ये है अंजना ओम कश्यप
कल आजतक और मैडम के साथ जो व्यवहार
हुआ उत्तराखण्ड में उस पर कुछ पत्रकार साथी कह रहे है की सब को आवाज़ उठानी चाहिए ऐसे मीडिया का विरोध ग़लत है
मेरे उन से सवाल है कुछ
क्या आजतक और अंजना ने कभी किसानो की आवाज़ उठाई कितने किसान मर गये आन्दोलन में
क्या आजतक और अंजना ने कभी महंगाई के ���़िलाफ़ आवाज़ उठाई
क्या आजतक और अंजना ने मणिपुर की आवाज़ उठाई
क्या आजतक और अंजना ने लद्दाख की आवाज़ उठाई
जब ये देश में किसी भी असली मुद्दे पर आवाज़ नहीं उठाते तो हम इनके लिए आवाज़ क्यों उठाए वो भी जब पब्लिक इनके काम के लिए इनका विरोध कर रही है ?
ख़ैर यहाँ तक पढ़े हो तो एक अच्छा काम कर कहा रीट्वीट वाला बटन दबा देना टैक्स नही लगता है 😂
हमसे क्या भूल हुई,
जो ये सजा हमको मिली!
सबके हड़ताल अवधि का वेतन दिया,
लेकिन हमको छोड़ दिया!
एक आदमी
रोटी बेलता है,
एक आदमी रोटी खात��� है,
एक तीसरा आदमी भी है,
जो न रोटी बेलता है, न रोटी खाता है
वह सिर्फ रोटी से खेलता है
मै पूछता हू
यह तीसरा आदमी कौन है?
मेरे देश की संसद मौन है!
मान. मु���्यमंत्री श्री @vishnudsai जी से @cgmgkm की प्रांतीय टीम ने आज पुनः मुलाकात कर राजस्थान की भांति छत्तीसगढ़ मे भी मनरेगा कर्मियो के नियमितीकरण करने हेतु आग्रह किया
राजस्थान मे 4966 मनरेगा कर्मियो हेतु नियमित पदो का सृजन
छत्तीसगढ़ के मनरेगा कर्मियो मे जगी आस!
#Chhattisgarh
@satyarajput321 भैया को छत्तीसगढ़ सर्व विभागीय संविदा कर्मचारी महासंघ की ओ��� से कोटि कोटि धन्यवाद एवम आभार।
आप ने मीडिया एवम सोशल मीडिया में हमारे 30 दिवस आकस्मिक अवकाश की बात पुरजोर तरीके से रखी। जिससे हमें पुनः 18 से 30 दिवस का अवकाश प्राप्त होने लगा।
धन्यवाद भैया।🙏🙏🙏🙏🙏
��दि राजस्थान मे मनरेगा कर्मियो का नियमितीकरण हो सकता है,
तो छत्तीसगढ़ मे क्यो नही?
राजस्थान - 4966 मनरेगा अधिकारी/कर्मचारियो के लिए नियमित पदो का सृजन
छत्तीसगढ़ - मनरेगा अधिकारी/कर्मचारी अपने सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा के लिए संघर्षरत!
जबकि दोनो ही राज्य मे डबल इंजन की सरकार!