद मेरा क्या होगा।
शायद मुझपर दबाव बनाकर 12 जून को लखनऊ में होने वाले आंदोलन को रोकने का प्रयास किया जाए लेकिन आप तब भी लखनऊ जरूर पहुंचे।
@kmrvivek14 का एक एक आंशू इंकलाब लायेगा ✊
प्रयागराज में विवेक सर की कोचिंग एग्जामपुर को सील कर दिया गया। अब उनका ये वीडियो सामने आया है। वीडियो बेहद भावुक है।
आखिर में विवेक सर का रोना अखर रहा।
मुझे गहरा अफसोस है कि मैंने कल के वीडियो में मीडिया पर बोला क्योंकि उन्होंने हमें 2 कौड़ी का कहा।
आज सारे दिन सिर्फ वही बात होती रही। और ऐसा डर होने लगा कि इस मीडिया vs YouTube Teachers की बहस में कहीं पेपर लीक जैसा इतना बड़ा मुद्दा धुंधला न हो जाए।
क्योंकि सरकारें तो यही चाहती हैं कि किन्हीं दो पक्षों को लड़ाकर खुद बच जाए।
आप सबसे मेरी गुजारिश है कि अभी हमें सिस्टम ठीक करके ही सांस लेनी है। जो अति पेपर लीक की हो चुकी है, उसका अंत करने का यही सही समय है।
मैं एक बात और जोड़ना चाहूँगा कि मैंने ढाई घंटे से ज्यादा पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था और सिस्टम की खामियों पर बोला था। कृपया उस तरफ भी थोड़ा ध्यान आकर्षित कीजिए।
और रही बात कोचिंग्स की, तो नीचे दिया गया वीडियो देखिए, जो उसी वीडियो का हिस्सा है जिसमें मैंने खुद कुछ कोचिंग संस्थानों के चरित्र और कमियों पर भी खुलकर बात की है। मैंने हमेशा गलत को गलत कहा है।
दूसरा यह भी जान लीजिए कि मैंने अपनी ऑफलाइन कोचिंग्स बंद किए आज 7 साल से ज्यादा हो गए हैं। और ऑनलाइन Abhinay Maths[10lakh+ users] पर इस समय जो भी कोर्स उपलब्ध हैं, वे पूरी तरह निःशुल्क हैं।
हाँ, पिछले कई वर्षों में मैंने छात्रों के हक के लिए अनेक लड़ाइयाँ अदालतों में लड़ी हैं। आप सब जानते हैं कि न्याय पाने के लिए आज बहुत बड़ा आर्थिक खर्च करना पड़ता है। उसी खर्च को वहन करने के लिए मैं कहीं और प्रतिदिन कुछ घंटे काम करता हूँ।
मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमेशा छात्र रहे हैं, और आगे भी रहेंगे।YouTube पर लगातार free classes पढ़ा रहा हूँ। महीने में कई करोड़ लोग उन्हें देखते हैं और comment पढ़कर मेरी teaching का आसानी से आकलन कर सकते हैं।
इसलिए मेरी आप सबसे विनम्र प्रार्थना है कि व्यक्ति, मीडिया या YouTube Teachers की बहस में उलझने के बजाय उस असली मुद्दे पर ध्यान केंद्रित रखें, जिसने लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर लगा रखा है - पेपर लीक, भर्ती व्यवस्था की खामियाँ और युवाओं के साथ हो रहा अन्याय।
लड़ाई किसी एंकर से नहीं है।लड़ाई उस व्यवस्था से है जिसे ठीक होना चाहिए।
ये वीडियो देखने के बाद मेरा कलेजा रूंध सा गया कि हमारे अपने ही देश में दो भारत कैसे हो सकता है?
क्या मणिपुर भारत का हिस्सा नहीं?
क्या मणिपुर के लोग भारत के लोग नहीं?
क्या मणिपुर हमारी जिम्मेदारी नहीं?
क्या मणिपुर को हम उन्हीं के भरोसे छोड़ सकते हैं?
मणिपुर के लोगों से इतना भेदभाव क्यों?
इन सारे सवालों का जवाब कौन देगा?
कितना दुखद है, जिम्मेदार लोग विदेशों में घूम रहे हैं लेकिन वो मणिपुर नहीं जाएंगे, वो मन की बात तो करते हैं लेकिन मणिपुर की बात नहीं करते।
हमारे देश के प्रधानमंत्री हों या गृह मंत्री हों सभी को इस गंभीर मामले पर संज्ञान लेना चाहिए ताकि मणिपुर को उसका असली सम्मान मिले।